मनोरंजन क्या है ?

प्राचीन ग्रीक में मनोरंजन करते लोग
मनोरंजन एक ऐसी क्रिया है जिसमें सम्मिलित होने वाले को आनन्द आता है एवं मन शान्त होता हैं। मनोरंजन सीधे भाग लेकर हो सकता है या कुछ लोगों को कुछ करते हुए देखने से हो सकता है।
मनोरंजन के साधन : टेलिविज़न , चलचित्र ,रेडियो ,नाटक ,नौटंकी ,संगीत ,नृत्य ,डिस्को , हास्य रस गोष्ठी ,कवि सम्मेलन , जादू। सर्कस , मेला , खेल
प्रदेश समाचार टीम

आज का राशिफल आपको बताएगा कि आज के दिन आपको किन चीज़ों पर अधिक ध्यान देना चाहिए

विशेषतः आज का राशिफल आपको बताएगा कि आज के दिन आपको किन चीज़ों पर अधिक ध्यान देना चाहिए और किनसे बचने की कोशिश करनी चाहिए, क्या आज आपको उन्नति के पथ पर ले जाएगा और क्या आपके सामने बाधा खड़ी कर सकता है। आइए, देखते हैं क्या कहते हैं आपके सितारे।

राशिफल वस्तुतः पुरातन ज्योतिष शास्त्र की वह विधा है, जिसके माध्यम से विभिन्न काल-खण्डों के बारे में भविष्यवाणी की जाती है। जहाँ दैनिक राशिफल रोज़मर्रा की घटनाओं को लेकर भविष्यकथन करता है, वहीं साप्ताहिक, मासिक तथा वार्षिक राशिफल में क्रमशः हफ़्ते, महीने और साल के फलादेश किए जाते हैं। वैदिक ज्योतिष में 12 राशियों–मेष, वृषभ, मिथुन, सिंह, कर्क, कन्या, तुला, वृश्चिक, धनु, मकर, कुम्भ व मीन–के लिए ये सभी भविष्यकथन किए जाते हैं। ठीक इसी तरह 27 नक्षत्रों के लिए भी भविष्यवाणियाँ की जा सकती हैं। हर राशि के अपने-अपने स्वभाव और गुण-धर्म होते हैं, अतः प्रतिदिन ग्रहों की स्थिति के अनुसार उनसे जुड़े जातकों के जीवन में घटित होने वाली स्थितियाँ भिन्न-भिन्न होती हैं। यही कारण है कि हर राशि का राशिफल अलग-अलग होता है। एस्ट्रोसेज.कॉम पर दिए गए इस दैनिक राशिफल (Today Horoscope In Hindi) में हमने सटीक खगोलीय गणनाओं के आधार पर फलादेश लिखा है। इसी तरह साप्ताहिक राशिफल में हमने सूक्ष्मतम ज्योतिषीय गणनाओं का ध्यान रखा है। यदि बात मासिक राशिफल की करें, तो यही कसौटी उसपर भी लागू होती है। वार्षिक राशिफल में हमारे विद्वान तथा अनुभवी ज्योतिषियों ने साल भर में होने वाले सभी ग्रहीय परिवर्तनों, गोचर और अनेक अन्य ब्रह्माण्डीय गणनओं के माध्यम से वर्ष के विभिन्न पहलुओं मसलन स्वास्थ्य, वैवाहिक जीवन व प्रेम, धन-धान्य और समृद्धि, परिवार एवं व्यवसाय तथा नौकरी-पेशे जैसे सभी विषयों की पूरी विवेचना की है।

यह राशिफल नाम राशि के अनुसार है या जन्म राशि के अनुसार?
एस्ट्रोसेज के विशेषज्ञ ज्योतिषियों का मानना है कि दैनिक फलादेश (Today Horoscope In Hindi) को जन्म राशि के अनुसार देखना बेहतर है। अगर आपको जन्म राशि नहीं पता तो आप अपनी नाम राशि से भी भविष्यफल देख सकते हैं। पुराने समय में वैसे भी नाम, राशि के हिसाब से ही रखे जाते थे। कई पंडितों का मानना है कि नाम राशि, जन्म राशि के बराबर ही महत्वपूर्ण है।

यह राशिफल सूर्य राशि आधारित है य चन्द्र राशि आधारित?
एस्ट्रोसेज का फलकथन चन्द्र राशि यानी की मून साइन आधारित है। इस भविष्यकथन को सन साइन (सूर्य राशि) से पढ़ना सही नहीं होगा। भारतीय ज्योतिष में सर्वत्र चन्द्र राशि को ही महत्व दिया गया है।

