सरकार और उद्योग जगत के बीच इस प्रकार का सहयोग अनुकरणीय मॉडल प्रस्तुत करता है :रमित शर्मा
लखनऊ। मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश योगी आदित्यनाथ द्वारा महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन को और सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से दिये गये निर्देशों के क्रम में पुलिस महानिदेशक उ0प्र0 राजीव कृष्ण के मार्गदर्शन में जनपद सम्भल में 15 पुलिस थानों में मातृत्व एवं शिशु देखभाल कक्षों का उद्घाटन व महिला पुलिसकर्मियों को 15 होंडा एक्टिवा का वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
अपर पुलिस महानिदेशक कानून एवं व्यवस्था उत्तर प्रदेश अमिताभ यश द्वारा आज दिनांक 24-01-206 को उक्त कार्यक्रम का डिजिटल माध्यम से उद्घाटन किया गया । यह कार्यक्रम एडीजी बरेली जोन रमित शर्मा, डीआईजी मुरादाबाद मुनिराज गोबू, पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई, अपर पुलिस अधीक्षक (दक्षिण) सुश्री अनु
कृति शर्मा, टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस लिमिटेड एवं राउंड टेबल इंडिया के वरिष्ठ प्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति में सम्पन्न हुआ। टाटा एआईजी एवं राउंड टेबल इंडिया के प्रतिनिधि विशेष रूप से मुंबई एवं
दिल्ली से कार्यक्रम में शामिल हुए ।
कार्यक्रम का शुभारंभ पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई के स्वागत उद्बोधन से हुआ। इसके पश्चात डीआईजी मुरादाबाद मुनिराज गोबू ने अपने संबोधन में विस्तार से बताया कि किस प्रकार संभल पुलिस द्वारा उजागर की गई संगठित बीमा धोखाधड़ी की जांच ने बीमा कंपनियों को सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के माध्यम से इस नवीन एवं मानवीय पहल से जुड़ने के लिए प्रेरित किया ।
इसके उपरांत देवांग पांड्या, वाइस प्रेसिडेंट एवं लीड – CSR एवं सस्टेनेबिलिटी, टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस लिमिटेड तथा पारस मेहरोत्रा, नेशनल प्रोजेक्ट्स को-कोन्वीनर, राउंड टेबल इंडिया ने अपने संबोधन में दोनों संस्थाओं के मूल्यों, मार्गदर्शक सिद्धांतों एवं संभल जनपद में इस परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी दी।
तत्पश्चात एडीजी बरेली जोन रमित शर्मा ने अपने संबोधन में इस पहल के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सरकार और उद्योग जगत के बीच इस प्रकार का सहयोग महिला सशक्तिकरण एवं संवेदनशील प्रशासन की दिशा में एक अनुकरणीय मॉडल प्रस्तुत करता है। कार्यक्रम के दौरान इस पहल की सामाजिक एवं संस्थागत महत्ता को दर्शाती एक दो मिनट की लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई। इसके पश्चात अपर पुलिस महानिदेशक कानून एवं व्यवस्था अमिताभ यश द्वारा मातृत्व एवं शिशु देखभाल कक्षों का डिजिटल उद्घाटन किया गया ।
अपने संबोधन में एडीजी कानून एवं व्यवस्था अमिताभ यश ने संभल पुलिस की पेशेवर, गहन एवं परिणाम आधिरित जांच की सराहना की, जिसके माध्यम से न केवल संगठित बीमा धोखाधड़ी पर प्रभावी अंकुश लगाया गया, बल्कि इसके सकारात्मक प्रतिफल के रूप में महिला पुलिसकर्मियों के लिए क्रेच एवं दोपहिया वाहन जैसी कल्याणकारी सुविधाएं भी साकार हुईं। उन्होंने कहा कि महिला पुलिसकर्मियों की संख्या निरंतर बढ़ रही है और इस प्रकार की पहल उन्हें पेशेवर दायित्वों एवं पारिवारिक जिम्मेदारियों के संतुलन में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान करेंगी। उन्होंने कहा कि यह उद्योग जगत एवं पुलिस के समन्वय का उतकृष्ट उदहारण है और इस पर विचार करने की आवश्यकता है कि कैसे इस पहल को प्रदेश स्तर पर अपस्केल किया जा सकता है । इस पूरे कार्यक्रम से सभी राज्यों की पुलिस को प्रेरण लेनी चाहिए। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी उद्योग जगत सामाजिक विकास एवं महिला सशक्तिकरण के लिए इसी प्रकार सहयोग करता रहेगा।
रिपोर्ट : बालेन्द्र गुप्ता सम्पादक

निदेशक, उ0प्र0 ने अपने संबोधन में कहा कि थाना व्यवस्था स्पष्ट एवं सुव्यवस्थित है, परन्तु प्रभावी पुलिसिंग के लिए बीट प्रणाली अत्यंत महत्वपूर्ण इकाई रही है, जो पिछले 100-125 वर्षों से पुलिस की मूल संरचना का आधार रही है। बीट कांस्टेबल की भूमिका ऐतिहासिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। समय के साथ बीट क्षेत्रों का आकार एवं संख्या मैनपावर की उपलब्धता के अनुसार बदलती रही है, जिससे अपराधियों की सही जानकारी संकलन एवं अद्यतन में कठिनाइयाँ आती थीं। ‘फर्द क’ एवं ‘फर्द ख’ जैसी व्यवस्थाएँ होते हुए भी व्यावहारिक रूप से सूचनाओं का आदान-प्रदान प्रभावी नहीं हो पाता था। परिणामस्वरूप अपराधियों की गतिविधियों, उनके निवास स्थान एवं आपराधिक इतिहास की समुचित जानकारी समय पर उपलब्ध नहीं हो पाती थी।




