बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार के विरोध में सामाजिक संगठनों ने विरोध प्रदर्शन कर फूंका पुतला
उरई। बांग्लादेश में हिंदू भाइयों पर हो रहे लगातार अत्याचार, हिंसा और अमानवीय घटनाओं के विरोध में मंगलवार को उरई नगर के घंटाघर बाजार में व्यापारी समाज एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में एक विशाल विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश का पुतला दहन कर अपना आक्रोश प्रकट किया तथा बांग्लादेश में दिवंगत हुए हिंदू भाइयों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की।प्रदर्शन में बड़ी संख्या में व्यापारी, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी, युवा वर्ग एवं आम नागरिक शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों की कड़ी निंदा की। वक्ताओं ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदू समुदाय को सुनियोजित ढंग से निशाना बनाया जा रहा है, जो मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन है और पूरे विश्व के लिए चिंता का विषय है। प्रदर्शन के दौरान उपस्थित लोगों ने हाथों में तख्तियाँ लेकर बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा की मांग करते हुए नारेबाजी की। घंटाघर बाजार में बांग्लादेश का पुतला दहनकर प्रदर्शनकारियों ने यह संदेश दिया कि हिंदू समाज अपने भाइयों पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ चुप नहीं बैठेगा।इसके पश्चात व्यापारी समाज एवं सामाजिक संगठनों के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट उरई को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि भारत सरकार इस गंभीर विषय पर कूटनीतिक स्तर पर ठोस कदम उठाए तथा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा का मुद्दा मजबूती से उठाए। साथ ही बांग्लादेश सरकार पर दबाव बनाकर वहाँ के हिंदू समुदाय की जान-माल एवं धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित कराई जाए। प्रदर्शन के दौरान बांग्लादेश में मारे गए निर्दोष हिंदू भाइयों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। आयोजकों ने कहा कि यह आंदोलन किसी देश या जनता के विरुद्ध नहीं है, बल्कि मानवता, न्याय और धार्मिक स्वतंत्रता के समर्थन में है। कार्यक्रम शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। आयोजकों ने चेतावनी दी कि यदि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार नहीं रुके, तो व्यापारी समाज एवं सामाजिक संगठन आगे भी आंदोलन करने को मजबूर होंगे। इस अवसर पर कार्यक्रम में अनूप लौखटिया, रविन्द्र राजपूत, उदय ठाकुर, संजीव सिपोलिया, डॉक्टर प्रज्ञा राजपूत, प्रदीप द्विवेदी, उमाकांत गुप्ता, उत्कर्ष गुप्ता, बलवीर जादौन, मंजू विजय गुप्ता, अनीता गुप्ता, राशि राजपूत, अरविंद गुप्ता मामा अन्य सामाजिक संगठन के लोग व्यापारी समाज सहित डेढ़ सैकड़ा लोग उपस्थित रहें।
सम्पादक / बालेन्द्र गुप्ता : रिपोर्ट / प्रमोद यादव (ब्यूरो प्रमुख – उरई – जालौन)
सुशासन की मिसाल : गांव की गलियों में उतरा प्रशासन, नूरपुर में खुद सुनी जनता की आवाज
निरीक्षण के दौरान गांव में मौजूद पुराने कुओं को भी लिया गया संज्ञान में
राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की दी जानकारी
उरई। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय व पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार ने खण्ड विकास महेवा के ग्राम नूरपुर पहुंचकर न केवल चौपाल लगाई, बल्कि गांव की गली-गली घूमकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। इस अवसर पर अधिकारियों ने बुजुर्गों, युवाओं और बच्चों से आत्मीय बातचीत करते हुए केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी और यह भी समझाया कि आमजन इन योजनाओं का लाभ कैसे सरलता से प्राप्त कर सकते हैं। गांव में पहली बार ऐसा दृश्य देखने को मिला जब प्रशासन खुद लोगों के द्वार तक पहुंचा और उनकी समस्याओं को मौके पर ही सुना।