उरई : आशीर्वाद होटल के बावर्ची की गोली लगने से हुई मौत, मचा हड़कंप

आशीर्वाद होटल में बाउंसर व बाबर्ची पी रहे थे शराब
पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष का है होटल, बेटे की लाइसेंसी बंदूक से लगी गोली
उरई। कोंच के चर्चित आशीर्वाद होटल के रूम में संदिग्ध परिस्थितियों में बावर्ची की गोली लगने से मौत हो गई। घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुट गई। घटना के समय रूम में होटल का बावर्ची व बाउंसर दोनों शराब पार्टी कर रहे थे। बताया गया कि बाउंसर ने शराब पीने के लिए बावर्ची को फोन कर बुलाया था। पुलिस ने होटल संचालक पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष के बेटे व बाउंसर को हिरासत में ले लिया है। जिनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस प्रथम दृष्ट्या घटना को आत्महत्या मान रही है। एसपी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और अधीनस्थों को दिशा-निर्देश दिए।
विवरण के मुताविक उरई रोड़ स्थित पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सुमन देवेंद्र निरंजन के होटल आशीर्वाद में  बुधवार की आधी रात पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष के पति व पुत्र का बाउंसर संदीप कुमार निवासी हिसार हरियाणा रहता था। बाउंसर संदीप ने होटल के बावर्ची महेश कुमार निवासी भांडेर मध्यप्रदेश को अपने रूम में बुलाया और दोनों साथ में शराब पीते रहे। तभी संदिग्ध परिस्थितियों में बावर्ची महेश (40) की बंदूक से चली गोली लगने से मौत हो गई। बंदूक लाइसेंसी बताई जा रही है। रूम से बाहर आए बाउंसर ने रिसेप्शन से होटल मालिक हिमांशु निरंजन व उसके पिता देवेंद्र सिंह निरंजन को सूचना दी। हिमांशु व उनके पिता होटल के बाहर पहुंचे और बाहर से जानकारी कर कोतवाली पुलिस को सूचना दी। सूचना पर सीओ परमेश्वर प्रसाद, कोतवाल अजीत सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और मौका मुआयना कर उच्चाधिकारियों को घटना से अवगत कराया। मौके पर पहुंची फील्ड यूनिट की टीम ने भी साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने रात में ही शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। बताया गया कि पिछले पांच साल से बाउंसर संदीप पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष के पति व पुत्र के साथ रहता था। लाइसेंसी बंदूक पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष के पुत्र हिमांशु की है, जिसे बाउंसर संदीप अपने साथ रखे हुए था। कोतवाली पुलिस ने हिमांशु व बाउंसर संदीप को हिरासत में ले लिया है। जिनसे पुलिस पूछताछ कर जा रही है। सीओ परमेश्वर प्रसाद का कहना है कि प्रथम दृष्ट्या मामला आत्महत्या प्रतीत हो रहा है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पूरे मामले की गहराई से जांच पड़ताल की जा रही है। सभी विंदुओं पर पुलिस अपनी जांच कर रही है। बावर्ची के लेनदेन के कुछ सबूत भी मिले हैं, जिसके चलते वह होटल मालिक से पैसा भी मांग रहा था। छानबीन में जो भी निकल कर आएगा, उसके मुताबिक आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। जिले के पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार ने भी होटल आशीर्वाद पहुंचकर घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और अधीनस्थों को दिशा-निर्देश दिए। उनका कहना है कि सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। मृतक के परिजनों की तरफ से अभी कोई तहरीर नहीं दी गई है। तहरीर मिलने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
परिजनों ने बाउंसर पर लगाया हत्या का आरोप
कोंच। मृतक बावर्ची महेश कुमार की गोली लगने से हुई मौत को लेकर उसके परिजनों ने हत्या किए जाने का आरोप बाउंसर संदीप पर लगाया है। मृतक के भतीजे भांडेर निवासी धीरेंद्र कुमार अहिरवार ने कहा है कि उसके चाचा अभी पांच छह दिन पहले ही अच्छे भले होटल में काम करने आए थे, वह अपने को खुद गोली नहीं मार सकते। धीरेंद्र ने आशंका जताई है कि बाउंसर ने ही उन्हें गोली मारकर हत्या कर दी है। उसने पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है।
बंदूक के लाइसेंस की निरस्तीकरण की होगी कार्रवाई
कोंच। बावर्ची की संदिग्ध हालात में हुई मौत के मामले में लाइसेंसी बंदूक के शस्त्र लाइसेंस के निरस्तीकरण की भी कार्रवाई पुलिस कर रही है। प्रभारी निरीक्षक अजीत सिंह का यह भी कहना है कि पुलिस इस मामले में हर विंदु पर छानबीन कर रही है, इस बात की भी जांच कर रही है कि हिमांशु की बंदूक संदीप के पास क्यों थी।
प्रदेश समाचार / उरई टीम

