एडीजी कानपुर ने किया कोतवाली उरई का आकस्मिक निरीक्षण

एडीजी कानपुर आलोक सिंह ने किया कोतवाली उरई का आकस्मिक निरीक्षण
दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
उरई। अपर पुलिस महानिदेशक, कानपुर जोन, आलोक सिंह ने मंगलवार को कोतवाली उरई का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने थाना परिसर, थाना कार्यालय, CCTNS कार्यालय, महिला हेल्प-डेस्क, साइबर हेल्प-डेस्क एवं हवालात का गहन निरीक्षण किया। एडीजी ने थाना अभिलेखों की प्रविष्टियों का अवलोकन कर व्यवस्था की बारीकियों को परखा और पुलिस कर्मियों को कार्यप्रणाली को और अधिक पारदर्शी तथा प्रभावी बनाने के आवश्यक निर्देश दिए। निरीक्षण के समय पुलिस अधीक्षक जालौन डॉ. दुर्गेश कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक प्रदीप कुमार वर्मा, क्षेत्राधिकारी नगर उरई अर्चना सिंह, क्षेत्राधिकारी कालपी अवधेश कुमार सिंह, कोतवाली उरई प्रभारी अंजन कुमार सिंह सहित कोतवाली के अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। एडीजी ने महिला हेल्प-डेस्क और साइबर हेल्प-डेस्क की कार्यशैली पर विशेष ध्यान देते हुए यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि प्रत्येक पीड़ित को त्वरित व निष्पक्ष न्याय मिल सके। उन्होंने पुलिस कर्मियों से कहा कि महिला सम्बन्धी अपराधों एवं साइबर अपराधों की जांच में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके साथ ही हवालात का निरीक्षण करते हुए कैदियों की सुरक्षा एवं सुविधाओं पर भी जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट किया कि कैदियों के साथ मानवीय व्यवहार किया जाए और किसी भी प्रकार की दुर्व्यवहार की शिकायत सामने नहीं आनी चाहिए। थाना परिसर की साफ-सफाई और व्यवस्था पर संतोष व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस थाने जनता की पहली चौखट होते हैं इसलिए उनकी छवि साफ-सुथरी और अनुशासित होनी चाहिए। एडीजी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभिलेखों का सही रख-रखाव,एफ आई आर की प्रविष्टि में पारदर्शिता और विवेचना की गति को और बेहतर बनाया जाए। निरीक्षण के अंत में उन्होंने सभी पुलिस कर्मियों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी जनता की सेवा और कानून-व्यवस्था की मजबूती है। आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुनकर तत्काल कार्रवाई करें जिससे जनता का पुलिस पर विश्वास और मजबूत हो सके।

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बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार के विरोध में सामाजिक संगठनों ने विरोध प्रदर्शन कर फूंका पुतला

उरई। बांग्लादेश में हिंदू भाइयों पर हो रहे लगातार अत्याचार, हिंसा और अमानवीय घटनाओं के विरोध में मंगलवार को उरई नगर के घंटाघर बाजार में व्यापारी समाज एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में एक विशाल विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश का पुतला दहन कर अपना आक्रोश प्रकट किया तथा बांग्लादेश में दिवंगत हुए हिंदू भाइयों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की।प्रदर्शन में बड़ी संख्या में व्यापारी, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी, युवा वर्ग एवं आम नागरिक शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों की कड़ी निंदा की। वक्ताओं ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदू समुदाय को सुनियोजित ढंग से निशाना बनाया जा रहा है, जो मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन है और पूरे विश्व के लिए चिंता का विषय है।                                                                       प्रदर्शन के दौरान उपस्थित लोगों ने हाथों में तख्तियाँ लेकर बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा की मांग करते हुए नारेबाजी की। घंटाघर बाजार में बांग्लादेश का पुतला दहनकर प्रदर्शनकारियों ने यह संदेश दिया कि हिंदू समाज अपने भाइयों पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ चुप नहीं बैठेगा।इसके पश्चात व्यापारी समाज एवं सामाजिक संगठनों के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट उरई को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि भारत सरकार इस गंभीर विषय पर कूटनीतिक स्तर पर ठोस कदम उठाए तथा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा का मुद्दा मजबूती से उठाए। साथ ही बांग्लादेश सरकार पर दबाव बनाकर वहाँ के हिंदू समुदाय की जान-माल एवं धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित कराई जाए। प्रदर्शन के दौरान बांग्लादेश में मारे गए निर्दोष हिंदू भाइयों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। आयोजकों ने कहा कि यह आंदोलन किसी देश या जनता के विरुद्ध नहीं है, बल्कि मानवता, न्याय और धार्मिक स्वतंत्रता के समर्थन में है। कार्यक्रम शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। आयोजकों ने चेतावनी दी कि यदि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार नहीं रुके, तो व्यापारी समाज एवं सामाजिक संगठन आगे भी आंदोलन करने को मजबूर होंगे। इस अवसर पर कार्यक्रम में अनूप लौखटिया, रविन्द्र राजपूत, उदय ठाकुर, संजीव सिपोलिया, डॉक्टर प्रज्ञा राजपूत, प्रदीप द्विवेदी, उमाकांत गुप्ता, उत्कर्ष गुप्ता, बलवीर जादौन, मंजू विजय गुप्ता, अनीता गुप्ता, राशि राजपूत, अरविंद गुप्ता मामा अन्य सामाजिक संगठन के लोग व्यापारी समाज सहित डेढ़ सैकड़ा लोग उपस्थित रहें।
सम्पादक / बालेन्द्र गुप्ता : रिपोर्ट / प्रमोद यादव (ब्यूरो प्रमुख – उरई – जालौन)

