उत्तर प्रदेश : सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारियों के निधन पर उनकी स्मृति में पुलिस मुख्यालय में शोक सभा आयोजित

पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश  राजीव कृष्णा सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारीगण द्वारा दिवंगत पुलिस अधिकारियों को अर्पित की गयी श्रद्धांजलि

लखनऊ।  दिनांक  28.10.2025 को पुलिस मुख्यालय, गोमतीनगर विस्तार, लखनऊ स्थित सभागार में विक्रमजीत सिंह सियाल सेवानिवृत्त पुलिस महानिदेशक के दिनांक : 07.10.2025 को,  हरभजन सिंह सेवानिवृत्त पुलिस महानिरीक्षक के दिनॉकः 08.10.2025 को एवं  ज्ञान सिंह सेवानिवृत्त पुलिस उपमहानिरीक्षक के दिनॉकः    25.10.2025 को  हुये निधन के परिपेक्ष्य में शोक-सभा का आयोजन किया गया। जिसमे  राजीव कृष्णा, पुलिस महानिदेशक, उ0प्र0 सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारीगण द्वारा दिवंगत पुलिस अधिकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की गयी। तत्पश्चात पुलिस महानिदेशक उ0प्र0 द्वारा दिवंगत पुलिस अधिकारियों का संक्षिप्त जीवन परिचय दिया गया।

दिवंगत विक्रमजीत सिंह सियाल मलिक  का संक्षिप्त जीवन परिचय :-

दिवंगत बिक्रमजीत सिंह सियाल जी का जन्म 07 जुलाई 1935 को इलाहाबाद में हुआ था। दिवंगत बिक्रमजीत सिंह सियाल वर्ष 1959 में ‘‘भारतीय पुलिस सेवा  में चयनित हुए थे । प्रशिक्षण के उपरान्त श्री सियाल, सहायक पुलिस अधीक्षक, पीटीसी मुरादाबाद, देहरादून, आगरा, अपर पुलिस अधीक्षक आगरा,  अपर  पुलिस  अधीक्षक,  प्रशिक्षण पीटीसी, माउन्ट आबू, सेनानायक, 26वीं वाहिनी पीएसी गोरखपुर, पुलिस अधीक्षक, आजमगढ़, रायबरेली, बरेली, सेनानायक, 36 सीआरपी नागालैण्ड, सेनानायक, 11वीं वाहिनी पीएसी सीतापुर, 12वीं वाहिनी पीएसी फतेहपुर, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वाराणसी के पदों पर नियुक्त रहे। वर्ष 1977 में ‘‘पुलिस उप महानिरीक्षक के पद पर प्रोन्नत होने के उपरान्त पुलिस उप महानिरीक्षक, रेलवे इलाहाबाद के पद पर नियुक्त रहते हुये वर्ष 1978 में केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति पर प्रस्थान कर गये। वर्ष 1984 में प्रतिनियुक्ति से वापस आने के फलस्वरूप पुलिस उप महानिरीक्षक, वाराणसी परिक्षेत्र के पद पर नियुक्त हुये तथा वहीं से पुनः वर्ष 1985 में केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति पर प्रस्थान कर गये। श्री सियाल केन्द्रीय प्रनियुक्ति पर पुलिस महानिदेशक एनएसजी के पद पर नियुक्त रहते हुये अपनी अधिवर्षता आयु पूर्ण कर 31 जुलाई 1993 को सेवानिवृत्त हुये। उनका दिनांकः  07.10.2025 को दुःखद निधन हो गया है। उन्होंने सेवाकाल में पूर्ण निष्ठा व लगन से कार्य सम्पादित कर पुलिस विभाग को गौरवान्वित किया है। श्री बिक्रमजीत सिंह सियाल जी का 34 वर्षां से अधिक का सेवाकाल उपलब्धियों से भरा रहा है। श्री बिक्रमजीत सिंह सियाल जी अपने पीछे पत्नी एवं एक पुत्र व दो पुत्री एवं भरापूरा परिवार छोड़ गये हैं। श्री सियाल जी को सेवाकाल के दौरान 15 अगस्त 1978 को दीर्घ एवं सराहनीय सेवाओं के लिये पुलिस पदक  एवं 15 अगस्त 1986 को विशिष्ट सेवाओं के लिये राष्ट्रपति का पुलिस पदक प्रदान किया गया है। श्री बिक्रमजीत सिंह सियाल जी अपनी उक्त उपलब्धियों के लिये सदैव हमारी स्मृति में बने रहेंगे।

