रेलवे पुलिस के पहरे के बावजूद भी सक्रिय हुआ चोर गिरोह
यात्रयों की हालत खराब , चोरों से परेशान हुये यात्री
राप्ती सागर और स्पेशल ट्रेन में हुई चोरी की वारदात
27 लाख से अधिक का माल चोरी , एसी कोच भी सुरक्षित नहीं
झांसी। ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा के लिए रेलवे की ओर से तमाम सुविधाएं दी जा रही है। इसके अलावा जीआरपी व आरपीएफ के जवान ट्रेनों में तैनात है। इसके बावजूद, चोर गिरोह फिर से सक्रिय हो गया है। इस गिरोह ने राप्ती सागर और स्पेशल ट्रेन में चोरी की वारदातों को अंजाम दिया है। वहीं, आरपीएफ व जीआरपी रेलयात्रियों की सुरक्षा का दावा करती है। एक मामले में जीआरपी लखनऊ ने चोरी का मुकदमा दर्ज कर लिया है। उधर, जीआरपी व आरपीएफ ने झांसी, ललितपुर व उरई स्टेशन के भी सीसीटीवी कैमरे खंगाल रही है मगर अब तक सुराग नहीं मिला है।
महाराष्ट्र के नागपुर के हिंगटागाट जिला वर्धा निवासी मनीष कुमार भोयर लखनऊ के केंद्रीय वनस्पति अनुसंधान केंद्र में प्राचार्य है। वह अपनी पत्नी भाग्यश्री भोयर के साथ ट्रेन क्रमांक 12512 राप्ती सागर एक्सप्रेस के कोच संख्या एच–1, ई–13,14 में हिगणघाट रेलवे स्टेशन से लखनऊ सफर कर रहे थे। जब उसकी ट्रेन झांसी रेलवे स्टेशन पहुंची तो उसकी पत्नी भाग्यश्री जो उसके साथ यात्रा कर रही थी का लेडिज पर्स जिसमें सोने के आभूषण थे अज्ञात चोर चुरा ले गया।
मनीष ने बताया कि उन्होंने रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर घटना की जानकारी दी। जब ट्रेन उरई रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर खड़ी हुई। आरपीएफ के जवान कोच तक पहुंचते, तब तक ट्रेन गंतव्य स्थान की ओर रवाना हो गई। पर्स में आभूषण में एक रानी हार, मंगलसूत्र, एक अंगूठी, कान की बालियां, सोने का कड़ा, जंजीर, कनौती आभूषण रखे थे। इसकी कीमत 17 लाख रुपये बताई गई है। मनीष ने बताया कि वह दिवाली में पत्नी के साथ घर आए थे। छुट्टी खत्म होने के बाद वापस लखनऊ जा रहे थे। इस घटना की सूचना मिलते आरपीएफ व जीआरपी के अफसर सक्रिय हो गए। उन्होंने टीम बनाकर ललितपुर, झांसी और उरई के सीसीटीवी कैमरे खंगालना शुरु कर दिए हैं। देरशाम तक कोई सुराग नहीं मिला था।
प्रदेश समाचार / झाँसी टीम