सुशासन की मिसाल : गांव की गलियों में उतरा प्रशासन, नूरपुर में खुद सुनी जनता की आवाज

निरीक्षण के दौरान गांव में मौजूद पुराने कुओं को भी लिया गया संज्ञान में
राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की दी जानकारी
उरई। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय व पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार ने खण्ड विकास महेवा के ग्राम नूरपुर पहुंचकर न केवल चौपाल लगाई, बल्कि गांव की गली-गली घूमकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। इस अवसर पर अधिकारियों ने बुजुर्गों, युवाओं और बच्चों से आत्मीय बातचीत करते हुए केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी और यह भी समझाया कि आमजन इन योजनाओं का लाभ कैसे सरलता से प्राप्त कर सकते हैं। गांव में पहली बार ऐसा दृश्य देखने को मिला जब प्रशासन खुद लोगों के द्वार तक पहुंचा और उनकी समस्याओं को मौके पर ही सुना।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से गलियों में कीचड़ हो जाता है, जिससे आवागमन में भारी परेशानी होती है। समस्या को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारी को मौके पर ही निर्देश दिए कि इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर कार्ययोजना में शामिल कर प्रॉपर ड्रेनेज सिस्टम सुनिश्चित कराया जाए। निरीक्षण के दौरान गांव में मौजूद पुराने कुओं का भी संज्ञान लिया गया। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि इन कुओं को संरक्षित एवं पुनर्जीवित किया जाए, ताकि जल संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण विरासत भी सुरक्षित रह सके। इस दौरान एसपी ने ग्रामीणों से संवाद करते हुए सुरक्षा, कानून-व्यवस्था एवं सामाजिक सहयोग पर चर्चा की और भरोसा दिलाया कि पुलिस प्रशासन हर समय जनता के साथ खड़ा है। यह पूरा अभियान इस बात का जीवंत उदाहरण बना कि उत्तर प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन अब फाइलों से निकलकर गांव की गलियों में उतर आया है। समस्याओं को दूर से नहीं, बल्कि आंखों से देखकर और कानों से सुनकर समाधान किया जा रहा है। शासन की योजनाएं अब कागजों तक सीमित नहीं, बल्कि सीधे जनता तक पहुंच रही हैं। नूरपुर गांव में प्रशासन की यह पहल ग्रामीणों के लिए विश्वास, संवाद और विकास का प्रतीक बन गई, जिसने यह संदेश दिया कि सुशासन केवल नारा नहीं, बल्कि ज़मीन पर दिखाई देने वाली सच्चाई है।इस अवसर पर डीसी मनरेगा रामेन्द्र सिंह, खण्ड विकास अधिकारी सहित सम्बंधित अधिकारी मौजूद रहे।
सम्पादक / बालेन्द्र गुप्ता : रिपोर्ट / प्रमोद यादव (ब्यूरो प्रमुख – उरई – जालौन)

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