दिवगंत हरभजन सिंह जी का संक्षिप्त जीवन परिचय :-

दिवगंत हरभजन सिंह जी का जन्म 01 अपै्रल 1945 को जांलधर(पंजाब) में हुआ था। हरभजन सिंह जी वर्ष 1976 में ‘‘भारतीय पुलिस सेवा में चयनित हुए। प्रशिक्षण के उपरान्त श्री हरभजन सिंह, सहायक पुलिस अधीक्षक, जनपद आगरा,  अपर पुलिस अधीक्षक सहारनपुर, पुलिस अधीक्षक, एण्टी डकैती ऑपरेशन, आगरा, पुलिस अधीक्षक, एस0ई0बी0 लखनऊ, पुलिस अधीक्षक, बहराइच, देवरिया, गाजीपुर, बस्ती, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, फैजाबाद, सहारनपुर, मैनपुरी, मेरठ, पुलिस अधीक्षक, सीबीसीआईडी लखनऊ,  सेनानायक, 27वीं वाहिनी पीएसी सीतापुर, 32वीं वाहिनी पीएसी लखनऊ एवं पीटीएस मुरादाबाद के पद पर नियुक्त रहे। वर्ष 1994 में ‘‘पुलिस उप महानिरीक्षक  के पद पर प्रोन्नत होने के उपरान्त पुलिस उप महानिरीक्षक, एसपीएफ मुरादाबाद, पीएसी सेक्टर आगरा, मेरठ, पुलिस उप महानिरीक्षक(कार्मिक), उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय इलाहाबाद, पुलिस उप महानिरीक्षक, फैजाबाद परिक्षेत्र, सहारनुपर परिक्षेत्र, कुमायूँ परिक्षेत्र नैनीताल के पद पर नियुक्त रहे। वर्ष 1998 में ‘‘पुलिस महानिरीक्षक  के पद पर प्रोन्नत होने के उपरान्त पुलिस महानिरीक्षक, अभिसूचना मुख्यालय लखनऊ, पुलिस महानिरीक्षक इलाहाबाद जोन, वाराणसी जोन, लखनऊ जोन, बरेली जोन, पुलिस महानिरीक्षक तकनीकी सेवायें लखनऊ, पीएसी मुख्यालय लखनऊ, मानवाधिकार लखनऊ, पीएसी पश्चिमी जोन मुरादाबाद, पुलिस महानिरीक्षक(प्रशासन) उ0प्र0, पुलिस महानिरीक्षक, भवन एवं कल्याण उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय इलाहाबाद, पुलिस महानिरीक्षक, होमगार्डस मुख्यालय लखनऊ के पद पर नियुक्त रहे। दिसम्बर 2004 में पुलिस महानिरीक्षक, मेरठ जोन के पद पर नियुक्त रहते हुये 31 मार्च 2005 में अपनी अधिवर्षता आयु पूर्णकर सेवानिवृत्त हुये। श्री हरभजन सिंह जी का दिनांकः 08.10.2025 को दुःखद निधन हो गया है। उन्होंने सेवाकाल में पूर्ण निष्ठा व लगन से कार्य सम्पादित कर पुलिस विभाग को गौरवान्वित किया है। श्री हरभजन सिंह जी का 28 वर्षां से अधिक का सेवाकाल उपलब्धियों से भरा रहा है। श्री हरभजन सिंह जी अपने पीछे दो पुत्र एवं एक पुत्री व भरापूरा परिवार छोड़ गये हैं। श्री हरभजन सिंह जी को सेवाकाल के दौरान गणतन्त्र दिवस 1999 के अवसर पर दीर्घ एवं सराहनीय सेवाओं के लिये पुलिस पदक प्रदान किया गया है। श्री हरभजन सिंह जी अपनी उक्त उपलब्धियों के लिये सदैव हमारी स्मृति में बने रहेंगे।

