सर्जरी विभाग के वार्ड-3 में स्थापित नए एंडोस्कोपी रूम का हुआ शुभारंभ
मात्र 300 रुपये में एंडोस्कोपी की सुविधा का उठा सकेंगे मरीज लाभ
नए एंडोस्कोपिक रूम के शुरू होने से मरीजों को मिलेंगे अतिरिक्त लाभ
झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के सर्जरी विभाग में गुरुवार को वार्ड-3 में स्थापित नए एंडोस्कोपी रूम का शुभारंभ किया गया। इस अत्याधुनिक सुविधा का उद्घाटन कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ0 प्रो0 मयंक कुमार सिंह और सीएमओ डॉ0 सुधाकर पांडेय द्वारा किया गया। यह पूरा कार्यक्रम सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. प्रो. नीरज कुमार बनोरिया के नेतृत्व में सम्पन्न हुआ।
नए एंडोस्कोपिक रूम के शुरू होने से मरीजों को अतिरिक्त लाभ मिलेंगे, क्योंकि अब जांच की सुविधाएँ विभाग के भीतर ही उपलब्ध होंगी। इससे समय की बचत के साथ-साथ मरीजों को बेहतर और त्वरित उपचार मिल सकेगा। विभाग के अनुसार एंडोस्कोपी की सरकारी शुल्क मात्र 300 रुपये निर्धारित की गई है, जिससे अधिक संख्या में मरीज कम लागत पर इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि यह कदम स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने और मरीज-केंद्रित चिकित्सा को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
एंडोस्कोपी उद्घाटन के अवसर पर डॉ. आर के वर्मा, प्रोफेसर सर्जरी विभाग, डॉ. पारस गुप्ता, विभागाध्यक्ष हड्डी विभाग, डॉ. जितेंद्र कुमार विभागाध्यक्ष नेत्र विभाग, डॉ. पंकज सोनकिया सहआचार्य सर्जरी विभाग, डॉ गौरव कुमार बनोरिया सह आचार्य हड्डी विभाग उपस्थित रहे।
प्रदेश समाचार / झाँसी टीम
कैंसर की कोबाल्ट मशीन चोरी होने के बाद आज तक मशीन नही लग पाई है : पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य
मेडीकल कॉलेज में व्याप्त अव्यवस्थाओ को दूर करने की मांग
समय पर रिपोर्ट नही मिलने के कारण मरीजो को उपचार में दिक्कत आती है
झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में व्याप्त अव्यवस्थाओ को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य के नेतृत्व में कांग्रेस का एक प्रतिनिधि मण्डल प्रधानाचार्य डा. मयंक सिंह से मिला। इस मौके पर पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने कहा कि मेडीकल कॉलेज में एम आई आर की मशीन खराब होने कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। समय पर रिपोर्ट नही मिलने के कारण मरीजो को उपचार में दिक्कत आती है। दुर्घटनाओं की बढ़ती हुई संख्या को देखते हुये एम आई आर मशीन की सुचारु व्यवस्था जरुरी है। इसी तरह कैंसर की कोबाल्ट मशीन चोरी होने के बाद आज तक मशीन नही लग पाई है। जिससे मरीजो उपचार की सुविधा नही मिल पा रही है। उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी संविदा कर्मचारियों कों बीस हजार वेतन दिये जाने की घोषणा की थी परंतु मेडीकल में कार्य कर रहे संविदा कर्मचारियों को ग्लोबल कंपनी द्वारा केवल आठ हजार रुपये ही दिये जा रहे है। पूर्व में कंपनी द्वारा न्यूनतम वेतन दिये जाने पर सहमति जताते हुये पांच सौ रुपये बढ़ाने का निर्णय हुआ था परंतु केवल जनवरी माह मे ही पांच सौ रुपये दिए गये। कर्मचारियों का एरियर भी बकाया है। प्रधानाचार्य डा. मयंक सिंह ने आश्वासन दिया कि कैंसर की मशीन शीघ्र ही स्थापित हो जायेगी। भवन का निर्माण हो चुका है। एम आई आर की सुविधा में भी सुधार किया जायेगा।उन्होने कर्मचारियों की वेतन सम्बंधी विसंगतियां भी दूर कराई जायेगी। प्रतिनिधि मण्डल में शंभू सेन,अखिलेश गुरुदेव व जगमोहन मिश्रा व अमीर चंद आर्य आदि शामिल रहें।
प्रदेश समाचार / झांसी टीम







