छूटा ट्रॉली बैग मिला तो चेहरे पर लौटी मुस्कान
झांसी। सोचिए अगर आपका कोई कीमती सामान और जेवरातों से भरा हुआ ट्रॉली बैग रेलवे स्टेशन पर छूट गया हो, तो आप यही समझेंगे की अब नहीं मिलेगा। लेकिन वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी रेलवे स्टेशन में एेसा नहीं हुआ। स्टेशन से बीना जाने के लिए एक महिला का रेलवे स्टेशन की स्वचालित सीढ़ी पर जेवरों से भरा बैग छूट गया। वह एक ईमानदार जीआरपी व आरपीएफ के चलते उन्हें वापस मिल गया। इस कार्य से ईमानदार जीआरपी व आरपीएफ की जमकर तारीफ हो रही है।
वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी रेलवे स्टेशन से एक दिल को छू लेने वाली घटना सामने आई है जो हमें यह याद दिलाती है कि ईमानदारी और मानवता आज भी जिंदा है। बीती रात झांसी से बीना जा रही एक महिला यात्री का ट्रॉली बैग स्वचालित सीढ़ी पर छूट गया। इस बैग में लाखों रुपये के आभूषण थे। इसकी सूचना जीआरपी व आरपीएफ को दी गई। जीआरपी व आरपीएफ ने स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों को चेक किया। और फिर जो हुआ, वह एक मिसाल बन गया।
आरपीएफ और जीआरपी की टीम ने तत्परता से काम किया। उन्होंने ट्रॉली बैग की खोजबीन की। कुछ देर बाद ट्रॉली बैग मिल गया, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उनके चेहरे पर मुस्कान लौट आई, और उन्होंने जीआरपी और आरपीएफ का दिल से आभार व्यक्त किया। इस घटना ने हमें यह सिखाया कि जब हम एक दूसरे की मदद करते हैं, तो समाज में विश्वास और भाईचारा बढ़ता है। जीआरपी और आरपीएफ की इस ईमानदारी न केवल महिला का दिन बना दिया, बल्कि हम सभी को यह याद दिलाया कि मानवता की रोशनी कभी बुझती नहीं है।
बताते हैं कि पुलिस अधीक्षक रेलवे विपुल कुमार श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में यात्रियों एवं उनके सामान की सुरक्षा के दृष्टिगत रेलवे स्टेशनों में अपराध नियंत्रण ,सर्कुलेटिंग एरिया , एवं चोरी/गुम हुए सामान की बरामदगी के अभियान में पुलिस उपाधीक्षक रेलवे सलीम खान के निकट पर्यवेक्षण में आगन्तुका शाहजहां बेगम पत्नी जम्मन खान निवासी 514 सैयर गेट झाँसी अपने नाती मुजम्मिल के साथ ट्रेन नं0 20424 पातालकोट एक्सप्रेस से रेलवे स्टेशन झाँसी से बीना जा रहे थी। रेलवे स्टेशन झाँसी पर स्वचालित सीढ़ी से चढ़ते समय भीड़- भाड़ होने के कारण उनका ट्राली बैग छूट खो गया। ट्रॉली बैग में हार सोने का, मंगलसूत्र सोने का, 04 सोने के कंगन, कान की झुमकी एक जोड़ी, 04 अंगूठी, कान का टाप्स(सोने का), हैयर पिन(सोने की), चांदी की पायल, चांदी की हसुली रखी थी। इसमें करीब 130 ग्राम सोना जिसकी कीमत करीब 17 लाख व चांदी करीब 900 ग्राम जिसकी कीमत करीब 01 लाख 17 हजार रुपये रखा है । ट्रॉली बैग को काफी देर तक ढूंढा, लेकिन नही मिला । इसकी सूचना जीआरपी व आऱपीएफ को दी गई थी।
इस टीम को मिली है सफलता
जीआरपी थाना प्रभारी निरीक्षक रामेन्द्र मिश्रा, आरपीएफ थाना प्रभारी निरीक्षक बृजेंद्र कुमार, आरपीएफ उपनिरीक्षक यतेंद्र कुमार, सहायक उपनिरीक्षक विश्राम, जीआरपी के मुख्य आरक्षी अजय कुमार त्रिपाठी, गिरजेश कुमार, राहुल दुबे, भाष्कर शुक्ला शामिल रहे है।
रिपोर्ट : बालेन्द्र गुप्ता ( सम्पादक )





