बुन्देलखण्ड यूनिवर्सिटी : दिन दहाड़े लड़के ने छात्रा को मारी गोली
खुद कनपटी पर सटाकर किया फायर , लड़के की मौत, लड़की गंभीर
जनपद ललितपुर में एक ही मुहल्ले के रहने वाले है छात्र और छात्रा
झांसी। बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी के सामने रविवार दोपहर एक सिरफिरे ने छात्रा को गोली मार दी। इसके बाद युवक ने अपनी कनपटी पर तमंचा सटाकर फायर किया। सिरफिरे युवक की मौके पर मौत हो गई। जबकि लड़की की हालत नाजुक है। दोनों को आनन-फानन में झांसी मेडिकल कॉलेज लाया गया। डॉक्टरों ने युवक को मृत घोषित कर दिया, जबकि छात्रा का इलाज जारी है। पुलिस की शुरुआती जांच में मामला प्रेम प्रसंग का बताया जा रहा है।
प्रत्यादर्शी के मुताविक
घायल युवक की पहचान मनीष साहू के रूप में हुई। वह ललितपुर का रहने वाला था। प्रत्यक्षदर्शी के मुताविक एक युवक ने बताया कि वह बस स्टेशन से मेडिकल कॉलेज की तरफ आ रहा था। तभी देखा कि एक लड़का और लड़की घायल पड़े हैं। पास जाकर देखा तो पता चला कि उन पर गोली चली है। हमें यह नहीं पता कि किसने किसे गोली मारी। जब हमने देखा कि बहुत खून बह रहा है, तो हमने तुरंत एक ऑटो रोका और दोनों को मेडिकल कॉलेज तक पहुंचाया। अब मेडिकल में डॉक्टर उनकी हालत देख रहे हैं।
पुलिस की शुरुआती जांच में
पुलिस की शुरुआती जांच में मामला प्रेम प्रसंग का बताया जा रहा है। आरोपी युवक की शिनाख्त मनीष साहू के रूप में हुई। छात्रा और मृतक युवक ललितपुर में एक ही मोहल्ले के रहने वाले हैं। छात्रा की उम्र 22 साल है और आरोपी की उम्र 26 साल थी।
लड़की एम बी ए फर्स्ट ईयर की छात्रा है
पुलिस के अनुसार, ललितपुर में शहर कोतवाली के तालाबपुरा मोहल्ले की रहने वाली छात्रा बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी में एमबीए फर्स्ट ईयर की छात्रा है। उसने इसी साल यूनिवर्सिटी में एडमिशन लिया था। वह तीन बहनों में दूसरे नंबर की है। वहीं, मनीष साहू (25 साल) पुत्र बिहारी लाल जो कि लड़की के ही मोहल्ले की रहने वाला था। खबर लिखे जाने तक पुलिस जांच कर रही है।
प्रदेश समाचार / झाँसी सिटी टीम
बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय को कुलाधिपति ने दिया सात विषयों को प्रारम्भ करने का अनुमोदन
प्रवेश प्रक्रिया शैक्षणिक योग्यता और व्यक्तिगत साक्षात्कार के आधार पर होगी
झॉंसी। उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति एवं राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय में संचालित विभिन्न सात पाठ्यक्रमों को 4 नवीन विषयों सहित बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय की प्रथम परिनियमावली में कला एवं विज्ञान संज्ञान के अंतर्गत समाविष्ट करने के प्रस्ताव पर स्वीकृति प्रदान की गई है। इनमें 4 नवीन विषयों बिजिनेस एनालिटिक्स, ई0 विजिनेस, योग विज्ञान एवं यंत्र विन्यास पाठ्यक्रम आगामी सत्र से प्रारम्भ किये जाने हेतु विश्वविद्यालय की विद्या परिषद् एवं कार्य परिषद् के अनुमोदन के पश्चात राज्यपाल कुलाधिपति को प्रथम परिनियमावली में समाहित करने हेतु विश्वविद्यालय से प्रस्ताव प्रेषित किया गया था। जो कि कला संकाय एवं विज्ञान संकाय के अन्तर्गत समाविष्ट होगा। इसी प्रस्ताव को कुलाधिपति ने स्वीकृति प्रदान कर दी है। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के मेजर ध्यानचंद शारीरिक शिक्षा विभाग द्वारा योगिक विज्ञान में एक वर्षीय स्नातकोत्तर डिप्लोमा ;पी.जी.डी.वाई.एस. कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति एनईपी 2020 की भावना के अनुरूप है,जो समग्र और बहु.