पत्रकार के पुत्र पर जानलेवा हमला

राजहंस पेट्रोल पंप के पास हुयी घटना
झांसी। नवाबाद थाना क्षेत्रांतर्गत न्यू रोड पर बाइक से घर जा रहे पत्रकार के पुत्र पर लोहे की रोड से हमला कर दिया। घायल अवस्था में उसे जिला अस्पताल लाया गया जहां से मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है।
जानकारी के मुताबिक कोतवाली थाना क्षेत्र के तलैया मोहल्ला निवासी न्यूज 24 के पत्रकार असद खान का पुत्र आज देर शाम बाइक से गोविंद चौराहे से अपने घर की ओर जा रहा था। जैसे ही वह राजहंस पेट्रोल पंप के पास पहुंचा तभी किसी अन्य बाइक से उसकी बाइक टकरा गई। जिससे विवाद बढ़ गया। विपक्षी ने अपने तीन अन्य साथियों को वहां मौके पर बुलाकर लोहे की रोड ओर लात घुसो से हमला कर दिया। जिससे सर में चोट लगने पर पत्रकार का पुत्र गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना पर पहुंची डायल 112 ने घायल को जिला अस्पताल भिजवाया। जहां हालत गंभीर होने पर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया है। इस घटना को लेकर पत्रकारों में काफी रोष है।
प्रदेश समाचार / झाँसी टीम

वन्देमातरम अनिवार्य करने पर 27 साल पहले मंत्री पद से बर्खास्त हुए थे रवींद्र शुक्ल

उस समय केंद्र व प्रदेश में थी भाजपा की सरकार
दीपक कठिल / झांसी। राष्ट्र गीत वन्देमातरम के 150 साल पूरे होने पर आज लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का व्यक्तव्य सचमुच झकझोर देने वाला रहा l उन्होंने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि आजादी के आंदोलन को धार देने वाले राष्ट्रगीत को किस तरह देश के तत्कालीन नीति नियंताओं ने तुष्टिकरण की राजनीति के चलते काट छांट कर उसके मूल स्वरूप को नष्ट करने का काम किया I इस ऐतिहासिक भूल पर तमाम प्रमाणों के साथ बहुत ही नपे तुले शब्दों में उन्होंने लोकसभा में चर्चा के दौरान बोलते हुए समूचे राष्ट्र को सच्चाई से रूबरू कराया l विलायती हुकूमत के खिलाफ लड़ने और अपनी जान न्यौछावर करने वाले लाखों योद्धाओं की नस नस में जोश भरने वाले राष्ट्रगीत का यह सम्मान निश्चित रूप से आजाद भारत में वंदनीय और अभिनंदनीय है l पहली बार राष्ट्र गीत वन्देमातरम का इस तरह महिमा मंडन कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और केंद्र सरकार ने एक नया इतिहास रचने का काम किया है l
लोकसभा में प्रधानमंत्री जी के झकझोर देने वाले संबोधन को सुनते समय आज से 27 साल 4 दिन पहले की 4 दिसंबर 1998 की वो तारीख भी याद आ गई,जब उत्तर प्रदेश के प्राथमिक स्कूलों में राष्ट्रगीत वन्देमातरम का गायन अनिवार्य करने पर तत्कालीन बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार रवींद्र शुक्ल को बर्खास्त कर दिया गया था l वह भी तब जब केंद्र व प्रदेश में भाजपा की सरकार थी l शुक्ल ने अपनी महत्वाकांक्षी कल्प योजना के तहत प्रदेश के सरकारी स्कूलों में वन्देमातरम और सरस्वती वंदना का गायन अनिवार्य कर दिया था l इस पर लोकसभा में जमकर हंगामा हुआ I इतना ही नहीं उनके खिलाफ फतवा भी जारी हुआ I आदेश वापस लेने, न लेने को लेकर कई दिनों तक काफी जद्दोजहद हुई l अंततः 4 दिसंबर 1998 को आजाद भारत में पहली बार राष्ट्रगीत वन्देमातरम को अपेक्षित सम्मान दिलाने की कोशिश करने वाले वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई की नगरी का 4 बार से लगातार प्रतिनिधित्व कर रहे तत्कालीन बेसिक,प्रौढ़ व अनौपचारिक शिक्षा राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार रवींद्र शुक्ल रातों रात बर्खास्त कर पैदल कर दिए गए I भाजपा सरकार के रहते यह सब कैसे हुआ,क्यों हुआ यह प्रश्न 27 साल लंबे अतीत के पन्नों में आज तक दबा हुआ है l राष्ट्रगीत वन्देमातरम के लिए पद गंवाने वाले शुक्ल आज राजनीतिक क्षेत्र में भले प्रभावी भूमिका में न हों पर अपने राष्ट्रवादी तेवरों को अनवरत साहित्य सृजन और हिंदी साहित्य भारती के बैनर तले कलमकारों के बीच रचनात्मक कार्यक्रमों के द्वारा लगातार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पटल पर धार देने की उनकी साधना लगातार जारी है।
प्रदेश समाचार / झाँसी टीम