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से गलियों में कीचड़ हो जाता है, जिससे आवागमन में भारी परेशानी होती है। समस्या को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारी को मौके पर ही निर्देश दिए कि इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर कार्ययोजना में शामिल कर प्रॉपर ड्रेनेज सिस्टम सुनिश्चित कराया जाए। निरीक्षण के दौरान गांव में मौजूद पुराने कुओं का भी संज्ञान लिया गया। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि इन कुओं को संरक्षित एवं पुनर्जीवित किया जाए, ताकि जल संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण विरासत भी सुरक्षित रह सके। इस दौरान एसपी ने ग्रामीणों से संवाद करते हुए सुरक्षा, कानून-व्यवस्था एवं सामाजिक सहयोग पर चर्चा की और भरोसा दिलाया कि पुलिस प्रशासन हर समय जनता के साथ खड़ा है। यह पूरा अभियान इस बात का जीवंत उदाहरण बना कि उत्तर प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन अब फाइलों से निकलकर गांव की गलियों में उतर आया है। समस्याओं को दूर से नहीं, बल्कि आंखों से देखकर और कानों से सुनकर समाधान किया जा रहा है। शासन की योजनाएं अब कागजों तक सीमित नहीं, बल्कि सीधे जनता तक पहुंच रही हैं। नूरपुर गांव में प्रशासन की यह पहल ग्रामीणों के लिए विश्वास, संवाद और विकास का प्रतीक बन गई, जिसने यह संदेश दिया कि सुशासन केवल नारा नहीं, बल्कि ज़मीन पर दिखाई देने वाली सच्चाई है।इस अवसर पर डीसी मनरेगा रामेन्द्र सिंह, खण्ड विकास अधिकारी सहित सम्बंधित अधिकारी मौजूद रहे।
सम्पादक / बालेन्द्र गुप्ता : रिपोर्ट / प्रमोद यादव (ब्यूरो प्रमुख – उरई – जालौन)
जनपद के किसान बने राष्ट्रीय स्तर पर प्रेरणा – जिलाधिकारी
किसान दिवस पर भव्य किसान मेला आयोजित, 91 प्रगतिशील किसान सम्मानित
उरई। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री, किसानों के मसीहा चौधरी चरण सिंह की जयंती किसान दिवस के रूप में जिले में श्रद्धा, सम्मान और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर जिला मुख्यालय स्थित जमुना पैलेस में कृषि विभाग के तत्वावधान में भव्य किसान मेले का आयोजन किया गया। जिसमें जिले के प्रगतिशील किसानों सहित खेती-किसानी से जुड़े सैकड़ों किसानों ने सहभागिता की। किसान मेले का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत बीजों, नवीन कृषि यंत्रों तथा केंद्र एवं प्रदेश सरकार की किसान हितैषी योजनाओं की जानकारी देकर कम लागत में अधिक उत्पादन के लिए प्रेरित करना रहा। मेले में कृषि, उद्यान, पशुपालन, दुग्ध विकास, मत्स्य, रेशम सहित विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए। जहां जैविक खेती, फसल विविधीकरण, सिंचाई प्रबंधन एवं आधुनिक कृषि पद्धतियों की व्यावहारिक जानकारी दी गई।
किसान मेले का उद्घाटन जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. घनश्याम अनुरागी, डीएम राजेश कुमार पाण्डेय, एसपी डॉ. दुर्गेश कुमार, सीडीओ केके सिंह, भारतीय किसान यूनियन ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। कार्यक्रम की शुरुआत चौधरी चरण सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुई। जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि चौधरी चरण सिंह ने जीवन भर किसानों के अधिकार, सम्मान और आत्मनिर्भरता के लिए संघर्ष किया। आज केंद्र व प्रदेश में की सरकार उनके विचारों को धरातल पर उतारते हुए किसानों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को समय पर खाद, बीज, सिंचाई, बिजली और तकनीकी सहायता उपलब्ध करा रही है। किसानों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे खेती लाभकारी बन रही है। यही कारण है कि जनपद जालौन बुंदेलखंड क्षेत्र में कृषि के क्षेत्र में अग्रणी स्थान बनाए हुए है। उन्होंने किसानों से नवीन तकनीक अपनाने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और वैज्ञानिक खेती की ओर अग्रसर होने का आह्वान किया।
