वन्देमातरम अनिवार्य करने पर 27 साल पहले मंत्री पद से बर्खास्त हुए थे रवींद्र शुक्ल

उस समय केंद्र व प्रदेश में थी भाजपा की सरकार
दीपक कठिल / झांसी। राष्ट्र गीत वन्देमातरम के 150 साल पूरे होने पर आज लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का व्यक्तव्य सचमुच झकझोर देने वाला रहा l उन्होंने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि आजादी के आंदोलन को धार देने वाले राष्ट्रगीत को किस तरह देश के तत्कालीन नीति नियंताओं ने तुष्टिकरण की राजनीति के चलते काट छांट कर उसके मूल स्वरूप को नष्ट करने का काम किया I इस ऐतिहासिक भूल पर तमाम प्रमाणों के साथ बहुत ही नपे तुले शब्दों में उन्होंने लोकसभा में चर्चा के दौरान बोलते हुए समूचे राष्ट्र को सच्चाई से रूबरू कराया l विलायती हुकूमत के खिलाफ लड़ने और अपनी जान न्यौछावर करने वाले लाखों योद्धाओं की नस नस में जोश भरने वाले राष्ट्रगीत का यह सम्मान निश्चित रूप से आजाद भारत में वंदनीय और अभिनंदनीय है l पहली बार राष्ट्र गीत वन्देमातरम का इस तरह महिमा मंडन कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और केंद्र सरकार ने एक नया इतिहास रचने का काम किया है l
लोकसभा में प्रधानमंत्री जी के झकझोर देने वाले संबोधन को सुनते समय आज से 27 साल 4 दिन पहले की 4 दिसंबर 1998 की वो तारीख भी याद आ गई,जब उत्तर प्रदेश के प्राथमिक स्कूलों में राष्ट्रगीत वन्देमातरम का गायन अनिवार्य करने पर तत्कालीन बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार रवींद्र शुक्ल को बर्खास्त कर दिया गया था l वह भी तब जब केंद्र व प्रदेश में भाजपा की सरकार थी l शुक्ल ने अपनी महत्वाकांक्षी कल्प योजना के तहत प्रदेश के सरकारी स्कूलों में वन्देमातरम और सरस्वती वंदना का गायन अनिवार्य कर दिया था l इस पर लोकसभा में जमकर हंगामा हुआ I इतना ही नहीं उनके खिलाफ फतवा भी जारी हुआ I आदेश वापस लेने, न लेने को लेकर कई दिनों तक काफी जद्दोजहद हुई l अंततः 4 दिसंबर 1998 को आजाद भारत में पहली बार राष्ट्रगीत वन्देमातरम को अपेक्षित सम्मान दिलाने की कोशिश करने वाले वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई की नगरी का 4 बार से लगातार प्रतिनिधित्व कर रहे तत्कालीन बेसिक,प्रौढ़ व अनौपचारिक शिक्षा राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार रवींद्र शुक्ल रातों रात बर्खास्त कर पैदल कर दिए गए I भाजपा सरकार के रहते यह सब कैसे हुआ,क्यों हुआ यह प्रश्न 27 साल लंबे अतीत के पन्नों में आज तक दबा हुआ है l राष्ट्रगीत वन्देमातरम के लिए पद गंवाने वाले शुक्ल आज राजनीतिक क्षेत्र में भले प्रभावी भूमिका में न हों पर अपने राष्ट्रवादी तेवरों को अनवरत साहित्य सृजन और हिंदी साहित्य भारती के बैनर तले कलमकारों के बीच रचनात्मक कार्यक्रमों के द्वारा लगातार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पटल पर धार देने की उनकी साधना लगातार जारी है।
प्रदेश समाचार / झाँसी टीम

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    प्रत्येक बूथ पर फॉर्म-6,7 व 8 की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
    झांसी। जिला निर्वाचन अधिकारी / जिलाधिकारी मृदुल चौधरी ने विशेष अभियान दिवस पर बीएलओ के कार्यों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने नए मतदाताओं से संवाद करते हुए अधिक से अधिक लोगों को मतदाता सूची में शामिल करने हेतु फॉर्म-6 भरवाए जाने की अपील की।
    भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर आयोजित विशेष अभियान का जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी मृदुल चौधरी ने औचक निरीक्षण किया, निरीक्षित मतदेय स्थलों में पी.एम.श्री प्राथमिक विद्यालय डी.सी. तालपुरा बूथ संख्या 227 से 230 एंव बिपिन बिहारी इंटर कालेज नया भवन झाँसी बूथ संख्या 252 से 255 का निरीक्षण किया। मौके पर इन बूथ से सम्बन्धित कार्य सुपरवाइजर द्वारा अन्य बीएलओ के सहयोग से कराया जा रहा है। इस पर उन्होंने संतोष व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि कार्य में संवेदनशीलता और पारदर्शिता का विशेष ध्यान रखा जाए।
    जिला निर्वाचन अधिकारी को निरीक्षण के समय यह तथ्य संज्ञान में आया कि बीएलओ के पास कुछ फार्म डिजिटाइजेशन हेतु लम्बित हैं। उन्होंने सभी सुपरवाइजर्स को निर्देशित किया है कि अपने से सम्बन्धित सभी मतदेय स्थलों पर प्राप्त होने वाले फार्म 6, 7 व 8 की सूचना एकत्रित की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी फार्म 24 घंटे के अन्दर अनिवार्य रूप से डिजिटाइज्ड हो जाए। इसके अतिरिक्त एईआरओ के द्वारा फील्ड वैरिफिकेशन के लिए जो फार्म बीएलओ को भेजे गये हैं, उनका भी सत्यापन करके एक सप्ताह के भीतर एईआरओ के पोर्टल पर वापस करें। दोनों प्रकार के फार्म्स से सम्बन्धित सूचना क्षेत्रीय सुपरवाइजर द्वारा एकत्रित करके एईआरओ को प्रतिदिन भेजी जाए।
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    जिला निर्वाचन अधिकारी/ जिलाधिकारी मृदुल चौधरी ने बूथ पर उपस्थित बीएलओ से अब तक की गई कार्यवाही की जानकारी ली और निर्देश दिए की सावधानी और संवेदनशीलता से कार्य करना सुनिश्चित करें। इसी क्रम में उन्होंने विभिन्न बूथों पर उपस्थित सम्मानीय मतदाताओं से भी संवाद स्थापित किया और उन्हें आने वाली समस्याओं की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान उन्होंने उपस्थित आम जनमानस से मतदाता सूची में अधिक से अधिक पात्र को शामिल करने हेतु फॉर्म छह भरकर बीएलओ को जमा कराने की सलाह दी। जिला निर्वाचन अधिकारी/ जिलाधिकारी के औचक निरीक्षण पर सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी तहसीलदार झांसी एवं क्षेत्रीय सुपरवाइजर उपस्थित रहे।
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