धान की फसल बिछ गयी खेतों में और मूंगफली की फसलों को नुकसान
कल भी बारिश का अलर्ट , हो सकती है मूसलाधार बारिश
झांसी। गुरुवार सुबह से बारिश हो रही है। बंगाल की खाड़ी से उठे तूफान का असर झांसी में भी नजर आ रहा है। गुरुवार सुबह से यहां झमाझम बारिश हो रही है। लगातार बारिश होने से ठंडक बढ़ गई है। सुबह स्कूली बच्चों और ऑफिस जाने वाले लोगों को परेशानी हुई। कोई छाता लगाकर तो कोई रेनकोर्ट पहनकर घर से निकले।
बारिश के कारण शहर व् गाँव में लोग काफी परेशान देखे गए। इस बारिश से किसानों के चेहरे मुरझा गए है। किसान की कमर टूटती नजर आ रही है। गाँव में महिलाएं यह कहती नजर आ रही है कि हाय दईया जो का हो रओ और अब का होवे वालो है।
विवरण के मुताविक इससे पहले बीते 27 अक्टूबर को 55 मिलीमीटर बारिश हुई थी। बारिश की वजह से पककर तैयार हुई फसलें चाैपट हो गई। धान और मूंगफली की फसलों को ज्यादा नुकसान पहुंचा है। अफसर फील्ड में उतरकर नुकसान का आंकलन कर रहे हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मोन्था तूफान का असर शुक्रवार तक रहेगा। इसके बाद प्रभाव कम हो जाएगा। 26 अक्टूबर की रात को अचानक मौसम ने करवट ली थी। इसके बाद 27 अक्टूबर को पूरे दिन बरसात हुई थी। 55 मिलीमीटर बारिश होने से ठंडक बढ़ गई थी। 28 और 29 अक्टूबर को महानगर में मौसम साफ रहा। मगर, गुरुवार सुबह आसमान में बादल छा गए और बारिश होने लगी। सुबह लगभग 7 बजे शुरू हुई तेज बारिश रुक रुककर लगातार जारी है। इससे ठंड बढ़ गई है। बचने के लिए लोगों ने सुबह गर्म कपड़ों का सहारा लिया है। बारिश की वजह से आई ठंडक ने पारा भी गिरा दिया है। बुधवार को अधिकतम तापमान 25.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जो सामान्य से 7.2 डिग्री सेल्सियस कम है। वहीं, न्यूनतम तापमान 18.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बारिश की वजह से आज के तापमान में गिरावट देखी जा सकती है। वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से उठा मोन्था तूफान बुंदेलखंड समेत पूर्वी उत्तर प्रदेश में सक्रिय है। इस वजह से बारिश हो रही है। तूफान का असर शुक्रवार तक रहेगा। इसके बाद प्रभाव कम हो जाएगा। बारिश होने से धान और मूंगफली की फसलों को नुकसान है। अभी रबी की फसल (दलहन और तिलहन) की वुबाई शुरू हो जाती है। अब फसल देर से बोयी जायेगी।
प्रदेश समाचार / झांसी टीम