डीएम ने किसान दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जिन किसानों ने खेती-किसानी के क्षेत्र में जनपद का नाम रोशन किया है, वे वास्तव में सम्मान के पात्र हैं। फल पट्टी विकास, उत्पादन वृद्धि, सिंचाई क्षमता और फसल विविधीकरण के क्षेत्र में जनपद के किसानों का कार्य राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है। कई मंचों पर यह संदेश गया है कि जल संरक्षण एव फसल चक्र के रूप में खेती सीखनी हो तो जालौन के किसानों से सीखें। उन्होंने कहा कि खेती एक अत्यंत चुनौतीपूर्ण कार्य है, जो मौसम और प्राकृतिक आपदाओं पर निर्भर करता है।सरकार की योजनाएं किसानों के लिए संबल का कार्य करती हैं। वर्तमान में जनपद में गेहूं की बुवाई लगभग पूर्ण हो चुकी है, पलावा का कार्य चल रहा है तथा यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। सभी समितियों पर निरंतर पर्याप्त रूप से खाद की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जा रही है।
डीएम ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई व्यापारी निर्धारित मूल्य से अधिक दाम वसूल करता है तो उसकी तत्काल कंट्रोल रूम में शिकायत करें जाँच में दोषी पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध सख्त विधिक कार्यवाही की जाएगी। नहरों के ओवर फ्लो की घटनाओं पर भी कड़ा संज्ञान लेते हुए सिंचाई व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं। कार्यक्रम के अंत में जिला स्तरीय पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया।जिसमें कृषि, उद्यान, पशुपालन, दुग्ध विकास, मत्स्य एवं रेशम विभाग के अंतर्गत कुल 91 प्रगतिशील किसानों को प्रशस्ति पत्र एवं सम्मान प्रदान किया गया।
सम्मानित किसानों में सुशील कुमार, ओमप्रकाश कौशिक, रतन सिंह, विजय सिंह, लक्ष्मी नारायण चतुर्वेदी, हृदय नारायण, कुसुम खन्ना, अनिरुद्ध, गोविंद सिंह, सूरज सिंह, मोहित सिंह, महेश सिंह, संतोष कुमार, रामकिशन, गणेश प्रसाद, हरि सिंह सहित अनेक किसान शामिल रहे। किसान मेले में ड्रैगन फ्रूट, चंदन, खजूर, रेशम उत्पादन सहित उन्नत फसलों के स्टॉल विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम का समापन किसानों के सम्मान, कृषि के उज्ज्वल भविष्य और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के साथ हुआ। इस अवसर पर उप कृषि निदेशक एसके उत्तम, जिला कृषि अधिकारी गौरव यादव आदि सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी को भारी संख्या में किसान मौजूद रहे।
सम्पादक / बालेन्द्र गुप्ता : रिपोर्ट / प्रमोद यादव (ब्यूरो प्रमुख – उरई – जालौन)
रोडवेज बस से कुचलकर वृद्ध की मौत, मौके पर पहुंची सीओ
रोडवेज बस से कुचलकर वृद्ध की मौत, मौके पर पहुंची सीओ
उरई। कोतवाली क्षेत्र में रोडवेज बस स्टैंड पर बस से कुचलकर वृद्ध की मौत हो गई। खबर मिलते ही सीओ व कोतवाल मौके पर पहुंचे और जांच पड़ताल शुरू कर दी।
शहर के मुहल्ला रामनगर निवासी 60 वर्षीय महेश गुप्ता कोंच बस स्टैंड पर फूल माला व अन्य सामग्री बेचने का काम करते थे। बताया गया कि मंगलवार की सुबह चालक अवधेश निवासी हरासी प्रेमनगर झांसी स्टैंड से रोडवेज की जनरथ बस लेकर निकला। बस सड़क पर पहुंची ही थी कि महेश गुप्ता उसमें चढ़ा और माला देने के बाद वह नीचे उतर रहा था। तभी उनका पैर उतरने वाले स्टैंड में फंस गया और वह सड़क पर गिर गया। इसी दौरान चालक ने उन्हें न देखकर बस को आगे बढ़ा दिया। जिससे सीने पर पहिया चढ़ गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना के बाद सीओ अर्चना सिंह, कोतवाल प्रभारी हरिशंकर चंद मौके पर पहुंचे और स्वजन को सूचना देकर शव को कब्जे में ले लिया। मृतक के भाई राजेंद्र गुप्ता की तहरीर पर चालक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है। बताया गया कि मृतक के दो पुत्र हैं जो दिल्ली में रहकर काम करते हैं उन्हें सूचना दे दी गई है। फिलहाल पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कै लिए भेज दिया।
