जनपद के किसान बने राष्ट्रीय स्तर पर प्रेरणा – जिलाधिकारी

किसान दिवस पर भव्य किसान मेला आयोजित,  91 प्रगतिशील किसान सम्मानित
उरई। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री, किसानों के मसीहा चौधरी चरण सिंह की जयंती किसान दिवस के रूप में जिले में श्रद्धा, सम्मान और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर जिला मुख्यालय स्थित जमुना पैलेस में कृषि विभाग के तत्वावधान में भव्य किसान मेले का आयोजन किया गया। जिसमें जिले के प्रगतिशील किसानों सहित खेती-किसानी से जुड़े सैकड़ों किसानों ने सहभागिता की। किसान मेले का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत बीजों, नवीन कृषि यंत्रों तथा केंद्र एवं प्रदेश सरकार की किसान हितैषी योजनाओं की जानकारी देकर कम लागत में अधिक उत्पादन के लिए प्रेरित करना रहा। मेले में कृषि, उद्यान, पशुपालन, दुग्ध विकास, मत्स्य, रेशम सहित विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए। जहां जैविक खेती, फसल विविधीकरण, सिंचाई प्रबंधन एवं आधुनिक कृषि पद्धतियों की व्यावहारिक जानकारी दी गई।
किसान मेले का उद्घाटन जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. घनश्याम अनुरागी, डीएम राजेश कुमार पाण्डेय, एसपी डॉ. दुर्गेश कुमार, सीडीओ केके सिंह, भारतीय किसान यूनियन ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। कार्यक्रम की शुरुआत चौधरी चरण सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुई। जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि चौधरी चरण सिंह ने जीवन भर किसानों के अधिकार, सम्मान और आत्मनिर्भरता के लिए संघर्ष किया। आज केंद्र व प्रदेश में की सरकार उनके विचारों को धरातल पर उतारते हुए किसानों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को समय पर खाद, बीज, सिंचाई, बिजली और तकनीकी सहायता उपलब्ध करा रही है। किसानों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे खेती लाभकारी बन रही है। यही कारण है कि जनपद जालौन बुंदेलखंड क्षेत्र में कृषि के क्षेत्र में अग्रणी स्थान बनाए हुए है। उन्होंने किसानों से नवीन तकनीक अपनाने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और वैज्ञानिक खेती की ओर अग्रसर होने का आह्वान किया।
डीएम ने किसान दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जिन किसानों ने खेती-किसानी के क्षेत्र में जनपद का नाम रोशन किया है, वे वास्तव में सम्मान के पात्र हैं। फल पट्टी विकास, उत्पादन वृद्धि, सिंचाई क्षमता और फसल विविधीकरण के क्षेत्र में जनपद के किसानों का कार्य राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है। कई मंचों पर यह संदेश गया है कि जल संरक्षण एव फसल चक्र के रूप में खेती सीखनी हो तो जालौन के किसानों से सीखें। उन्होंने कहा कि खेती एक अत्यंत चुनौतीपूर्ण कार्य है, जो मौसम और प्राकृतिक आपदाओं पर निर्भर करता है।सरकार की योजनाएं किसानों के लिए संबल का कार्य करती हैं। वर्तमान में जनपद में गेहूं की बुवाई लगभग पूर्ण हो चुकी है, पलावा का कार्य चल रहा है तथा यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। सभी समितियों पर निरंतर पर्याप्त रूप से खाद की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जा रही है।
डीएम ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई व्यापारी निर्धारित मूल्य से अधिक दाम वसूल करता है तो उसकी तत्काल कंट्रोल रूम में शिकायत करें जाँच में दोषी पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध सख्त विधिक कार्यवाही की जाएगी। नहरों के ओवर फ्लो की घटनाओं पर भी कड़ा संज्ञान लेते हुए सिंचाई व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं। कार्यक्रम के अंत में जिला स्तरीय पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया।जिसमें कृषि, उद्यान, पशुपालन, दुग्ध विकास, मत्स्य एवं रेशम विभाग के अंतर्गत कुल 91 प्रगतिशील किसानों को प्रशस्ति पत्र एवं सम्मान प्रदान किया गया।
सम्मानित किसानों में सुशील कुमार, ओमप्रकाश कौशिक, रतन सिंह, विजय सिंह, लक्ष्मी नारायण चतुर्वेदी, हृदय नारायण, कुसुम खन्ना, अनिरुद्ध, गोविंद सिंह, सूरज सिंह, मोहित सिंह, महेश सिंह, संतोष कुमार, रामकिशन, गणेश प्रसाद, हरि सिंह सहित अनेक किसान शामिल रहे। किसान मेले में ड्रैगन फ्रूट, चंदन, खजूर, रेशम उत्पादन सहित उन्नत फसलों के स्टॉल विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम का समापन किसानों के सम्मान, कृषि के उज्ज्वल भविष्य और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के साथ हुआ। इस अवसर पर उप कृषि निदेशक एसके उत्तम, जिला कृषि अधिकारी गौरव यादव आदि सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी को भारी संख्या में किसान मौजूद रहे।
सम्पादक / बालेन्द्र गुप्ता : रिपोर्ट / प्रमोद यादव (ब्यूरो प्रमुख – उरई – जालौन)

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