नाराजगी व्यक्त करते हुए सभी थाना प्रभारियों को दिए निर्देश
मासिक सैनिक सम्मेलन एवं अपराध समीक्षा गोष्ठी आयोजित
एसपी ने सुदृढ़ कानून-व्यवस्था, प्रभावी अपराध नियंत्रण और उत्कृष्ट पुलिसिंग की दिशा में दिए कड़े निर्देश
महोबा। रिजर्व पुलिस लाइन सभागार कक्ष, महोबा में पुलिस अधीक्षक प्रबल प्रताप सिंह की अध्यक्षता में सैनिक सम्मेलन एवं मासिक अपराध समीक्षा गोष्ठी आयोजित की गई। सैनिक सम्मेलन : पुलिस कर्मियों की समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण प्राथमिकता – बैठक की शुरुआत सैनिक सम्मेलन से हुई, जिसमें पुलिस अधीक्षक ने जनपदीय पुलिस कर्मियों की समस्याओं का अनुश्रवण करते हुए उनके समयबद्ध एवं प्रभावी निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने समस्त थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने थानों में नियमित रूप से सैनिक सम्मेलन आयोजित कर पुलिस कर्मियों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर करें।
CCTNS में पांचवीं बार प्रथम स्थान- बैठक के दौरान CCTNS में लगातार पाँचवीं बार प्रथम रैंक प्राप्त करने पर नोडल अधिकारी एवं अपर पुलिस अधीक्षक वंदना सिंह को पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
बीट प्रणाली को सुदृढ़ करने हेतु महत्वपूर्ण निर्देश इसके अतिरिक्त, पुलिस अधीक्षक महोबा द्वारा बीट प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाने हेतु महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए। उन्होंने कहा कि बीट पुलिस अधिकारी अपनी बीट बुक में सभी आवश्यक विवरणों का पूर्ण अंकन सुनिश्चित करें, क्षेत्र के सभी अपराधियों का विस्तृत खाका तैयार रखें तथा उनके सत्यापन की प्रक्रिया में शत-प्रतिशत अनुपालन कराएं।
आगामी शीत ऋतु को ध्यान में रखते हुए चोरी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने हेतु सभी पुलिस बल को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि असामाजिक एवं अवांछनीय तत्वों की सूची को अद्यावधिक रखते हुए उन पर सतत निगरानी रखी जाए तथा सर्राफा बाजार, मुख्य बाजार एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जाए। हाल ही में राजधानी दिल्ली में घटित घटना को देखते हुए जनपद के सभी आयुध भंडारों की सघन चेकिंग कर स्टॉक, बिक्री एवं अभिलेखों की परीक्षण प्रक्रिया को कड़ाई से लागू करने के भी निर्देश दिए गए। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर कठोर विधिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
लम्बित विवेचनाओं पर जतायी कड़ी नाराजगी
उन्होंने जनपद में कानून-व्यवस्था की स्थिति को बेहतर और नियंत्रण में बनाए रखने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों का गहन होमवर्क करें, प्रत्येक छोटी-बड़ी गतिविधि पर सतर्क दृष्टि रखें तथा जुआ-सट्टा, अवैध शराब एवं अन्य असामाजिक गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाएं।
अपराध समीक्षा के दौरान पुलिस अधीक्षक ने जनपद में घटित आपराधिक घटनाओं एवं पंजीकृत अभियोगों की विस्तारपूर्वक समीक्षा की। उन्होंने लम्बित विवेचनाओं पर नाराजगी व्यक्त करते हुए सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि लम्बित विवेचनाओं के निस्तारण हेतु अभियान चलाकर शीघ्र एवं निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। वांछित एवं मफरूर अभियुक्तों की गिरफ्तारी, महिला सम्बन्धी अपराधों पर नियंत्रण, अपहृत व्यक्तियों की बरामदगी तथा पुरस्कार घोषित अपराधियों की गिरफ्तारी पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए गए। इसके साथ ही शातिर एवं आदतन अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोलने तथा उन पर निरंतर निगरानी रखने पर जोर दिया गया। उन्होंने निर्देशित किया कि जुआ अधिनियम, एनडीपीएस एक्ट, आबकारी अधिनियम, शस्त्र अधिनियम, गैंगेस्टर एक्ट तथा गुण्डा एक्ट के तहत प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। किसी भी घटना पर पंजीकृत मुकदमे की प्राथमिक जांच 24 घंटे के भीतर पूरी कर पीड़ित पक्ष से संवाद स्थापित करने के भी निर्देश दिए गए।
यातायात माह नवंबर—जागरुकता व प्रवर्तन पर विशेष जोर
यातायात माह नवंबर के तहत संचालित जागरूकता अभियानों की समीक्षा करते हुए पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जनपद में रैंडम चेकिंग के साथ प्रभावी प्रवर्तन सुनिश्चित किया जाए तथा यातायात नियमों की अनदेखी कर स्वयं एवं दूसरों की जान जोखिम में डालने वालों के विरुद्ध एमवी एक्ट के तहत कठोर कार्रवाई की जाए।
उन्होंने जनसुनवाई प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाते हुए IGRS पोर्टल, पीजी पोर्टल एवं अन्य माध्यमों पर प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक वंदना सिंह, क्षेत्राधिकारी चरखारी दीपक दुबे, क्षेत्राधिकारी कुलपहाड़ रविकांत गोंड, प्रतिसार निरीक्षक शिवकुमार तथा जनपद के समस्त प्रभारी निरीक्षक/थानाध्यक्ष, थाना प्रभारी जीआरपी एवं शाखा प्रभारी उपस्थित रहे।
प्रदेश समाचार / महोबा टीम