प्रदेश समाचार / उरई टीम
यातायात जागरूकता : रामश्री पब्लिक स्कूल में चित्रकला व निबंध प्रतियोगिता आयोजित
दुर्घटनाओं का बड़ा कारण शराब पीकर वाहन चलाना व लापरवाही है
बच्चे अगर जागरूक होंगे तो परिवार और समाज भी सुरक्षित होगा
उरई। यातायात जागरूकता माह के तहत रामश्री पब्लिक स्कूल में कला एवं निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में बच्चों ने चित्रों और लेखन के माध्यम से यातायात नियमों का पालन करने का संदेश दिया। इसमें करीब 200 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि सीओ यातायात अर्चना सिंह का स्वागत विद्यालय के चेयरमैन डॉ. सीपी गुप्ता ने गुलदस्ता भेंटकर किया। सीओ ने बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि बच्चे अगर जागरूक होंगे तो परिवार और समाज भी सुरक्षित होगा। उन्होंने कहा कि यातायात नियमों का पालन सिर्फ आवश्यकता नहीं, बल्कि जिम्मेदारी भी है। उन्होंने घोषणा की कि आगामी यातायात माह नवम्बर समापन समारोह, 30 नवंबर को उत्कृष्ट प्रतिभागियों को जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक द्वारा पुरस्कृत किया जाएगा। इस मौके पर यातायात प्रभारी वीर बहादुर सिंह ने बच्चों को सड़क सुरक्षा, हेलमेट की अनिवार्यता, सीट बेल्ट और ट्रैफिक संकेतों के महत्व के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दुर्घटनाओं का बड़ा कारण शराब पीकर वाहन चलाना व लापरवाही है, जिसे नियमों के पालन से रोका जा सकता है। साथ ही ठंड की भी शुरूआत हो रही है अतः रात्रि में वाहन चलाने और कोहरे से दुर्घटनाओं में कमी लाने के संबंध में भी जानकारी दी। विद्यालय के चेयरमैन डॉ. सीपी गुप्ता ने कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं बच्चों में जागरूकता के साथ रचनात्मकता को भी बढ़ावा देती हैं। उन्होंने सभी अतिथियों का धन्यवाद करते हुए बच्चों के प्रयासों की सराहना की।कार्यक्रम में प्रधानाचार्य शैलेन्द्र सिंह सेंगर, मीनू अंसारी, अंशुल द्विवेदी, विजय ठाकुर, राघव श्रीवास्तव, देवेंद्र रावत, गौरव शर्मा सहित समस्त स्टाफ मौजूद रहा।
प्रदेश समाचार / उरई टीम
ओवररेटिंग करते पाये जाने पर दुकानदार का लाइसेंस तत्काल निरस्त कर दिया जाएगा – जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय
किसान दिवस में किसानों की समस्याओं पर त्वरित समाधान के निर्देश
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना की समीक्षा, खाद की दरें तय ओवररेटिंग पर होगी सख्त कार्रवाई
उरई। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में विकास भवन के रानी लक्ष्मीबाई सभागार में किसान दिवस का आयोजन किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लेकर अपनी समस्याओं और सुझावों को विस्तार से रखा। जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसान दिवस में प्रस्तुत प्रत्येक समस्या का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण समयबद्ध रूप से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी किसान को अनावश्यक परेशानी न हो और निर्माण तथा स्वीकृति से संबंधित कार्यों में कोई देरी न होने पाए।किसान दिवस के दौरान किसानों ने मुख्य रूप से विद्युत आपूर्ति, सिंचाई व्यवस्था, तथा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से संबंधित शिकायतें दर्ज कराईं, जिन पर जिलाधिकारी ने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना की भी समीक्षा की गई, जिसके बारे में जिलाधिकारी ने बताया कि यह योजना सौ आकांक्षी कृषि जनपद की उत्पादकता बढ़ाने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है। उन्होंने किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधाएं, ऋण उपलब्धता, भंडारण व्यवस्था और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया तथा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु विभागीय समन्वय सुनिश्चित रहे। उर्वरक व्यवस्था को लेकर जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनपद में खाद की बिक्री निर्धारित दरों पर ही की जाए। उन्होंने कहा कि डीएपी 1350 रुपये, एनपी के 20:20:0:13–1550 रुपये, एनपीके 12:32:16–1850 रुपये, एनपीके 10:26:26–1900 रुपये, तथा एसएसपी 565 रुपये प्रति बोरी दर तय है। उन्होंने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि ओवररेटिंग करते पाए जाने वाले किसी भी दुकानदार का लाइसेंस तत्काल निरस्त किया जाएगा। तथा संबंधित अधिकारी पर भी कार्रवाई होगी। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह, उप कृषि निदेशक एसके उत्तम, किसान संगठनों से बलराम सिंह लम्बरदार, साहब सिंह चौहान आदि किसान सहित सम्बंधित अधिकारी मौजूद रहे।
प्रदेश समाचार / उरई टीम
जिलाधिकारी ने समझा किसानों का दर्द , पहुंचे खेतों पर लिया नुक्सान हुयी फसलों का जायजा
सभी उपजिलाअधिकारियों को दिये फसलों के नुकसान का सटीक सर्वे शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश
बीमा कंपनी के अधिकारियों को दिये सख्त निर्देश , कृषि विभाग एवं लेखपालों की टीमों के साथ संयुक्त रूप से करें निरीक्षण
उरई। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय व मुख्य विकास अधिकारी ने बे-मौसम बारिश से प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करते हुए स्वयं किसानों के खेतों में पहुंचकर धान,मटर और बाजरा की फसलों के नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने बारिश के बीच किसानों से बातचीत कर उनकी स्थिति जानी और सभी उपजिलाअधिकारियों को फसलों के नुकसान का सटीक सर्वे शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।जिलाधिकारी ने उरई तहसील क्षेत्र में धान की फसलों का, माधौगढ़ तहसील में बाजार क्षेत्र का तथा कोच तहसील में मटर की फसलों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि जहां धान की फसलें जमीन पर गिर गई हैं, वहां नुकसान अधिक पाया गया है, वहीं जिन खेतों में मटर की बुवाई के बाद अंकुरण नहीं हुआ है, वहां भी फसलों को नुकसान हुआ है। जिलाधिकारी के निर्देश पर सभी उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, खंड विकास अधिकारी, राजस्व टीम एवं कृषि विभाग की टीमें तत्काल फील्ड पर उतर गई हैं और खेत-खेत जाकर फसलों की स्थिति का आकलन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को फसल बीमा योजना / कृषि निवेश अनुदान के तहत पात्रता की स्थिति में पूर्ण लाभ उपलब्ध कराया जाएगा। इस संबंध में बीमा कंपनी के अधिकारी को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे कृषि विभाग एवं लेखपालों की टीमों के साथ संयुक्त रूप से निरीक्षण कर नुकसान का सही आकलन सुनिश्चित करें, जिससे प्रभावित किसानों को शीघ्र राहत मिल सके।
प्रदेश समाचार / उरई टीम
उरई : आशीर्वाद होटल के बावर्ची की गोली लगने से हुई मौत, मचा हड़कंप
आशीर्वाद होटल में बाउंसर व बाबर्ची पी रहे थे शराब
पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष का है होटल, बेटे की लाइसेंसी बंदूक से लगी गोली
उरई। कोंच के चर्चित आशीर्वाद होटल के रूम में संदिग्ध परिस्थितियों में बावर्ची की गोली लगने से मौत हो गई। घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुट गई। घटना के समय रूम में होटल का बावर्ची व बाउंसर दोनों शराब पार्टी कर रहे थे। बताया गया कि बाउंसर ने शराब पीने के लिए बावर्ची को फोन कर बुलाया था। पुलिस ने होटल संचालक पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष के बेटे व बाउंसर को हिरासत में ले लिया है। जिनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस प्रथम दृष्ट्या घटना को आत्महत्या मान रही है। एसपी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और अधीनस्थों को दिशा-निर्देश दिए।
