झाँसी में सुधीर सिंह को तो उरई में उर्विजा दीक्षित और हमीरपुर में श्री मती शकुन्तला निषाद को मिली जिम्मेदारी

उत्तर प्रदेश में भाजपा ने चौदह जिलाध्यक्षों की जारी की सूची
महानगर झांसी में अटकलों पर लगा विराम , जातीय समीकरणों पर मिली जिम्मेदारी
लखनऊ। भाजपा ने यूपी में बुधवार देर रात 14 जिलाध्यक्षों को हटाकर नए जिलाध्यक्ष को जिम्मेदारी दे दी है। इसकी घोषणा पूर्व केंद्रीय मंत्री महेंद्र नाथ पांडेय ने की है। इस तरह भाजपा अब तक 98 में 84 जिलाध्यक्षों के नामों की घोषणा कर चुकी है। अब 14 जिलाध्यक्षों के नामों का ऐलान होना ही बाकी रह गया है। पांच जिलों में पुराने जिलाध्यक्षों को फिर मौका दिया गया है। बीजेपी ने इस संबंध में सोशल मीडिया पर भी लिस्ट जारी की है। कुल 84 जिलों के लिए घोषित जिलाध्यक्षों में सात सामान्य, छह पिछड़े वर्ग (ओबीसी) और एक अनुसूचित जाति (एससी) से प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया गया है।
मालुम हो कि इस सूची में बृज क्षेत्र के अलीगढ़ जिले में सामान्य वर्ग से एक नाम शामिल है, जबकि अन्य जिलों में ओबीसी और एससी प्रतिनिधियों को प्राथमिकता दी गई है। कुल मिलाकर 84 जिलाध्यक्षों में सामान्य वर्ग से 45, ओबीसी से 32 और एससी से सात का चयन हुआ है। सभी वर्गों को जोड़ने का प्रयास किया गया है। यह घोषणा मार्च 2025 में 70 जिलाध्यक्षों के चयन के बाद की कड़ी है , जब  सूची दिल्ली-लखनऊ में कई दौर की चर्चाओं के बादअंतिम रूप ले चुकी थी। उस समय भी पार्टी ने संगठनात्मक पुनर्गठन पर जोर दिया था, ताकि जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़े और बीजेपी के 98 संगठनात्मक जिलों में अब 14 जिले बचे हुए हैं जिनके अध्यक्षों का चयन किया जाना है। इन जिलों में पुराने चेहरों को जिम्मेदारी दी गयी है। जिनमे अलीगढ़ जिला, अलीगढ़ महानगर, फिरोजाबाद जिला, कौशांबी व फिरोजाबाद में पुराने जिलाध्यक्षों को बीजेपी ने रिपीट किया है। वहीं, फतेहपुर के जिलाध्यक्ष मुखलाल पाल को हटा दिया गया है। उनकी जगह अन्नू श्रीवास्तव को जिम्मेदारी दी गई है।

इनको मिली जिम्मेदारी
भाजपा ने मेरठ जिला हरवीर पाल , फिरोजाबाद उदय प्रताप सिंह ,अलीगढ़ महानगर राजीव शर्मा , हापुड़ कविता माधरे , हाथरस प्रेम सिंह कुशवाहा ,अलीगढ़ कृष्ण पाल सिंह लाला , एटा प्रमोद गुप्ता , झांसी महानगर सुधीर सिंह , फतेहपुर अन्नू श्रीवास्तव , जालौन उर्विजा दीक्षित , हमीरपुर शकुन्तला निषाद , बाराबंकी राम सिंह वर्मा , जौनपुर अजीत प्रजापति , कौशांबी धर्मराज मौर्या को जिम्मेदारी सौंपी है।
स्थानीय मुद्दों पर फोकस करने के निर्देश
नए जिलाध्यक्षों को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्थानीय मुद्दों पर फोकस करें और ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र को लागू करें. पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने कहा यह चयन सामाजिक समावेशिता का प्रतीक है। हम 2027 के चुनावों में और मजबूत होंगे। यह घोषणा देर रात होने से कार्यकर्ताओं में उत्साह का संचार हुआ, लेकिन कुछ आंतरिक गुटबाजी की अटकलें भी लगाई जा रही हैं। कुल मिलाकर, भाजपा की यह रणनीति यूपी की राजनीति में नया मोड़ ला सकती है।
प्रदेश समाचार / लखनऊ टीम