खनिकर्म विभाग ने किया फेरबदल , झांसी के खनिज अधिकारी का तबादला
सोनभद्र में खनन पट्टा और परमिट संबन्धी मामला गरमाया
लखनऊ । उत्तर प्रदेश के भू तत्व एवं खनिकर्म विभाग ने प्रशासनिक फेरबदल किया है। सोनभद्र में तैनात खनन अधिकारी शैलेंद्र सिंह पटेल को झांसी तबादला कर दिया गया है। उनकी जगह पर मुख्यालय से कमल कश्यप को सोनभद्र का नया खान अधिकारी नियुक्त किया गया है। यह तैनाती ऐसे समय में हुई है जब अवकाश और दीपावली का त्यौहार चल रहा है। इस फेरबदल से ऐसा महसूस किया जा रहा है जैसे जनपद सोनभद्र में कुछ विवाद गहराया हो। हालांकि जनपद सौभद्र में काफी दिनों से खनन पट्टा और परमिट से संबंधित मामला गरमाया हुआ था जिसमे बालू खनन भी शामिल है। बताया गया कि नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट में जनपद सोनभद्र में खनन कार्यों को लेकर कई खुलासे किए गए थे।
जानकारी के मुताविक खनन अधिकारी शैलेंद्र कुमार पटेल पर कई आरोप लगे थे। सोनभद्र के कई मीडिया संस्थानों में उनसे जुड़ी खबरें सामने आई थीं, जिनमें ओवरलोडिंग और बिना एमएम-11 के वाहनों का संचालन शामिल था। उन पर पत्थर खनन पट्टों में एक वर्ष के बजाय एक महीने का एमएम-11 जारी कर पूरे वर्ष बिना परमिट के खनन की अनुमति देने के भी आरोप थे। शिकायतों के बावजूद, शैलेंद्र कुमार पटेल ने ऐसे खननकर्ताओं पर कोई कार्रवाई नहीं की, जो परमिट निकालकर एक महीने में ही बेच दिया करते थे। मालूम हो कि जेष्ठ खान अधिकारी शैलेंद्र सिंह के खिलाफ कई मामले चल रहे थे, मिर्जापुर में तैनाती के दौरान 16 लाख घन मीटर इमारती पत्थर का खनन करवाया था जिसकी जाँच चल रही है और इन्हें सोनभद्र की पोस्टिंग दे दी गई थी। लगभग 1 साल से सोनभद्र में पोस्टिंग के दौरान काफी मामले हुए है जिनकी शिकायत शासन से हुयी है। फिलहाल इन्हें झांसी का जेष्ठ खान अधिकारी बनाया गया है। क्योकिं शैलेन्द्र सिंह काफी गैटिंग सैटिंग वाले अधिकारी है।हालांकि सूत्रों का कहना है कि शासन ने यह कार्रवाई शासकीय कार्यहित में तात्कालिक प्रभाव से की है। मंगलवार 21 अक्टूबर 2025 को जारी इस आदेश पर सचिव माला श्रीवास्तव और उप सचिव दिलीप कुमार शुक्ला के डिजिटल हस्ताक्षर अंकित हैं।शासनादेश में कहा गया है कि शैलेन्द्र सिंह तत्काल अपने नये तैनाती स्थल झांसी में कार्यभार ग्रहण करें और उसका विवरण शासन व भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय, लखनऊ को उपलब्ध कराएं। आदेश की प्रतिलिपि निदेशक, मण्डलायुक्त मिर्जापुर-झांसी, जिलाधिकारी सोनभद्र-झांसी और संबंधित कोषाधिकारी को भी भेजी गई है।
प्रदेश समाचार / लखनऊ टीम

कृति शर्मा, टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस लिमिटेड एवं राउंड टेबल इंडिया के वरिष्ठ प्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति में सम्पन्न हुआ। टाटा एआईजी एवं राउंड टेबल इंडिया के प्रतिनिधि विशेष रूप से मुंबई एवं
दिल्ली से कार्यक्रम में शामिल हुए ।
निदेशक, उ0प्र0 ने अपने संबोधन में कहा कि थाना व्यवस्था स्पष्ट एवं सुव्यवस्थित है, परन्तु प्रभावी पुलिसिंग के लिए बीट प्रणाली अत्यंत महत्वपूर्ण इकाई रही है, जो पिछले 100-125 वर्षों से पुलिस की मूल संरचना का आधार रही है। बीट कांस्टेबल की भूमिका ऐतिहासिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। समय के साथ बीट क्षेत्रों का आकार एवं संख्या मैनपावर की उपलब्धता के अनुसार बदलती रही है, जिससे अपराधियों की सही जानकारी संकलन एवं अद्यतन में कठिनाइयाँ आती थीं। ‘फर्द क’ एवं ‘फर्द ख’ जैसी व्यवस्थाएँ होते हुए भी व्यावहारिक रूप से सूचनाओं का आदान-प्रदान प्रभावी नहीं हो पाता था। परिणामस्वरूप अपराधियों की गतिविधियों, उनके निवास स्थान एवं आपराधिक इतिहास की समुचित जानकारी समय पर उपलब्ध नहीं हो पाती थी।