विवरण के मुताविक उरई रोड़ स्थित पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सुमन देवेंद्र निरंजन के होटल आशीर्वाद में बुधवार की आधी रात पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष के पति व पुत्र का बाउंसर संदीप कुमार निवासी हिसार हरियाणा रहता था। बाउंसर संदीप ने होटल के बावर्ची महेश कुमार निवासी भांडेर मध्यप्रदेश को अपने रूम में बुलाया और दोनों साथ में शराब पीते रहे। तभी संदिग्ध परिस्थितियों में बावर्ची महेश (40) की बंदूक से चली गोली लगने से मौत हो गई। बंदूक लाइसेंसी बताई जा रही है। रूम से बाहर आए बाउंसर ने रिसेप्शन से होटल मालिक हिमांशु निरंजन व उसके पिता देवेंद्र सिंह निरंजन को सूचना दी। हिमांशु व उनके पिता होटल के बाहर पहुंचे और बाहर से जानकारी कर कोतवाली पुलिस को सूचना दी। सूचना पर सीओ परमेश्वर प्रसाद, कोतवाल अजीत सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और मौका मुआयना कर उच्चाधिकारियों को घटना से अवगत कराया। मौके पर पहुंची फील्ड यूनिट की टीम ने भी साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने रात में ही शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। बताया गया कि पिछले पांच साल से बाउंसर संदीप पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष के पति व पुत्र के साथ रहता था। लाइसेंसी बंदूक पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष के पुत्र हिमांशु की है, जिसे बाउंसर संदीप अपने साथ रखे हुए था। कोतवाली पुलिस ने हिमांशु व बाउंसर संदीप को हिरासत में ले लिया है। जिनसे पुलिस पूछताछ कर जा रही है। सीओ परमेश्वर प्रसाद का कहना है कि प्रथम दृष्ट्या मामला आत्महत्या प्रतीत हो रहा है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पूरे मामले की गहराई से जांच पड़ताल की जा रही है। सभी विंदुओं पर पुलिस अपनी जांच कर रही है। बावर्ची के लेनदेन के कुछ सबूत भी मिले हैं, जिसके चलते वह होटल मालिक से पैसा भी मांग रहा था। छानबीन में जो भी निकल कर आएगा, उसके मुताबिक आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। जिले के पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार ने भी होटल आशीर्वाद पहुंचकर घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और अधीनस्थों को दिशा-निर्देश दिए। उनका कहना है कि सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। मृतक के परिजनों की तरफ से अभी कोई तहरीर नहीं दी गई है। तहरीर मिलने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
परिजनों ने बाउंसर पर लगाया हत्या का आरोप
कोंच। मृतक बावर्ची महेश कुमार की गोली लगने से हुई मौत को लेकर उसके परिजनों ने हत्या किए जाने का आरोप बाउंसर संदीप पर लगाया है। मृतक के भतीजे भांडेर निवासी धीरेंद्र कुमार अहिरवार ने कहा है कि उसके चाचा अभी पांच छह दिन पहले ही अच्छे भले होटल में काम करने आए थे, वह अपने को खुद गोली नहीं मार सकते। धीरेंद्र ने आशंका जताई है कि बाउंसर ने ही उन्हें गोली मारकर हत्या कर दी है। उसने पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है।
बंदूक के लाइसेंस की निरस्तीकरण की होगी कार्रवाई
कोंच। बावर्ची की संदिग्ध हालात में हुई मौत के मामले में लाइसेंसी बंदूक के शस्त्र लाइसेंस के निरस्तीकरण की भी कार्रवाई पुलिस कर रही है। प्रभारी निरीक्षक अजीत सिंह का यह भी कहना है कि पुलिस इस मामले में हर विंदु पर छानबीन कर रही है, इस बात की भी जांच कर रही है कि हिमांशु की बंदूक संदीप के पास क्यों थी।
प्रदेश समाचार / उरई टीम
डकैती की योजना बनाते आधा दर्जन डकैत उरई पुलिस ने पकड़े
अवैध असलहे, कार व चोरी करने के उपकरण बरामद, एसपी ने किया खुलासा
उरई। पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार के नेतृत्व एवं अपर पुलिस अधीक्षक प्रदीप कुमार वर्मा के कुशल पर्यवेक्षण में क्षेत्राधिकारी कोंच परमेश्वर प्रसाद व कोतवाली प्रभारी अजीत सिंह की अगुवाई में पुलिस टीम ने डकैती की बड़ी वारदात को अंजाम देने से पहले ही पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने 06 अभियुक्तों को गिरफ्तार करते हुए उनके कब्जे से 02 अवैध असलहे, 03 जिन्दा कारतूस, एक अर्टिगा कार तथा चोरी करने के उपकरण बरामद कर लिए।