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सम्पादक / बालेन्द्र गुप्ता : रिपोर्ट / प्रमोद यादव (ब्यूरो प्रमुख – उरई – जालौन)

सुशासन की मिसाल : गांव की गलियों में उतरा प्रशासन, नूरपुर में खुद सुनी जनता की आवाज

निरीक्षण के दौरान गांव में मौजूद पुराने कुओं को भी लिया गया संज्ञान में
राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की दी जानकारी
उरई। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय व पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार ने खण्ड विकास महेवा के ग्राम नूरपुर पहुंचकर न केवल चौपाल लगाई, बल्कि गांव की गली-गली घूमकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। इस अवसर पर अधिकारियों ने बुजुर्गों, युवाओं और बच्चों से आत्मीय बातचीत करते हुए केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी और यह भी समझाया कि आमजन इन योजनाओं का लाभ कैसे सरलता से प्राप्त कर सकते हैं। गांव में पहली बार ऐसा दृश्य देखने को मिला जब प्रशासन खुद लोगों के द्वार तक पहुंचा और उनकी समस्याओं को मौके पर ही सुना।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से गलियों में कीचड़ हो जाता है, जिससे आवागमन में भारी परेशानी होती है। समस्या को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारी को मौके पर ही निर्देश दिए कि इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर कार्ययोजना में शामिल कर प्रॉपर ड्रेनेज सिस्टम सुनिश्चित कराया जाए। निरीक्षण के दौरान गांव में मौजूद पुराने कुओं का भी संज्ञान लिया गया। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि इन कुओं को संरक्षित एवं पुनर्जीवित किया जाए, ताकि जल संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण विरासत भी सुरक्षित रह सके। इस दौरान एसपी ने ग्रामीणों से संवाद करते हुए सुरक्षा, कानून-व्यवस्था एवं सामाजिक सहयोग पर चर्चा की और भरोसा दिलाया कि पुलिस प्रशासन हर समय जनता के साथ खड़ा है। यह पूरा अभियान इस बात का जीवंत उदाहरण बना कि उत्तर प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन अब फाइलों से निकलकर गांव की गलियों में उतर आया है। समस्याओं को दूर से नहीं, बल्कि आंखों से देखकर और कानों से सुनकर समाधान किया जा रहा है। शासन की योजनाएं अब कागजों तक सीमित नहीं, बल्कि सीधे जनता तक पहुंच रही हैं। नूरपुर गांव में प्रशासन की यह पहल ग्रामीणों के लिए विश्वास, संवाद और विकास का प्रतीक बन गई, जिसने यह संदेश दिया कि सुशासन केवल नारा नहीं, बल्कि ज़मीन पर दिखाई देने वाली सच्चाई है।इस अवसर पर डीसी मनरेगा रामेन्द्र सिंह, खण्ड विकास अधिकारी सहित सम्बंधित अधिकारी मौजूद रहे।
सम्पादक / बालेन्द्र गुप्ता : रिपोर्ट / प्रमोद यादव (ब्यूरो प्रमुख – उरई – जालौन)

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