टॉस्क फोर्स टीम ने खनन पट्टे का किया आकस्मिक निरीक्षण

गिट्टी का अवैध परिवहन करते चार ट्रक पकड़े
झांसी। जिलाधिकारी के निर्देशानुसार जनपद-झॉसी में अवैध खनन/परिवहन पर प्रभावी कार्यवाही हेतु गठित तहसील स्तरीय टास्क फॉर्स टीम (राजस्व विभाग, पुलिस विभाग, वन विभाग एवं खनिज विभाग) द्वारा 7 दिसम्बर 2025 को जनपद झांसी की तहसील-टहरौली स्थित ग्राम कुकरगांव में नदी तल में संचालित बालू/मोरम के खनन पट्टे का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। प्रश्नगत क्षेत्र में खनन पट्टा क्षेत्र में मशीन द्वारा खनन कार्य करते पाये जाने पर सम्बन्धित पट्टाधारक के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है।
गठित टास्क फोर्स द्वारा 5 दिसंबर 2025 से अभियान चलाकर जनपद के खनन पट्टा क्षेत्रों, संभावित अवैध खनन स्थल व परिवहन के मार्गों पर जांच की गयी, जिसमें 17 वाहनों का चालान करते हुए रू0 7.54 लाख की शास्ति अधिरोपित की गयी है तथा अवैध परिवहन में संलिप्त कशर मालिकों पर भी कार्यवाही की जा रही है। थाना चिरगांव अन्तर्गत ग्राम-महेवा/मुराटा में बालू/मौरम के अवैध खनन / परिवहन में संलिप्त एक डम्पर को थाना-चिरगांव में निरूद्ध कराते हुए संलिप्त व्यक्तियों के विरूद्ध अभियोग पंजीकृत कराया गया है। 7 व 8 दिसम्बर 2025 की रात्रि में प्रभारी निरीक्षक थाना-पूंछ के साथ जांच करते हुए गिट्टी के अवैध परिवहन में 04 ट्रक / डम्पर को थाना-पूंछ में निरूद्ध कराया गया है। ग्राम-दासना, परैछा, सिलारी, मडौराखुर्द, गोरामछिया व खैलार स्थित खनन पट्टो की जांच करायी गयी है। जिन पट्टा क्षेत्रों में अनियमितता पायी गयी है, में सम्बन्धित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए है।
जिलाधिकारी ने तहसील स्तरीय टास्क फोर्स को निर्देशित किया है कि अपने-अपने तहसील क्षेत्र अन्तर्गत भ्रमणशील रहते हुए अवैध खनन / परिवहन पर प्रभावी कार्यवाही करना सुनिश्चित करें। नदी क्षेत्र में बालू / मोरम के संचालित खनन पट्टों की औचक जांच करने के निर्देश गठित टास्क फोर्स को दिये गये है। बालू/मोरम के किसी भी खनन पट्टा क्षेत्र में प्रतिबन्धित मशीनों से खनन किया जाना पाये जाने पर सम्बन्धित के विरूद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिये।
प्रदेश समाचार / झाँसी टीम

पूर्व विधायक दीपनारायण सिंह यादव के नेटवर्क में रहने वाले लोगों पर पुलिस की निगाह टेढ़ी