दिवगंत ज्ञान सिंह जी का संक्षिप्त जीवन परिचय :-

दिवगंत ज्ञान सिंह जी का जन्म 01 जुलाई 1953 को इलाहाबाद में हुआ था। दिवगंत ज्ञान सिंह जी वर्ष 1980 में ‘‘प्रान्तीय पुलिस सेवा  में चयनित हुए। प्रशिक्षण के उपरान्त श्री ज्ञान सिंह,  पुलिस उपाधीक्षक, जनपद मैनपुरी, एसपीएफ मुरादाबाद, झांसी, देवरिया, अभिसूचना लखनऊ, अभिसूचना वाराणसी के पदों पर नियुक्त रहे। वर्ष 1992 में ‘‘अपर पुलिस अधीक्षक के पद पर प्रोन्नत होने के उपरान्त अपर पुलिस अधीक्षक, जनपद आगरा, गोरखपुर, अम्बेडकरनगर, बदायूँ, चन्दौली, पीलीभीत, इटावा, सहारनपुर, अपर पुलिस अधीक्षक(क्षेत्रीय) अभिसूचना बरेली, अपर पुलिस अधीक्षक, ग्रामीण मुरादाबाद,  ग्रामीण सहारनपुर, अपर पुलिस अधीक्षक सतर्कता अधिष्ठान लखनऊ, उप सेनानायक, 23वीं वाहिनी पीएसी मुरादाबाद के पदों पर नियुक्त रहे। वर्ष 2004 में ‘‘भारतीय पुलिस सेवा  में प्रोन्नत होने के उपरान्त पुलिस अधीक्षक, उ0प्र0 पुलिस इण्टर स्टेट बार्डर फोर्स सब सेक्टर झांसी, पुलिस अधीक्षक, अम्बेडकरनगर, देवरिया, महोबा, बिजनौर, कुशीनगर, मऊ, बस्ती, हरदोई, पुलिस अधीक्षक/उप प्रधानाचार्य एटीसी सीतापुर एवं पीटीसी सीतापुर, पुलिस अधीक्षक अभिसूचना मुख्यालय लखनऊ एवं  सेनानायक, 43वीं वाहिनी पीएसी एटा के पद पर नियुक्त रहे। वर्ष 2010 में ‘‘पुलिस उप महानिरीक्षक के पद पर प्रोन्नत होने के उपरान्त पुलिस उप महानिरीक्षक, बस्ती परिक्षेत्र, पुलिस उप महानिरीक्षक, रेलवे लखनऊ, पुलिस उप महानिरीक्षक, होमगार्डस के पद पर नियुक्त रहे, जहाँ से अपनी अधिवर्षता आयु पूर्णकर 30 जून 2013 को सेवानिवृत्त हुये। श्री ज्ञान सिंह जी का दिनांकः 25.10.2025 को दुःखद निधन हो गया है। श्री ज्ञान सिंह जी अपने पीछे एक पुत्र एवं एक पुत्री व भरापूरा परिवार छोड़ गये हैं।श्री ज्ञान सिंह जी को सेवाकाल के दौरान स्वतन्त्रता दिवस 2011 के अवसर पर दीर्घ एवं सराहनीय सेवाओं के लिये पुलिस पदक प्रदान किया गया है। श्री ज्ञान सिंह जी अपनी उक्त उपलब्धियों के लिये सदैव हमारी स्मृति में बने रहेंगे।

प्रदेश समाचार / लखनऊ टीम

Related Posts

संभल पुलिस ने संगठित बीमा धोखाधड़ी पर प्रभावी अंकुश लगाने का सराहनीय कार्य किया है : अमिताभ यश

सरकार और उद्योग जगत के बीच इस प्रकार का सहयोग अनुकरणीय मॉडल प्रस्तुत करता है :रमित शर्मा
लखनऊ। मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश योगी आदित्यनाथ द्वारा महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन को और सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से दिये गये निर्देशों के क्रम में पुलिस महानिदेशक उ0प्र0 राजीव कृष्ण के मार्गदर्शन में जनपद सम्भल में 15 पुलिस थानों में मातृत्व एवं शिशु देखभाल कक्षों का उद्घाटन व महिला पुलिसकर्मियों को 15 होंडा एक्टिवा का वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
अपर पुलिस महानिदेशक कानून एवं व्यवस्था उत्तर प्रदेश अमिताभ यश द्वारा आज दिनांक 24-01-206 को उक्त कार्यक्रम का डिजिटल माध्यम से उद्घाटन किया गया । यह कार्यक्रम एडीजी बरेली जोन रमित शर्मा, डीआईजी मुरादाबाद मुनिराज गोबू, पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई, अपर पुलिस अधीक्षक (दक्षिण) सुश्री अनु