एसपी के निर्देश पर कोंच कोतवाली पुलिस टीम अपराध की रोकथाम व संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ व्यक्ति ग्राम भेड़ स्थित तुलसी देवी (खैरी) कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के पास बंद पड़े भवन में डकैती की योजना बना रहे हैं। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर छह अभियुक्तों को मौके से दबोच लिया। गिरफ्तार अभियुक्तों में केशव सिंह यादव उर्फ सोनू निवासी जयपुरा, उस्मान रसूल निवासी नई सड़क रिजवी रोड थाना बेकनगंज कानपुर नगर, इमरान उर्फ अफरोज निवासी मछरिया थाना नौबस्ता, कानपुर नगर, जुनैद पुत्र गरीबुद्दीन निवासी राजूनगर मछरिया थाना नौबस्ता कानपुर नगर, मु. नफीस पुत्र सहजाद उर्फ रईस अहमद, निवासी यशोदा नगर मछरिया थाना नौबस्ता कानपुर नगर अमरीश मिश्रा निवासी सुशील नगर कोतवाली उरई शामिल हैं। पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि केशव सिंह यादव ने फोन पर सभी साथियों को बड़ा काम बताकर उरई बुलाया था। वहां मौजूद अमरीश मिश्रा के साथ मिलकर सभी ने कोंच क्षेत्र में डकैती की योजना बनाई। ये लोग कानपुर से किराए की गाड़ी लेकर उरई पहुंचे थे और ग्राम भेड़ में स्थित राजा साहब की पुरानी हवेली में वारदात की रूपरेखा तय कर रहे थे। तभी पुलिस ने छापा मारकर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मौके से देशी तमंचे, कारतूस, चापड़, सब्बल, हथौड़ी, वायर कटर, टॉर्च, मोमबत्तियां, ताला खोलने की चाबियां तथा बिना नंबर की अर्टिगा कार बरामद की है। गिरफ्तार अभियुक्तों के विरुद्ध आर्म्स एक्ट में मुकदमा पंजीकृत किया गया है। एसपी ने बताया कि इस सफल कार्रवाई से संभावित बड़ी वारदात को टाल दिया गया है। गिरफ्तार अभियुक्तों के आपराधिक इतिहास की जांच जारी है और पूरे गैंग के नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है।
प्रदेश समाचार / उरई – जालौन टीम
हर भवन में बनेगा रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम : जिलाधिकारी
निष्प्रयोज्य हेडपंप बनेंगे रिचार्ज वेल, गौशालाओं और सार्वजनिक स्थलों पर होगा वर्षा जल संचयन
उरई। डीएम राजेश कुमार पाण्डेय ने कहा कि जल संरक्षण, जल संवर्धन और जल संचयन को जन आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
डीएम ने कहा कि जिन हेडपंपों से जल प्राप्ति बंद हो चुकी है रिबोर योग्य नहीं रह गए है उन्हें रेन वाटर रिचार्ज वेल में परिवर्तित किया जाए, ताकि वर्षा के जल से भूमिगत जलस्तर में वृद्धि हो सके। उन्होंने अधिशासी अधिकारी एवं जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देश दिए कि इस कार्य को प्राथमिकता से पूरा किया जाए।उन्होंने निर्देश दिए कि सभी होटल, बारात घर, निजी विद्यालय, शिक्षण संस्थान तथा 300 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अनिवार्य रूप से स्थापित कराया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद की सभी गौशालाओं में वर्षा जल संचयन प्रणाली विकसित की जाए। गौशाला परिसर में बने शेडों के किनारों पर पाइप लाइनिंग द्वारा रिचार्ज वेल तैयार कर वर्षा के जल को संरक्षित किया जाए। उन्होंने कहा कि सोक पिट, बंधा, चेक डैम, तालाब आदि को “वॉटर बॉडी” के रूप में विकसित कर जल संरक्षण के स्थायी स्रोत तैयार किए जाएं। प्रत्येक विकास खंड में जल संरक्षण के मॉडल कार्यों की योजना बनाकर शीघ्र क्रियान्वयन किया जाए। इस अवसर पर प्रभागीय वनाधिकारी प्रदीप यादव, विकास प्राधिकरण सचिव परमानंद यादव, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी चंद्र प्रकाश, जल निगम एवं सिंचाई विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रदेश समाचार / उरई – जालौन टीम