गोपनीय सूची हो रही तैयार , अभी तक टीमों को नहीं मिला है सुराग
नामी व बेनामी संपत्तियां नए सिरे से खंगालनी शुरु की पुलिस ने
झांसी। शासन ने सपा के पूर्व विधायक पर पूरी तरह से शिकंजा कसना शुरु कर दिया है। अब तक का उनका आपराधिक इतिहास भी तलब किया है। इसको लेकर पुलिस बैचेन नजर आ रही है। यही नहीं, नामी व बेनामी संपत्तियां नए सिरे से खंगालनी शुरु की है। साथ ही पूर्व विधायक नेटवर्क में रहने वाले लोगों की गोपनीय तरीके से सूची तैयार की जा रही है। उधर, आईजी रेंज के निर्देश पर गठित की गई टीमों की छापेमार कार्रवाई जारी है, लेकिन अभी तक किसी प्रकार का सुराग हाथ नहीं लगा है।
मालूम हो कि गरौठा से विधायक रह चुके पूर्व विधायक दीपनारायण सिंह यादव पर 20 नवंबर 2025 को मोंठ थाना में गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद से ही पूर्व विधायक भूमिगत है। आरोपी विधायक की तलाश में आईजी रेंज आकाश कुलहरि के निर्देश पर रेंज की तीनों एसओजी टीमें लगी हुई है। इसके अलावा मोंठ, सीपरी बाजार समेत अन्य थानों के निरीक्षक भी दबिश में शामिल है। उधर, पूर्व विधायक ने हाईकोर्ट में एफआईआर दर्ज कराने और गिरफ्तारी करने पर रोक लगाने की मांग को लेकर एक याचिका दायर की है। इसकी सुनवाई 10 दिसंबर को डबल बेंच में होना है। इस संबंध में रेंज आईजी आकाश कुलहरि ने बताया कि पूर्व विधायक दीपनारायण सिहं यादव को गिरफ्तार करने के लिए टीमें लगातार छापेमार की कार्रवाई कर रही है। साथ ही हाईकोर्ट में दायर याचिका को खारिज करने का पूरा प्रयास किया जा रहा है।
नए सिरे से खंगाली जा रही हैं संपत्तियां
पूर्व विधायक दीपनारायण सिंह यादव की करीब तीन साल बाद मुश्किलें बढ़नी शुरु हो गई है। उनके खिलाफ शिकंजा कसने को पुलिस ने उनकी नामी व बेनामी संपत्तियों को नए सिरे से खंगालनी शुरु की है। पूर्व विधायक की जनपद में 28 संपत्तियों का पता चला है। इसकी कीमत 58.44 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस संपत्ति को कुर्क करने की तैयारी शुरु हो गई है।
अब तक का आपराधिक इतिहास
पूर्व विधायक पर सबसे पहला मुकदमा नवाबाद थाना में वर्ष 1988 में दर्ज किया गया था। नवाबाद थाना में दफा 147,323, 504, 506, मोंठ थाना में 452,323, 7 पीसीआर, नवाबाद थाना में 315,186, 123, 12 एमवीएक्ट, मोंठ थाना में 395, 323,504,506, दफा 147,148,307, 504,506, 3/4 डीपी एक्ट, धारा 387, नवाबाद थाना में दफा 279,337,338, 147,148,149,307, मोंठ थाना में 147,323, 452, 427, 3 यूपी गुंडा एक्ट, 325, 323, 504, 506, नवाबाद थाना में 387, मोंठ में 325, 323,506,504, धारा 110 सीआरपीसी, 323, 504,506, 147,148,504,506, 307, 323, 147,323, 147,148, 308, 323,324, 342, 504, 506, 3 यूपी गुंडा एक्ट, 147,148, 323, 504, 395, 342, एससी/एसटी एक्ट, 147,148,149, 387, 323, 307, 506, 325, 3 यूपी गुंडा एक्ट, हजरतगंज थाना लखनऊ में 147,148,332,353, 383, 504, 427, 336, 436, 341, मोंठ थाना में 2/3 गैंगेस्टर एक्ट, चिरगांव थाना में 504,506, मोंठ थाना में 395, 397, 2 (ग), लो.प्र.अधिनियम, धारा 110 सीआरपीसी, धारा 2/3 यूपी समाज क्रियाकलाप एक्ट, धारा 110जी, धारा 110 जी, बबीना थाना में धारा 120, 147, 166,167, 171 ई, 323, 342, 392, 406, 409, 420, 467, 468, 506,504, नवाबाद थाना में 147, 341, 353, 504, 506 दर्ज है। इस प्रकार उनके खिलाफ विभिन्न दफाओं के तहत 65 मुकदमा पंजीकृत है। इनमें 12 मुकदमे को छोड़कर अधिकांश मुकदमे खत्म हो गए हैं। किसी में समझौता तो किसी में एफआर लगाई गई है।
16 थानों में पंजीकृत कराए गए थे मुकदमा
नवाबाद थाना में 17, मोंठ में तीस, सीपरी बाजार में दो, जालौन के एट थाना में दो, हजरतगंज लखनऊ, चिरगांव, बबीना, शाहजहांपुर, गरौठा, गुरसरांय, उरई, बड़ागांव, सतर्कता अधिष्ठान, कन्नौज के गुरसहायगंज, एरच और प्रेमनगर थाना में पंजीकृत किए थे। इन मुकदमों का शुरुआत क्रमांक नंबर 671/ 88 से हुई थी, जो क्राइम नंबर 250/25 तक जारी है.
यह मामले हैं विचाराधीन
सीपरी बाजार थाना में 147,148, 323, 342, 354 (ख), 395, 397, 506,504, 120बी, चिरगांव थाना में दफा 147, 332,353, 188, 323, 504,506, 7 सीएल एक्ट, गरौठा थाना में धारा 171 ई, 171 एफ, 188, गुरसरांय थाना में 60/72 आबकारी एक्ट, नवाबाद थाना में 147,148,149, 353, 332, 504, 224, 225, 511,186, 189, 120 बी, 388, 7 सीएलए एक्ट, कन्नौज के थाना गुरसहायगंज में दफा 120 बी,186,189, 224, 225, 353, जालौन के एट थाना में 2/3 गैंगेस्टर एक्ट, मोंठ थाना में 147, 353, 341, 504,506, 225, 189, 120 बी, नवाबाद थाना में 3 (2) 5 एससी एसटी एक्ट, 120बी, 323, 327, 365, 386, 420, 506, मोंठ थाना में 120बी, 388, 447, 504, नवाबाद थाना में 2/3 गैंगस्टर एक्ट के मामले विचाराधीन है।
प्रदेश समाचार / क्राईम रिपोर्टर

