जीएसटी के वकील के घर पर भी छापा, लंबी पूछताछ जारी
सत्तर लाख रुपए घूस लेने के आरोप में सीबीआई की बड़ी कार्रवाई
झांसी। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी), झाँसी, उत्तर प्रदेश कार्यालय में चल रहे एक रिश्वतखोरी रैकेट का भंडाफोड़ किया है। इस अभियान के दौरान सीबीआई ने एक उप आयुक्त (आईआरएस-सी एंड आईटी), दो अधीक्षकों, एक अधिवक्ता तथा एक निजी कंपनी के स्वामी को रिश्वत मामले में गिरफ्तार किया है।
विवरण के मुताविक सीबीआई ने मंगलवार को दर्ज इस मामले में सीजीएसटी, झाँसी में तैनात उप आयुक्त (आईआरएस-सी एंड आईटी 2016 बैच), दो अधीक्षकों, एक अधिवक्ता, निजी कंपनियों के स्वामियों तथा कुछ अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध एक निजी फर्म को जीएसटी चोरी के मामलों में अनुचित लाभ पहुँचाने के लिए 1.5 करोड़ रुपये की अवैध मांग के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की थी। सीबीआई ने जाल बिछाकर अधीक्षक अनिल तिवारी और अजय कुमार शर्मा को 70 लाख रुपये की रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार किया। यह रिश्वत सीजीएसटी झाँसी के उप आयुक्त के कहने पर ली जा रही थी। गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों में दोनों अधीक्षक, उप आयुक्त, एक अधिवक्ता तथा एक निजी कंपनी के स्वामी शामिल हैं। इसके बाद की गई तलाशी में लगभग 90 लाख रुपये नकद, कई संपत्ति दस्तावेज तथा भारी मात्रा में आभूषण/सोना-चाँदी बरामद किए गए हैं। तलाशी की प्रक्रिया अभी जारी है और आगे की जाँच लगातार की जा रही है। अब तक कुल लगभग 1.60 करोड़ रुपये नकद बरामद किए जा चुके हैं। इस मामले में टीम ने सीजीएसटी की डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी को भी गिरफ्तार कर लिया।
बताते हैं कि इससे पहले ऑनलाइन सट्टेबाजी रैकेट से जुड़े मामलों में सीबीआई की टीम पर स्थानीय पुलिस ने एक बार स्पेशल 26 जैसी स्थित मानकर पूछताछ की थी, लेकिन बाद में पुष्टि के बाद उन्हें छोड़ दिया गया था, जो अवैध बिटकॉइन लेनदेन से संबंधित था। टैक्स चोरी के एक रैकेट से वकील के जुड़े होने की पुख्ता सूचना पर कार्रवाई की गई है। बताते हैं कि केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) के कर्मियों के साथ सीबीआई ने जय दुर्गा हार्डवेयर के मालिक राजू मंगतानी और वकील नरेश कुमार गुप्ता को गिरफ्तार किया है। सीबीआई ने घूस मांगने के मामले में मंगलवार को अपनी पड़ताल शुरु की थी और केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) के कार्यालय में रिश्वतखोरी रैकेट का पर्दाफाश किया। तलाशी के दौरान इनके पास से 90 लाख रुपए, कई संपत्ति दस्तावेज समेत सोने चांदी के जेवरात बरामद हुए हैं। बरामद माल की कीमत एक करोड़ 60 लाख रुपया आंकी गई है। सूत्रों का कहना है कि अधीक्षक अनिल तिवारी, अधीक्षक अजय शर्मा, अधिवक्ता नरेश गुप्ता मिलकर जीएसटी कर चोरी के मामले निपटाते थे। इनके खिलाफ प्राइवेट फर्मों को फायदा पहुंचाने के लिए एक करोड़ 50 लाख रुपए घूस मांगने के आरोप में मामला दर्ज किया है।
बारह दिन पहले मारा था छापा
19 दिसंबर को डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी के नेतृत्व में सेंट्रल जीएसटी की टीम ने झोकन बाग में जय दुर्गा हार्डवेयर फर्म पर छापा मारा था। फर्म पर टैक्स में गड़बड़ी करने का आरोप था। टीम यहां से 3 बोरों में कागजात भरकर ले गई थी। इस मामले की छानबीन चल रही थी। बताया जा रहा है कि इस मामले को निपटाने के लिए सेंट्रल जीएसटी अफसर डेढ़ करोड़ रुपए की डिमांड कर रहे थे। इसको लेकर वकील नरेश कुमार गुप्ता के जरिए जय दुर्गा हार्डवेयर का प्रोपराइटर राजू मंगनानी से बातचीत चल रही थी। इसका इनपुट सीबीआई तक पहुंच गया था। तभी सीबीआई ने मंगलवार को केस दर्ज किया था।
बरामद माल की कीमतआंकी गई लगभग 1.60 करोड़
इसके बाद कस्टम एंड इनडायरेक्ट टैक्स के कर्मियों के साथ सीबीआई ने जय दुर्गा हार्डवेयर के मालिक राजू मंगतानी और वकील नरेश कुमार गुप्ता को गिरफ्तार किया। इसके बाद उनके ठिकानों पर छापा मारकर एक करोड़ 60 लाख रुपए और जेवर जब्त किए। तलाशी के दौरान इनके पास से 90 लाख रुपए, कई प्रॉपर्टी के दस्तावेज समेत सोने-चांदी के जेवरात बरामद हुए। बताया गया है कि सुपरिटेंडेंट अनिल तिवारी, सुपरिटेंडेंट अजय शर्मा, वकील नरेश गुप्ता मिलकर जीएसटी चोरी के मामले निपटाते थे। इनके खिलाफ प्राइवेट फर्मों को फायदा पहुंचाने के लिए 1.5 करोड़ रुपए की घूस मांगने का केस दर्ज किया गया है। सीबीआई का कहना है कि सभी आरोपियों को मेडिकल जांच के बाद कोर्ट में पेश किया जाएगा।
रिपोर्ट : बालेन्द्र गुप्ता