विषयक शिक्षा पर बल देती है। इस नए पाठ्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को योग के दार्शनिक आधार से लेकर आधुनिक वैज्ञानिक पहलुओं तक का व्यापक ज्ञान प्रदान करना है। इस डिप्लोमा कोर्स के माध्यम से छात्र न केवल योग की गहन समझ हासिल करेंगेए बल्कि उन्हें विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। पाठ्यक्रम में योग के इतिहास, दर्शन, आसन, प्राणायाम,मुद्रा,बंध,शत्कर्मों के साथ. साथ योगिक अभ्यासों की शारीरिक रचना विज्ञान और शरीर क्रिया विज्ञान को भी शामिल किया जाएगा। इस कार्यक्रम मे प्रवेश के लिए योग्यता किसी भी विषय में स्नातक की डिग्री निर्धारित की गई है। प्रवेश प्रक्रिया शैक्षणिक योग्यता और व्यक्तिगत साक्षात्कार के आधार पर होगी। इस डिप्लोमा के पूरा होने पर विद्यार्थी स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, अस्पतालों, वेलनेस सेंटर, कॉर्पाेरेट हाउसों के साथ.साथ खेल संस्थानों में योग प्रशिक्षक के रूप में कार्य कर सकेंगे। बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.मुकेश पांडे ने बताया कि वर्तमान परिवेश में इन नवीन विषयों जैसे बिजिनेस एनालिटिक्स, ई0 विजिनेस के माध्यम से छात्रों को रोजगार स्वरोजगार और उद्यमिता के सुनहरे अवसर प्राप्त होंगे।
प्रदेश समाचार / झाँसी टीम
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह सभी तैयारियाँ पूर्ण
झाँसी। शिव प्रताप शुक्ल अपर जिलाधिकारी प्रशासन ने कलेक्ट्रेट नवीन सभागार में बुन्देखण्ड के 30 वें दीक्षांत समारोह में महामहिम राज्यपाल कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल के आगमन को लेकर अधिकारियों के संग तैयारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक की अध्यक्षता करते हुए अपर जिलाधिकारी प्रशासन ने बताया कि बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में आज 30 वां दीक्षांत समारोह होगा। प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल इस कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगी। दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को कुलाधिपति पदक भेंट किए जाएगें। उन्होंने बताया की आडिटोरियम में आयोजित मुख्य कार्यक्रम के दौरान आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियों को किट वितरण समारोह आयोजित होगा, महामहिम राज्यपाल संवाद स्थापित करेंगी। उन्होंने बैठक में महामहिम राज्यपाल द्वारा अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की भी जानकारी दी। समस्त अधिकारियों को बैठक की पूर्ण तैयारियों के साथ समय से उपस्थित होने के निर्देश दिए। अपर जिलाधिकारी प्रशासन शिव प्रताप शुक्ल ने सड़कों को गड्ढा मुक्त करते हुए साफ-सफाई,
बेसहारा गोवंश को संरक्षित और सुरक्षित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने नगर निगम को रूट पर विशेष साफ सफाई के इंतजामात करने के निर्देश दिए। बैठक में प्रमोद झा नगर मजिस्ट्रेट ने महामहिम राज्यपाल उत्तर प्रदेश श्रीमती आनंदीबेन पटेल के कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि सर्व प्रथम गर्ल्स होस्टल का लोकार्पण होगा, तदोपरांत ऑडिटोरियम में दीक्षांत समारोह आयोजित किया जाएगा। महामहिम राज्यपाल अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगी, सभी आमंत्रित अधिकारी अपनी विभागीय योजनाओं उनकी प्रगति सहित समय पर उपस्थित होना सुनिश्चित करेंगे। इस अवसर पर जॉइंट मजिस्ट्रेट अक्षय दीपक, पुलिस अधीक्षक नगर ज्ञानेन्द्र कुमार सिंह, एसडीएम सदर गोपेश तिवारी, एसडीएम टहरौली गौरव आर्या,एसीएम अजय कुमार यादव, एसडीएम न्याय सुश्री श्वेता साहू, डिप्टी सीएमओ डॉ अंशुमान तिवारी, सहायक आयुक्त खाद्य पवन कुमार सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि होंगी डीआरडीओ की प्रख्यात वैज्ञानिक डॉ. चंद्रिका कौशिक
झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झाँसी का 30वां दीक्षांत समारोह आगामी 27 अगस्त 2025 को आयोजित किया जाएगा, जिसमें डॉ. चंद्रिका कौशिक, डीआरडीओ (डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन), डिस्टिंग्विश्ड साइंटिस्ट एवं महानिदेशक, प्रोडक्शन कोऑर्डिनेशन एंड सर्विसेज़ इंटरेक्शन (पीसी एण्ड एसआई), मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी।
30 से अधिक वर्षों के उत्कृष्ट वैज्ञानिक अनुभव के साथ, डॉ. कौशिक भारत की स्वदेशी रक्षा तकनीकों के विकास में अग्रणी रही हैं। वह सशस्त्र बल समन्वय, उद्योग एवं तकनीकी प्रबंधन, अंतरराष्ट्रीय सहयोग, आंतरिक सुरक्षा तकनीकी आवश्यकताएं, तथा गुणवत्ता, विश्वसनीयता एवं सुरक्षा जैसे पाँच प्रमुख कॉर्पोरेट क्षेत्रों का नेतृत्व करती हैं।
रक्षा अध्ययन में डॉक्टरेट उपाधि प्राप्त करने वाली डॉ. कौशिक ने कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का मार्गदर्शन किया है, जिससे देश की रक्षा संरचना सुदृढ़ हुई है और भारत वैश्विक मंच पर आत्मनिर्भर रक्षा शक्ति के रूप में उभरा है। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मुकेश पाण्डेय ने कहा कि “डॉ. चंद्रिका कौशिक का हमारे दीक्षांत समारोह में स्वागत करना हमारे लिए गर्व की बात है। उनकी उपलब्धियाँ और नेतृत्व हमारे विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
झाँसी : बुंदेलखंड विश्वविद्यालय को मिली एक और एतिहासिक उपलब्धि
आईआईआरएफ 2025 रैंकिंग में भारत में 35 वां और यूपी में 4 वां स्थान
झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झांसी ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। विश्वविद्यालय के आर्किटेक्चर एंड टाउन प्लानिंग संस्थान ने इंडियन इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (IIRF) 2025 में भारत में 35 वां स्थान और उत्तर प्रदेश में चौथा स्थान प्राप्त कर अपनी उत्कृष्टता को साबित किया है। यह सफलता केवल एक संस्थान की उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह विश्वविद्यालय की वर्षों की कड़ी मेहनत, उत्कृष्ट शैक्षणिक माहौल और गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा प्रणाली का प्रमाण है।
इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए कुलपति ने आर्किटेक्चर एंड टाउन प्लानिंग विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. सोमा अनिल मिश्रा और उनकी समर्पित टीम के प्रयासों की भूरी-भूरी प्रशंसा की है। यह उनकी अथक मेहनत, नवाचार और गुणवत्ता उन्मुख शिक्षण का ही परिणाम है कि आज विश्वविद्यालय इस प्रतिष्ठित सूची में अपनी पहचान दर्ज करा सका है। साथ ही, विश्वविद्यालय के आईक्यूएसी निदेशक प्रो. सुनील कुमार काबिया और उनकी समर्पित टीम की भी सराहना की गई है।
कुलपति प्रो. मुकेश पांडेय ने कहा कि “बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झांसी के लिए यह एक ऐतिहासिक और गौरवशाली क्षण है। विश्वविद्यालय के आर्किटेक्चर एंड टाउन प्लानिंग संस्थान ने IIRF 2025 रैंकिंग में भारत में 35 वां और उत्तर प्रदेश में 4वां स्थान प्राप्त कर हमारी शैक्षणिक उत्कृष्टता को एक नया आयाम दिया है। यह उपलब्धि न केवल विभाग की मेहनत का प्रमाण है, बल्कि विश्वविद्यालय की निरंतर विकासशील सोच और नवाचार आधारित शिक्षा प्रणाली को भी दर्शाती है।
इस समारोह में विशेष रूप से प्रो. देवेश निगम, प्रो. अर्चना वर्मा, प्रो. आलोक कुमार वर्मा, प्रो. काव्या दुबे, डॉ. पीयूष भारद्वाज, डॉ. अनु सिंगला, डॉ. अनुपम व्यास, डॉ. लवकुश द्विवेदी, डॉ. ज्योति मिश्रा, डॉ. शशि आलोक, श्री अनिल बोहरे, डॉ. अतुल प्रकाश खरे, डॉ. ऋतु शर्मा, डॉ. कौशल त्रिपाठी, डॉ. आशीष वर्मा, आर्किटेक्ट राहुल पाठक, आर्किटेक्ट शादीलाल, डॉ. संदीप वर्मा, हेमंत चंद्रा सुश्री हितिका यादव, शिवांगी तिवारी श्री राकेश नायक सहित अन्य संकाय सदस्य उपस्थित रहे।










