किसान दिवस में किसानों की समस्याओं पर त्वरित समाधान के निर्देश
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना की समीक्षा, खाद की दरें तय ओवररेटिंग पर होगी सख्त कार्रवाई
उरई। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में विकास भवन के रानी लक्ष्मीबाई सभागार में किसान दिवस का आयोजन किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लेकर अपनी समस्याओं और सुझावों को विस्तार से रखा। जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसान दिवस में प्रस्तुत प्रत्येक समस्या का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण समयबद्ध रूप से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी किसान को अनावश्यक परेशानी न हो और निर्माण तथा स्वीकृति से संबंधित कार्यों में कोई देरी न होने पाए।किसान दिवस के दौरान किसानों ने मुख्य रूप से विद्युत आपूर्ति, सिंचाई व्यवस्था, तथा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से संबंधित शिकायतें दर्ज कराईं, जिन पर जिलाधिकारी ने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना की भी समीक्षा की गई, जिसके बारे में जिलाधिकारी ने बताया कि यह योजना सौ आकांक्षी कृषि जनपद की उत्पादकता बढ़ाने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है। उन्होंने किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधाएं, ऋण उपलब्धता, भंडारण व्यवस्था और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया तथा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु विभागीय समन्वय सुनिश्चित रहे। उर्वरक व्यवस्था को लेकर जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनपद में खाद की बिक्री निर्धारित दरों पर ही की जाए। उन्होंने कहा कि डीएपी 1350 रुपये, एनपी के 20:20:0:13–1550 रुपये, एनपीके 12:32:16–1850 रुपये, एनपीके 10:26:26–1900 रुपये, तथा एसएसपी 565 रुपये प्रति बोरी दर तय है। उन्होंने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि ओवररेटिंग करते पाए जाने वाले किसी भी दुकानदार का लाइसेंस तत्काल निरस्त किया जाएगा। तथा संबंधित अधिकारी पर भी कार्रवाई होगी। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह, उप कृषि निदेशक एसके उत्तम, किसान संगठनों से बलराम सिंह लम्बरदार, साहब सिंह चौहान आदि किसान सहित सम्बंधित अधिकारी मौजूद रहे।
प्रदेश समाचार / उरई टीम