कृति शर्मा, टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस लिमिटेड एवं राउंड टेबल इंडिया के वरिष्ठ प्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति में सम्पन्न हुआ। टाटा एआईजी एवं राउंड टेबल इंडिया के प्रतिनिधि विशेष रूप से मुंबई एवं दिल्ली से कार्यक्रम में शामिल हुए ।
कार्यक्रम का शुभारंभ पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई के स्वागत उद्बोधन से हुआ। इसके पश्चात डीआईजी मुरादाबाद मुनिराज गोबू ने अपने संबोधन में विस्तार से बताया कि किस प्रकार संभल पुलिस द्वारा उजागर की गई संगठित बीमा धोखाधड़ी की जांच ने बीमा कंपनियों को सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के माध्यम से इस नवीन एवं मानवीय पहल से जुड़ने के लिए प्रेरित किया ।
इसके उपरांत देवांग पांड्या, वाइस प्रेसिडेंट एवं लीड – CSR एवं सस्टेनेबिलिटी, टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस लिमिटेड तथा पारस मेहरोत्रा, नेशनल प्रोजेक्ट्स को-कोन्वीनर, राउंड टेबल इंडिया ने अपने संबोधन में दोनों संस्थाओं के मूल्यों, मार्गदर्शक सिद्धांतों एवं संभल जनपद में इस परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी दी।
तत्पश्चात एडीजी बरेली जोन रमित शर्मा ने अपने संबोधन में इस पहल के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सरकार और उद्योग जगत के बीच इस प्रकार का सहयोग महिला सशक्तिकरण एवं संवेदनशील प्रशासन की दिशा में एक अनुकरणीय मॉडल प्रस्तुत करता है। कार्यक्रम के दौरान इस पहल की सामाजिक एवं संस्थागत महत्ता को दर्शाती एक दो मिनट की लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई। इसके पश्चात अपर पुलिस महानिदेशक कानून एवं व्यवस्था अमिताभ यश द्वारा मातृत्व एवं शिशु देखभाल कक्षों का डिजिटल उद्घाटन किया गया ।
अपने संबोधन में एडीजी कानून एवं व्यवस्था अमिताभ यश ने संभल पुलिस की पेशेवर, गहन एवं परिणाम आधिरित जांच की सराहना की, जिसके माध्यम से न केवल संगठित बीमा धोखाधड़ी पर प्रभावी अंकुश लगाया गया, बल्कि इसके सकारात्मक प्रतिफल के रूप में महिला पुलिसकर्मियों के लिए क्रेच एवं दोपहिया वाहन जैसी कल्याणकारी सुविधाएं भी साकार हुईं। उन्होंने कहा कि महिला पुलिसकर्मियों की संख्या निरंतर बढ़ रही है और इस प्रकार की पहल उन्हें पेशेवर दायित्वों एवं पारिवारिक जिम्मेदारियों के संतुलन में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान करेंगी। उन्होंने कहा कि यह उद्योग जगत एवं पुलिस के समन्वय का उतकृष्ट उदहारण है और इस पर विचार करने की आवश्यकता है कि कैसे इस पहल को प्रदेश स्तर पर अपस्केल किया जा सकता है । इस पूरे कार्यक्रम से सभी राज्यों की पुलिस को प्रेरण लेनी चाहिए। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी उद्योग जगत सामाजिक विकास एवं महिला सशक्तिकरण के लिए इसी प्रकार सहयोग करता रहेगा।
रिपोर्ट : बालेन्द्र गुप्ता सम्पादक

यक्ष एप प्रदेश पुलिस को आधुनिक एवं नई पीढ़ी की पुलिसिंग की ओर ले जाएगा : पुलिस महानिदेशक