बुंदेलखंड में जल संरक्षण के मॉडल कार्यों का नाबार्ड दल ने किया निरीक्षण

नावार्ड की टीम ने देखी कागज पर उकेरी बदलते गांवों की तस्वीर
झांसी। तहसील टहरौली में नाबार्ड मुख्यालय से आए दल ने जल संरक्षण के कार्यों का निरीक्षण किया,नाबार्ड मुख्यालय, मुंबई के चीफ जनरल मैनेजर डॉ भवानी शंकर, नाबार्ड लखनऊ कार्यालय के चीफ जनरल मैनेजर पंकज कुमार, डीजीएम सिद्धार्थ शंकर, तथा झांसी के डीडीएम भूपेश पाल सहित सभी सदस्यों का ग्राम प्रधान सहित अन्य अधिकारियों ने पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया। दल ने इक्रीसेटद्वारा टहरौली तहसील के 40 गाँवों में किए गए वर्षाजल संरक्षण एवं प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन के कार्यों का निरीक्षण किया। दल के सदस्यों ने ग्राम नोटा में निर्मित सामुदायिक तालाब, ग्राम गुंडाहा में बनाए गए जल संचयन ढाँचों तथा भदोखर में पुनर्जीवित हवेली का बारीकी से अवलोकन करते हुए संरक्षण की उपयोगिता को समझा। इसके अलावा दल ने भगोरा में विकसित कृषिवानिकी मॉडल, सूक्ष्म सिंचाई के लिए किसानों को उपलब्ध कराए गए स्प्रिंकलर और ड्रिप इरिगेशन प्रणालियों का भी जायजा लिया। क्षेत्र के किसानों को इस प्रणाली के उपयोग से फसलों का आच्छादन और उत्पादन में लगातार बढ़ोतरी हो रही की भी जानकारी दी। नाबार्ड मुख्यालय मुंबई से आए चीफ जनरल मैनेजर सहित अन्य अधिकारियों को निरीक्षण के दौरान ग्लोबल थीम लीडर एवं प्रधान वैज्ञानिक डॉ रमेश सिंह और सलाहकार आर.के. उत्तम ने परियोजना क्षेत्र में किए गए जल संरक्षण कार्यों की विस्तार से जानकारी बड़े मानचित्र के माध्यम से दी। वहीं सहायक वैज्ञानिक डॉ0 अशोक शुक्ला ने कृषिवानिकी मॉडल, बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण तथा खेत-परिवेश में सुधार के प्रयासों के बारे में बताया। नाबार्ड मुख्यालय मुंबई के चीफ जनरल मैनेजर डॉ भवानी शंकर सहित अन्य सदस्यों ने परियोजना के अंतर्गत हुए कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि यदि इसी प्रकार के जल संरक्षण और संसाधन प्रबंधन के प्रयास बुंदेलखंड के पूरे 10 मिलियन हेक्टेयर क्षेत्र में लागू किए जाएँ, तो सिंचाई हेतु और पेयजल की दीघर्् ाकालिक समस्या का समाधान संभव है। इस मौके पर डी के सचान, प्राकृतिक संसाधन संरक्षण समिति के अध्यक्ष आशीष उपाध्याय, पुष्पेन्द्र सिंह बुंदेला, डॉ अशोक शुक्ला, रामप्रकाश पटेल, रामेश्वर शर्मा, दीनदयाल पटेल, नातीराजा बुंदेला, रविन्द्र सोनी, गौरीशंकर सिरबैया, गौरव पटेल, राजू शर्मा नोटा, रामसिंह बुंदेला, जयराज सिंह राना, प्रहलाद सिंह, शैलेन्द्र सोनी, आनंद सिंह, शिशुवेंद्र सिंह, ललित किशोर, दीपक त्रिपाठी, विजय सिंह, छायाकार पिंटू, सुनील निरंजन, राकेश कुमार, सत्येन्द्र सिंह, अनिल कुमार, निहाल सिंह, पर्वत कुशवाहा, नीरज कुमार आदि उपस्थित रहे।
प्रदेश समाचार झाँसी

