कर्ज की वजह से आया लालच में दिया घटना को अंजाम
पुलिस को देखकर चलाई गोली , हुआ घायल
रकम ठिकाने लगाने जा रहे थे छतरपुर
झांसी। बीते 12 दिन पहले रेलवे कलेक्शन के 69.78 लाख रुपए लेकर भागे मामा-भांजे का पुलिस ने एनकाउंटर कर दिया। पैर में गोली लगने से भांजा घायल हो गया, जबकि मामा को पुलिस ने घेरकर पकड़ लिया। उनके पास से गबन की पूरी रकम, एक कार, तमंचा और कारतूस बरामद हुए हैं। घायल भांजे को मेडिकल कॉलेज में एडमिट करवाया गया है। घायल भांजा कलेक्शन कंपनी सीएमएस इन्फो लिमिटेड में एजेंट था। उसका काम रेलवे स्टेशन से टिकट कलेक्शन की रकम लेकर बैंक में जमा करने का था। इस रकम को लेकर भागने में उसने मामा के साथ मिलकर प्लान बनाया था। भांजे ने पहले अपने परिवार से सारे संबंध तोड़ दिए थे। इसके बाद घरवालों ने भी उसे कानूनी रूप से बेदखल कर दिया था। फिर भांजे ने मामा के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया।
सीएमएस इन्फो लिमिटेड कंपनी में प्रेमनगर के नगरा कसाई बाबा निवासी अंशुल साहू कलेक्शन एजेंट था। वो उत्तर मध्य रेलवे के टिकट कलेक्शन का पैसा स्टेशन रोड पर भारतीय स्टेट बैंक में जमा करने का काम करता था। 13 अक्टूबर को वह झांसी रेल कार्यालय पहुंचा। यहां से अंशुल 69 लाख 78 हजार 642 रुपए लेकर बैंक में जमा करने के लिए निकल गया। मगर वो रकम को जमा करने बैंक नहीं गया, बल्कि पूरा पैसा लेकर भाग गया। तब कंपनी के मैनेजर गौतम गर्ग ने नवाबाद थाने में अंशुल के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। मामला दर्ज होने के बाद नवाबाद थाने की पुलिस ने स्वॉट टीम के साथ मिलकर उसकी तलाश शुरू कर दी थी।
पुलिस को देखकर चलाई गोली
एसपी सिटी प्रीति सिंह ने बताया- वारदात के 13 दिन बाद रविवार सुबह 5:30 बजे मुखबिर ने सूचना दी कि अंशुल साहू समेत दो लोग भगवंतपुरा के पास कार लेकर कहीं जाने वाले हैं। इस पर नवाबाद थाना प्रभारी जेपी पाल और स्वाट टीम प्रभारी जितेंद्र तक्खर ने पुलिस टीम के साथ चेकिंग शुरू कर दी। जब आरोपी कार लेकर आए, तो उनको रोकने का प्रयास किया। वे सभी पुलिस को देखकर जंगल की ओर भागने लगे। पुलिस ने पीछा कर उन्हें रोकने का प्रयास किया। जिस पर उन्होंने पुलिस पर फायरिंग कर दी। काउंटर अटैक में अंशुल साहू पुत्र रतीराम के पैर में गोली लग गई। जिसके बाद उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया गया। वहीं उसके मामा जीवन साहू को पुलिस ने घेरकर पकड़ लिया। दोनों से पूरी रकम बरामद कर ली गई है।
कर्ज की वजह से आया लालच
एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति ने बताया- आरोपी अंशुल पर बहुत ज्यादा कर्ज हो गया था। इस वजह से वह परेशान रहता है। अंशुल ने पुलिस को बताया- मैं अक्सर रकम जमा करने के लिए जाता था। यह देखकर मन में लालच आ गया और पैसा हड़पने के लिए प्लान बनाया। प्लान के मुताबिक पहले मैंने अपने परिवार से संबंध तोड़कर गजट निकलवाया। इसके बाद मामा के साथ मिलकर 13 अक्टूबर को घटना को अंजाम देकर फरार हो गया था। हम दोनों ने रुपए छिपाकर रखे थे। काफी दिन बीत जाने के बाद माहौल शांत होता देख हम रुपयों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने के लिए कार से छतरपुर जा रहे थे। तभी मुखबिर की सूचना पर दोनों मुठभेड़ में पकड़े गए।
प्रदेश समाचार / झाँसी सिटी टीम





