सत्र 2025–26 में शत-प्रतिशत सीटों पर प्रवेश, अभिभावकों में उत्साह
विश्वविद्यालय के 28 परास्नातक कार्यक्रमों में भी उत्कृष्ट प्रतिक्रिया मिली है
झाँसी। रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, झाँसी ने प्रवेश सत्र 2025–26 में एक बार फिर अपनी उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रतिष्ठा का प्रमाण दिया है। निदेशक शिक्षा डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा आयोजित परीक्षा में देशभर के विद्यार्थियों ने कृषि शिक्षा के प्रति गहरी रुचि दिखाई, और इसमें झाँसी का यह कृषि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों की प्रथम पसंद बनकर उभरा।
डॉ. कुमार के अनुसार विश्वविद्यालय द्वारा संचालित विभिन्न कार्यक्रमों में इस वर्ष अभूतपूर्व नामांकन हुआ है। स्नातक स्तर पर कृषि, उद्यानिकी, मात्स्यिकी और प्राकृतिक खेती जैसे प्रमुख पाठ्यक्रमों में लगभग सभी सीटें भर गईं, जबकि वानिकी को छोड़कर सभी कार्यक्रमों में शत-प्रतिशत प्रवेश दर्ज किया गया।
विश्वविद्यालय के 28 परास्नातक कार्यक्रमों में भी उत्कृष्ट प्रतिक्रिया मिली है, और 98 में से 88 सीटों पर प्रवेश पूरा हो चुका है, जो 90 प्रतिशत के बराबर है। वहीं, पीएचडी की 12 शैक्षणिक धाराओं में 29 में से 23 शोधार्थियों ने प्रवेश लिया है, जो 80 प्रतिशत उपलब्धि दर्शाता है।
डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि देश के विभिन्न राज्यों से आए अभ्यर्थियों ने विश्वविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण, विशेषज्ञ संकाय, समृद्ध प्रयोगशालाओं और कौशल आधारित प्रशिक्षण सुविधाओं की सराहना की है। प्रवेश प्रक्रिया के दौरान परिसर में विद्यार्थियों और अभिभावकों की भारी उपस्थिति देखी गई। कई अभ्यर्थी एवं उनके माता-पिता विश्वविद्यालय की इमारत के सामने उत्साहपूर्वक फोटोग्राफ लेते दिखाई दिए। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि न केवल विश्वविद्यालय की बढ़ती प्रतिष्ठा का संकेत है, बल्कि बुंदेलखंड क्षेत्र में कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान के प्रति बढ़ते विश्वास को भी दर्शाती है। विश्वविद्यालय ने अगले शैक्षणिक वर्ष को विद्यार्थियों के कौशल विकास, शोधोन्मुख शिक्षा और आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रसार को समर्पित करने की घोषणा की है।
प्रदेश समाचार / झाँसी टीम