किसान हमारे केन्द्र बिन्दु,शिक्षा हमारी शक्ति -कुलपति

दीक्षारम्भ समारोह में नवागंतुक विद्यार्थियों का किया स्वागत
झाँसी। रानी लक्ष्मी बाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय में प्रवेशित 300 से अधिक नवागंतुक स्नातक विद्यार्थियों के लिए दीक्षारम्भ कार्यक्रम का शुभारम्भ विश्वविद्यालय परिसर में किया गया। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप आयोजित यह दो सप्ताह का विशेष सत्र विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, नैतिक मूल्यों, भारतीय सांस्कृतिक समझ एवं शैक्षणिक अभिमुखीकरण पर केंद्रित रहेगा।
कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना से हुई। अध्यक्षीय सम्बोधन में कुलपति प्रो. अशोक कुमार सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय गुणवत्ता युक्त, नवाचार आधारित तथा किसान केंद्रित कृषि शिक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपेक्षा की कि वे व्यावहारिक एवं जनोपयोगी शिक्षा को अपनाते हुए ग्रामीण विकास में सार्थक योगदान देने का संकल्प लें। इस अवसर पर कुलसचिव पुस्तकालाध्यक्ष डॉ. एस.एस. कुशवाह ने शैक्षणिक गतिविधियों, परीक्षा प्रणाली और पुस्तकालय सुविधाओं की जानकारी दी। दीक्षारम्भ कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. योगेश्वर सिंह ने बताया कि दो सप्ताह की अवधि में विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति,अनुशासन, योगाभ्यास, कला,धरोहर संरक्षण एवं व्यक्तित्व विकास जैसे विषयों से जोड़ने के साथ-साथ बुन्देल खण्ड के ऐतिहासिक स्थलों का शैक्षणिक भ्रमण भी कराया जाएगा। चिकित्साधिकारी डॉ. पुनीत चौधरी ने स्वास्थ्य सुविधाओं एवं स्वस्थ जीवन शैली पर मार्गदर्शन दिया। छात्र-कल्याण अधिकारी डॉ. गौरव शर्मा ने छात्र-कल्याण योजनाओं, एनएसएस, एनसीसी एवं सहदृशैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी प्रदान की।
प्रदेश समाचार झाँसी

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम एक उत्सव की भांति : पवन गौतम

सामूहिक विवाह कार्यक्रम में 196 जोड़े (179 हिन्दु एवं 17 मुस्लिम जोड़े) बंधे दाम्पत्य सूत्र में
झांसी। समाज कल्याण विभाग झांसी द्वारा संचालित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत “सामूहिक विवाह कार्यक्रम” का आयोजन रामराजा गार्डन कोछाभांवर झांसी में किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया।
इसके पश्चात जिला समाज कल्याण अधिकारी श्रीमती ललिता यादव द्वारा मंचासीन अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष पवन गौतम ने कहा कि मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं में शुमार सामूहिक विवाह योजना के माध्यम से गरीब एवं निराश्रित महिलाओं के विवाह की समस्याओं का निराकरण किया है। उन्होंने समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अन्तर्गत उन सभी 196 नवयुगल जोड़ों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आप सभी ने इस आयोजन का प्रतिभागी बन दहेज प्रथा जैसी एक बड़ी कुरीति को तोड़ने का कार्य किया है। उन्होंने सामूहिक विवाह में उपस्थित समस्त जन-प्रतिनिधियों और अधिकारियों का हार्दिक अभिनन्दन करते हुए कहा कि सामूहिक विवाह कार्यक्रम हमारे लिए एक उत्सव की भांति है और यह उत्सव दो परिवारों को अटूट बंधन में बंधने के साथ ही नये रिश्तों को जन्म देता है, इसी उत्सव को मनाने के लिए हम सभी यहां उपस्थित हुए हैं। उन्होंने कहा कि गरीब के घर जब बेटी जन्म लेती है तो उनको यह चिंता होती है कि अपनी बेटी का विवाह कैसे करेंगे। हमारी सरकार ने इसी चिंता को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना संचालित की और आज इस योजना के माध्यम से गरीब एवं निराश्रित महिलाओं को लाभान्वित करने का कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में समाज के अन्तिम छोर पर खड़े हुए व्यक्ति को योजना से लाभान्वित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिस गरीब के पास बेटियां होती हैं उनको यह चिंता होती हैं कि पैसों के आभाव में बेटी के हाथ कैसे पीले करें। हमारे मा0 मुख्यमंत्री जी ने ग़रीबी और समस्या को करीब से देखा है, इसलिए उन्होंने ग़रीब की बेटी की शादी की चिंता दूर करने के लिए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना बनाई। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में रहने वालों की प्रत्येक बेटी “सरकार की बेटी” है, उस बेटी के विवाह के लिए मुख्यमंत्री ने ऐसी महत्वाकांक्षी योजना से सम्पूर्ण उत्तर प्रदेश में हमारी बिटिया के विवाह का दायित्व निभाया है। आज मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का पण्डाल इस बात का साक्षी है, कि एक ही मंच पर दूर-दूराज से आये वर-वधुओं को हमारे जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों का आशीर्वाद प्राप्त हो रहा है।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम में मुख्य अतिथियों द्वारा नव युगल वर-वधुओं को प्रमाण पत्र भी वितरित किए गये। इस समारोह में 196 जोड़े (179 हिन्दु जोड़े व 17 मुस्लिम जोड़े) दाम्पत्य सूत्र में बंधे।
कार्यक्रम में महानगर अध्यक्ष भाजपा श्री सुधीर सिंह, जिलाध्यक्ष, भाजपा, अनुसूचित मोर्चा, कपिल बिरसेनिया, संतराम पेंटर, उप निदेशक समाज कल्याण एस एन त्रिपाठी, जिला समाज कल्याण अधिकारी श्रीमती ललिता यादव, लेखाकार मयंक भारद्वाज, वरिष्ठ सहायक मनोज वर्मा सहित अन्य अधिकारीगण, कर्मचारीगण व भारी संख्या में नव युगल वर वधु एवं उनके परिजन मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर नीति शास्त्री द्वारा किया गया। अंत में जिला समाज कल्याण अधिकारी श्रीमती ललिता यादव द्वारा उपस्थित अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया।
प्रदेश समाचार / झाँसी टीम

महिला उद्यमिता और पेयजल सुविधा ही बुंदेलखंड के विकास की कुंजी – अनुराग शर्मा

एसएचजी महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए व्यापक रोडमैप संसद में प्रस्तुत
महिला सशक्तिकरण और जल जीवन मिशन पर केंद्र को दिए कड़े सुझाव
झांसी । झांसी-ललितपुर के लोकप्रिय सांसद अनुराग शर्मा ने आज लोकसभा में शून्यकाल के दौरान स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ी महिलाओं के सशक्तिकरण, उनकी चुनौतियों और उनके समग्र विकास से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों को अत्यंत प्रभावी ढंग से सदन में रखा। उन्होंने कहा कि “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य को तभी प्राप्त किया जा सकता है जब देश की महिलाएँ आर्थिक, सामाजिक और तकनीकी रूप से मजबूत हों। बुंदेलखंड की एसएचजी महिलाएँ अपने कौशल, मेहनत और आत्मविश्वास से क्षेत्र की अर्थव्यवस्था और पहचान को नई दिशा दे रही हैं, परंतु उन्हें अभी भी कई संरचनात्मक बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है।
सांसद ने बताया कि बैंक ऋण की स्वीकृति में अत्यधिक देरी, बाज़ार तक सीमित पहुंच, कौशल प्रशिक्षण की कमी, क्लस्टर आधारित औद्योगिक ढांचे का अभाव और सामाजिक सुरक्षा न मिलने जैसे मुद्दे आज भी हजारों महिला उद्यमियों के सामने बड़ी बाधा बने हुए हैं। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि एसएचजी बैंक लिंकेज 15 दिन के भीतर सुनिश्चित किया जाए, और मिलेट, मसाला, डेयरी, हथकरघा तथा फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में औद्योगिक क्लस्टर बुंदेलखंड में स्थापित किए जाएँ, जिससे महिलाओं को रोजगार, प्रशिक्षण और बाज़ार के बेहतर अवसर मिल सकें।
इसके साथ ही उन्होंने ब्रांडिंग, पैकेजिंग और डिजिटल प्रशिक्षण के लिए स्थायी जिला-स्तरीय केंद्र स्थापित करने की मांग भी रखी, ताकि महिलाएँ आधुनिक उद्यमिता कौशल हासिल कर सीधे राष्ट्रीय बाजारों और GeM पोर्टल से जुड़ सकें। उन्होंने यह भी अनुरोध किया कि सभी एसएचजी महिलाओं को दुर्घटना बीमा, स्वास्थ्य बीमा और मातृत्व लाभ का स्वतः और समयबद्ध कवरेज दिया जाए। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह सिर्फ आर्थिक गतिविधियाँ नहीं हैं, बल्कि सम्मान, आत्मनिर्भरता और ग्रामीण सशक्तिकरण की सशक्त पहचान हैं।
इसी के साथ सांसद अनुराग शर्मा ने संसद के नियम 377 के अंतर्गत अपने संसदीय क्षेत्र से जुड़े जल जीवन मिशन (2022) के गंभीर मुद्दों को भी सदन के समक्ष प्रस्तुत किया । उन्होंने अपने प्रस्तुत लिखित भाषण में बताया कि झांसी जिले के 648 गाँवों में पेयजल आपूर्ति की योजना बनाई गई थी, परंतु आज भी 613 में से 213 गाँवों में पेयजल नहीं पहुँच सका है क्योंकि कई मल्टी-विलेज योजनाएँ अभी भी अधूरी हैं। वहीं ललितपुर जिले के 556 गाँवों में से 13 गाँव अब भी पेयजल सुविधा से वंचित हैं।
सांसद ने यह भी बताया कि क्षेत्र के दौरे के दौरान उन्होंने पाया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत बिछाई गई पाइपलाइनों में मानकों का पालन नहीं किया गया। आवश्यक गहराई न होने और प्रमुख सड़कों पर NOC प्राप्त किए बिना पाइपलाइन डालने के कारण सड़कों के मरम्मत, चौड़ीकरण और रखरखाव में कठिनाई बढ़ गई है। इसके कारण ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क क्षति, पानी रिसाव और अन्य समस्याएँ लगातार बनी हुई हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि इन गंभीर मुद्दों का तत्काल संज्ञान लेकर संबंधित विभागों को सुधारात्मक कार्रवाई के लिए निर्देशित किया जाए, जिससे ग्रामीण जनता को सुरक्षित पेयजल और बेहतर बुनियादी सुविधाएँ समय पर उपलब्ध हो सकें।
सांसद अनुराग शर्मा ने बताया कि बुंदेलखंड की महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता दोनों ही क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए अनिवार्य हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र सरकार इन महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक कदम उठाएगी।
प्रदेश समाचार/ झाँसी टीम

परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं की जाएगी बर्दाश्त : मुख्य सचिव

परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष, नकलविहीन कराने के दिए कड़े निर्देश
परीक्षा की शुचिता बनाए रखने हेतु एलआईयू और एसटीएफ की टीमें पूरी परीक्षा अवधि में रहें सक्रिय
संवेदनशील जनपदों में रखी जाए विशेष नजर
झांसी। मुख्य सचिव एस.पी.गोयल ने वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के माध्यम से सभी मण्डलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों के साथ उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सहायक अध्यापक (प्रशिक्षित स्नातक) (पुरूष/महिला शाखा) (प्रा0) परीक्षा-2025 की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की।
मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि यह परीक्षा पूरी तरह से निष्पक्ष, नकलविहीन तथा पारदर्शी तरीके से सम्पन्न करायी जाए। परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी स्वयं व्यक्तिगत निगरानी करते हुए सभी परीक्षा केंद्रों पर आयोग के मानकों के अनुरूप व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराएं। नकल पर पूर्ण अंकुश लगाने के लिए सभी परीक्षा केन्द्रों पर प्रवेश के समय बायोमेट्रिक सत्यापन एवं फ्रिस्किंग की प्रक्रिया अत्यंत कड़ाई से लागू की जाए तथा समयबद्धता का पूर्ण रूप से पालन हो। परीक्षा से संबंधित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी एवं प्रशिक्षण समय से पूर्ण कर लिया जाए।
यह भी निर्देश दिए कि सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे पूर्णतः क्रियाशील रहें तथा पेयजल, शौचालय, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध रहें। परीक्षा की शुचिता बनाए रखने हेतु एलआईयू और एसटीएफ की टीमें पूरी परीक्षा अवधि में सक्रिय रहें तथा संवेदनशील जनपदों में विशेष निगरानी रखी जाए।
उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि प्रश्न पत्र लीक न हो और सही प्रश्न-पत्र निर्धारित समय पर परीक्षा केंद्र पर पहुंचे। परीक्षा दिवस पर प्रत्येक सत्र में प्राप्त एसएमएस (कलर एवं कोड) के आधार पर ट्रेजरी से गोपनीय ट्रंक की निकासी अत्यंत सावधानीपूर्वक की जाए और सेक्टर मजिस्ट्रेट के माध्यम से निर्धारित समय पर परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाया जाए।
बैठक में प्रमुख सचिव नियुक्ति एम. देवराज, सचिव गृह मोहित गुप्ता सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण आदि उपस्थित थे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोग के अध्यक्ष संजय श्रीनेत, सचिव अशोक कुमार, एनआईसी झाँसी में जिलाधिकारी मृदुल चौधरी,अपर जिलाधिकारी प्रशासन शिव प्रताप शुक्ल बैठक में उपस्थित थे।
प्रदेश समाचार/ झांसी टीम