बीट प्रणाली पुलिसिंग की मूल इकाई है, पर सूचना के अभाव से अपराध नियंत्रण में कठिनाई आती रही
एकीकृत व एआई आधारित ऐप से अपराधी संबंधी सूचना स्वतः सभी संबंधित बीटों तक तुरंत पहुँचेगी
इससे समय की बचत होगी तथा निगरानी, सत्यापन व अभियानों की प्रभावशीलता बढ़ेगी
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध “जीरो टॉलरेंस“ की नीति के क्रम में पुलिस व्यवस्था की रीढ़ मानी जाने वाली बीट पुलिसिंग को अधिक सुदृढ़, प्रभावी एवं जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा विकसित किये गये यक्ष एप के सफल क्रियान्वयन हेतु पुलिस मुख्यालय में दिनांक 24.01.206 से 27.01.2026 तक आयोजित तीन दिवसीय व्यवहारिक प्रशिक्षण एवं कार्यशाला का राजीव कृष्ण पुलिस महानिदेशक उ0प्र0 द्वारा शुभारम्भ किया गया।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस महानिदेशक, उ0प्र0 ने अपने संबोधन में कहा कि थाना व्यवस्था स्पष्ट एवं सुव्यवस्थित है, परन्तु प्रभावी पुलिसिंग के लिए बीट प्रणाली अत्यंत महत्वपूर्ण इकाई रही है, जो पिछले 100-125 वर्षों से पुलिस की मूल संरचना का आधार रही है। बीट कांस्टेबल की भूमिका ऐतिहासिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। समय के साथ बीट क्षेत्रों का आकार एवं संख्या मैनपावर की उपलब्धता के अनुसार बदलती रही है, जिससे अपराधियों की सही जानकारी संकलन एवं अद्यतन में कठिनाइयाँ आती थीं। ‘फर्द क’ एवं ‘फर्द ख’ जैसी व्यवस्थाएँ होते हुए भी व्यावहारिक रूप से सूचनाओं का आदान-प्रदान प्रभावी नहीं हो पाता था। परिणामस्वरूप अपराधियों की गतिविधियों, उनके निवास स्थान एवं आपराधिक इतिहास की समुचित जानकारी समय पर उपलब्ध नहीं हो पाती थी।
अभियानों के दौरान भी सूचना के अभाव में कार्यवाही अपेक्षाकृत कम प्रभावी रहती थी। इस समस्या के समाधान हेतु पूर्व में ‘त्रिनेत्र’, ‘बीट प्रहरी’, ‘ऑपरेशन पहचान’ जैसे विभिन्न ऐप्स विकसित किए गए, जिनसे आंशिक सुधार हुआ।
इन सभी अनुभवों को समाहित करते हुए बीट कर्मियों, हल्का एवं थाना प्रभारियों की सुविधा के लिए एक एकीकृत ऐप विकसित किया गया है, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भी समावेश किया गया है। इस प्रणाली के माध्यम से किसी अपराध की प्रविष्टि होते ही संबंधित सभी बीटों एवं थाना क्षेत्रों को अपराधी की सूचना स्वतः एवं तुरंत उपलब्ध हो जाएगी। इससे समय की बचत होगी तथा अपराधियों की निगरानी और सत्यापन अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगा।
उन्होंने विशेष रूप से कंप्यूटर ऑपरेटरों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि प्रारंभिक “मास्टर फाइल्स” में बीट क्षेत्र, गाँव, मोहल्ला एवं अन्य मूल सूचनाओं की सही प्रविष्टि अत्यंत आवश्यक है। यदि प्रारंभिक डाटा शुद्ध होगा तो आगे का विश्लेषण एवं कार्यवाही सटीक होगी, अन्यथा त्रुटियाँ लंबे समय तक बनी रहेंगी।
पुलिस महानिदेशक, उ0प्र0 द्वारा अपने संबोधन के अंत में विश्वास व्यक्त किया कि यह ऐप उत्तर प्रदेश पुलिस को आधुनिक एवं नई पीढ़ी की पुलिसिंग की ओर ले जाएगा तथा सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से इसे गंभीरता से समझकर प्रभावी रूप से लागू करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर अमिताभ यश अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था , एस0के0 भगत अपर पुलिस महानिदेशक अपराध , श्री शलभ माथुर पुलिस महानिरीक्षक कार्मिक/पुलिस महानिदेशक के जीएसओ, यक्ष एप निर्माण में सहयोग प्रदान करने वाली कम्पनी के अधिकारी एवं प्रशिक्षण हेतु आये अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
यक्ष ऐप की मुख्य विशेषतायें
प्रदेश की सभी बीटों की Geo&Fencing एवं फ्रीजिंग कर प्रत्येक बीट की स्पष्ट जिम्मेदारी तय की गई है।
पारंपरिक बीट बुक को डिजिटल बीट बुक में परिवर्तित कर रियल टाइम अपडेट एवं सुरक्षित डेटा संरक्षित किया गया है।
AI एवं Big Data आधारित अपराधी प्रोफाइलिंग से अपराधियों की गतिविधियों पर सटीक और सतत निगरानी संभव हुई है।
अपराध की संवेदनशीलता, समय, Modus Operandi एवं प्रयुक्त शस्त्र के आधार पर Criminal Scoring System विकसित किया गया है।
Face] Voice] Text एवं Vehicle Search जैसी AI आधारित सुविधाओं से अज्ञात अपराधों के अनावरण में सहायता मिल रही है।
Advance Gang Analysis एवं CrimeGPT के माध्यम से अपराध पैटर्न और गैंग नेटवर्क का विश्लेषण किया जा रहा है।
बीट स्तर पर Local Intelligence एवं Beat Information System के माध्यम से अपराध-पूर्व सूचनाएँ और संवेदनशील गतिविधियाँ दर्ज की जा रही हैं।
रिपोर्ट / बालेन्द्र गुप्ता सम्पादक

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *