पाइल्स का मुख्य कारण अनियमित दिनचर्या और गलत खानपान है : डॉ. सुधाकर पांडेय
विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेकर साक्ष्य आधारित उपचार अपनाए : डॉ. मयंक सिंह
महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कालेज में पाइल्स डे के अवसर पर व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
झांसी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुधाकर पांडेय ने कहा कि गुदा द्वार की बीमारिया आज एक आम समस्या बनती जा रही है, और इसका मुख्य कारण अनियमित दिनचर्या और गलत खान-पान है। उन्होंने बताया कि कम पानी पीना, कब्ज की समस्या और भोजन में फाइबर की कमी इसके प्रमुख कारण हैं। यह बात उऩ्होंने पाइल्स डे के अवसर पर आयोजित जागरुकता कार्यक्रम में कही हैं।
डॉ. पांडेय ने कहा कि यदि लोग शुरुआती लक्षणों पर ही डॉक्टर से सलाह ले लें, तो बीमारी बिगड़ने से रोकी जा सकती है और बड़े ऑपरेशन की जरूरत भी नहीं पड़गी। उन्होंने आम जनमानस से आग्रह किया कि इस समस्या को लेकर झिझक महसूस न करें, क्योंकि समय पर इलाज मिलने से यह बीमारी आसानी से नियंत्रित की जा सकती है।
महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. प्रो. मयंक कुमार सिंह ने कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कहा कि पाइल्स का समय पर निदान और सही उपचार रोगी के जीवन की गुणवत्ता को बहुत हद तक सुधार सकता है।
पाइल्स डे के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ0 नीरज कुमार बनोरिया ने नवीनतम सर्जिकल तकनीकों के बारे में विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने आम जनमानस से अपील करते हुए कहा कि पाइल्स के लक्षणों को नजरअंदाज न करें और प्रारंभिक अवस्था में ही विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेकर साक्ष्य-आधारित उपचार अपनाएँ। आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्लास्टिक सर्जन डॉ0 सुधीर कुमार ने पोस्ट-ऑपरेटिव प्रोटोकॉल पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में सर्जरी विभाग के रेज़िडेंट डॉक्टरों ने व्यापक तकनीकी डेमो और जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में मरीज और उनके तीमारदार भी उपस्थित रहे| प्लास्टिक सर्जन डॉ0 सुधीर कुमार ने पोस्ट-ऑपरेटिव प्रोटोकॉल पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर डॉ. अल्बेल सिंह यादव, डॉ. पंकज सोनकिया, डॉ. आर.के. वर्मा, डॉ. जितेन्द्र कुमार (Dept of Ophthalmology) तथा डॉ. ओ.एस. चौरसिया (Dept. of Pediatrics) भी उपस्थित रहे और उन्होंने कार्यक्रम की सफलता में योगदान दिया। कार्यक्रम का उद्देश्य बवासीर (पाइल्स) के प्रति वैज्ञानिक जानकारी, नवीनतम उपचार विकल्पों और रोग-निरोधक उपायों को जनसाधारण तक पहुँचाना है।
प्रदेश समाचार / झाँसी टीम
झाँसी में प्रथम बार जटिल हाईटल हार्निया का किया ऑपरेशन
महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज ने एक और उपलब्धि की हासिल
झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कालेज में प्रथम बार जटिल हाईटल हार्निया का ऑपरेशन किया गया। इस प्रकार मेडिकल कालेज ने एक ओर उपलब्धि हासिल की है। इसके लिए जिलाधिकारी ने मेडिकल कालेज के प्रिसिंपल मयंक सिंह और प्रोफेसर डॉ नीरज कुमार बनोरिया की टीम को बधाई दी है।
महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कालेज में एक मरीज जिसका नाम महेन्द्र है। वह गुरसरांय का रहने वाला है। जिनको लगातार सीने में जलन और खाना खाने के बाद खाना दुबारा पेट से बापस गले में आने की तकलीफ थी। जिसके लिए वह महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में 28 जुलाई को दिखाने के लिए आए। मरीज को भर्ती होने की सलाह दी गई और मरीज को डॉ. नीरज कुमार बनोरिया (विभागाध्यक्ष) (सर्जरी विभाग) के अंतर्गत भर्ती किया गया।
हाईटल हर्निया एक दुर्लभ बीमारी
भर्ती होने के पश्चात प्रोफेसर डॉ. नीरज कुमार बनोरिया ने मरीज की जाँचे कराने के उपरान्त यह पता चला कि निचला एसोफेजियल स्फिंक्टर और आपके पेट का ऊपरी हिस्सा आपके डायाफ्राम के माध्यम से आपके सीने के क्षेत्र में ऊपर की ओर खिसक गया है, इस बीमारी को “हाईटल हर्निया” नाम से जाना जाता है। यह एक दुर्लभ बीमारी है। हाईटल हर्निया के ज़्यादातर मामलों में, लक्षण नज़र नहीं आते और उन्हें इलाज की ज़रूरत नहीं होती। हाईटल हर्निया के और भी गंभीर लक्षण, जो बिगड़ सकते हैं, उनमें निगलने में तकलीफ़, सीने में जलन, डकार, थकान और सीने में दर्द शामिल हैं।
सर्जरी के छह घंटे पहले मरीज को भोजन और पानी नहीं दिया
इसके लिए मरीज को दूरबीन द्वारा ऑपरेशन की सलाह दी गई। मरीज का ऑपरेशन 30 जुलाई 2025 को किया जाना सुनिश्चित किया गया, सर्जरी के निर्धारित समय के 6 घंटे पहले से मरीज को भोजन और पानी नहीं दिया गया। इसके पश्चात् टेम्परेचर, पल्स,ब्लड प्रेशर, शुगर के बारे में भी बताया गया। ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ईसीजी, ब्लड टेस्ट और एक्स-रे जैसी बाकी की जाँच पूरी की गयी। एनेस्थेएनेस्थेटिस्ट डॉक्टर सहित उनकी टीम को जाँच रिपोर्ट शेयर करते हुए मरीज का दूरबीन विधि द्वारा सफलतापूर्वक प्रथम बार ऑपरेशन किया गया। मरीज ऑपरेशन के उपरान्त ठीक है और अब अस्पताल से उनकी छुट्टी की जा रही है।
डीएम ने सर्जरी एवं एनेस्थीसिया विभाग की टीम को दी बधाई
महारानी लक्ष्मी बाई मेडिकल कालेज में प्रथम बार हुए ऐसे जटिल ऑपरेशन को करने पर जिलाधिकारी मृदुल चौधरी एवं डॉ. मयंक सिंह (प्रधानाचार्य) (मेडिकल कॉलेज) ने इस बीमारी को अत्यन्त दुर्लभ बताते हुए, सफलतापुर्वक ऑपरेशन करने के लिए सर्जरी विभाग की टीम एवं एनेस्थीसिया विभाग की टीम को बधाई दी और आगे भी इसी प्रकार के जटील ऑपरेशन करने के लिए दोनो विभागो को प्रोत्साहित किया।
सर्जरी विभाग की टीम ने किया था ऑपरेशन
सर्जरी विभाग की टीम में डॉ. (प्रोफेसर) नीरज कुमार बनोरिया (विभागाध्यक्ष), डॉ. राहुल लिटोरिया (एमएस), डॉ. विजय शर्मा, डॉ. शिखर, डॉ. शिष्टी, डॉ. संदीप, डॉ. अंशु , डॉ. नितिन, डॉ. विद्वषी, डॉ. संजीव, डॉ. चन्द्रप्रकाश, जटिल ऑपरेशन में एनेस्थीसिया विभाग की टीम डॉ. फाहद, डॉ. रवि शंकर, डॉ. दत्ता, डॉ. अमित के साथ डॉ. अंजली, डॉ. शर्धि टीम में शामिल रहीं।