झांसी-कानपुर मार्ग पर प्लेट गर्डर प्रतिस्थापन के साथ रेल अवसंरचना में वृद्धि

तीन दिनों के लिए तीन घंटे का ट्रैफ़िक और पावर ब्लॉक लिया गया था
झांसी। रेलवे अवसंरचना को सुदृढ़ करने और व्यस्त मालवाहक मार्गों पर बेहतर गतिशीलता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, झाँसी मंडल द्वारा आज 01 दिसंबर 2025 को झाँसी-कानपुर खंड में मलासा-लालपुर डाउन लाइन पर पुल संख्या 1301/1 के पुराने प्लेट गर्डर को नए प्लेट गर्डर से बदलने का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है । इस कार्य में मौजूदा संरचना के पाँच स्पैन (2 × 12.19 मीटर + 3 × 18.29 मीटर) को नए, मज़बूत प्लेट गर्डरों से बदलना शामिल था, जिन्हें उच्च धुरा भार सहने के लिए डिज़ाइन किया गया था।
इस तकनीकी रूप से गहन कार्य को पूरा करने के लिए, 3 दिनों के लिए 3 घंटे का ट्रैफ़िक और पावर ब्लॉक लिया गया था। कार्य के समय पर पूरा होने से इस महत्वपूर्ण कॉरिडोर पर ट्रेनों की आवाजाही में न्यूनतम व्यवधान सुनिश्चित हुआ।
झांसी – कानपुर मार्ग को हाल ही में एक समर्पित माल ढुलाई गलियारे फीडर मार्ग के रूप में पहचाना गया है, जिसके परिणामस्वरूप बढ़ी हुई धुरा भार क्षमता के साथ संचालित माल यातायात में वृद्धि हुई है। इस परिचालन परिवर्तन को देखते हुए, महत्वपूर्ण पुल अवसंरचना के उन्नयन की आवश्यकता अनिवार्य हो गई। 1970 के दशक में चालू किया गया पिछला प्लेट गर्डर अपने संरचनात्मक डिज़ाइन जीवन से अधिक समय तक काम करता रहा और आधुनिक उच्च क्षमता वाले माल परिवहन की माँगों को पूरा करने के लिए उसे बदलने की आवश्यकता थी। नए प्लेट गर्डरों की स्थापना के साथ, यह पुल अब बेहतर संरचनात्मक स्थिरता के साथ उच्च धुरा भार को संभालने में सक्षम है, जिससे निर्बाध माल ढुलाई और भविष्य में रेल सेवाओं का विस्तार सुनिश्चित होगा। तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण और समयबद्ध यह कार्य, विकसित होती रसद आवश्यकताओं और राष्ट्रीय परिवहन लक्ष्यों के अनुरूप मुख्य बुनियादी ढाँचे को मजबूत करने की रेलवे की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। इस प्रतिस्थापन का सफल क्रियान्वयन मंडल रेल प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार के मार्गदर्शन तथा वरिष्ठ मंडल इंजिनीयर(समन्वय) आशुतोष चौरसिया एवं वरिष्ठ मंडल इंजिनीयर मध्य अंकुर गुप्ता के नेतृत्व में संपन्न हुआ।
प्रदेश समाचार / झाँसी टीम