मेरी राशि क्या है – कैसे जानें?
अगर आपको अपनी राशि नहीं पता या अपनी राशि जानना चाहते हैं तो आप एस्ट्रोसेज के राशि कैलकुलेटर का इस्तेमाल करके अपनी राशि जान सकते हैं। आपकी राशि जानने के लिए आपको अपने जन्म तारीख की ज़रुरत पड़ेगी। राशि कैलकुलेटर से न सिर्फ आप अपनी राशि जाना सकते हैं बल्कि अपना नक्षत्र, कुंडली, ग्रह स्थिति, व दशा आदि बहुत कुछ जान सकते हैं।

दैनिक राशिफल की गणना कैसे की गयी है?
भारतीय ज्योतिष में वर्तमान ग्रह स्तिथि को गोचर कहते हैं। आज का राशिफल गोचर आधारित होता है यानी की यह देखा जाता है कि आपकी राशि से वर्तमान ग्रह कहाँ स्थित हैं। आपकी राशि को लग्न मानकर उसमें गोचर के ग्रह रखकर जो कुंडली बनती है वह कुंडली फलादेश का मुख्य आधार है। इसके अलावा पंचांग के अवयव जैसे वार, नक्षत्र, योग और करन भी देखे जाते हैं। भविष्यफल लेखन में कुंडली के ग्रहों की स्थिति और दशा आदि का इस्तेमाल नहीं होता।

क्या यह राशिफल बिलकुल सही है?
जैसा की नाम से ही स्पष्ट है, फलादेश राशि के आधार पर लिखा गया होता है। पूरी दुनिया के अरबों लोगों के बारे में सिर्फ बारह राशियों से भविष्य-कथन करने के कारण इसे सामान्य फलकथन ही माना जाना चाहिए। सटीक भविष्यफल के लिए किसी ज्योतिषी से पूरी कुंडली का अध्ययन करवाना चाहिए।

जानें क्या है वर्षफल कैलकुलेटर
ज्योतिषशास्त्र के आधार पर हर व्यक्ति का वार्षिक राशिफल निकाला जाता है। हर व्यक्ति का वार्षिक राशिफल सूर्य पर आधारित होता है। वर्षफल सूर्य राशि के अनुसार इसलिए बताई जाती है क्योंकि जन्म के समय सूर्य व्यक्ति की निश्चित राशि में स्थित होता है। इसी पर आधारित हमारे इस वर्षफल कैलकुलेटर की मदद से आप इस साल के सभी महीनों का सटीक एवं विस्तृत राशिफल प्राप्त कर सकते हैं। इसकी मदद से हर महीने होने वाली घटनाओं की जानकारी भी आप प्राप्त कर सकते हैं। एस्ट्रोसेज का ये वार्षिक राशिफल कैलकुलेटर आपकी कुंडली में मौजूद सभी ग्रहों की स्थिति के आधार पर बताता है कि आने वाला समय आपके लिए कैसा व्यतीत होगा। और इसके बाद इन्ही कुंडली में मौजूद ग्रहों की स्थिति के आधार पर ही आपका वार्षिक फल निकाला जाता है। इस वार्षिक राशिफल के ज़रिये आपकी कुंडली के विभिन्न भावों में स्थित ग्रहों की स्थिति के आधार पर ये जानकारी दी जाती है कि उसका प्रभाव आपके जीवन पर कैसा पड़ने वाला है। वार्षिक राशिफल के जरिये आप प्रत्येक महीने की आर्थिक, पारिवारिक, समाजिक, करियर, स्वास्थ्य, प्रेम एवं वैवाहिक जीवन की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। लिहाजा जीवन के इन क्षेत्रों में आने वाले अच्छे और बुरे वक़्त की जानकारी भी आप प्राप्त कर उसके लिए पहले से ही तैयार रह सकते हैं या सावधानी बरतते हुए उसके निवारण के उपाय कर सकते हैं। एस्ट्रोसेज द्वारा दिए गए इस मुफ्त वार्षिक राशिफल कैलकुलेटर के ज़रिये आप महज चंद मिनटों में ही घर बैठे पूरे साल का मुफ्त वार्षिक फल प्राप्त कर सकते हैं।

वार्षिक राशिफल कैलकुलेटर के लाभ
इस बात से आप सभी भली भांति अवगत होंगें कि यदि हम जीवन में किसी भी चीज को सुनियोजित कर एक प्लान बनाकर चलें तो जीवन में आने वाली सभी बाधाओं से निश्चित रूप से छुटकारा पाया जा सकता है। आपको बता दें कि हमारे इस मुफ्त वार्षिक राशिफल कैलकुलेटर के ज़रिये आप बारह माह में घटित होने वाली हर अच्छी और बुरी घटना की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। लिहाजा इसकी मदद से आप इस साल जीवन में घटित होने वाली घटनाओं के लिए पहले से ही तैयार हो सकते हैं। वार्षिक फल के जरिये आप जीवन के निम्नलिखित क्षेत्रों की जानकारी भी बेहद सटीक एवं विस्तृत तरिके से प्राप्त कर सकते हैं।

वार्षिक राशिफल कैलकुलेटर से जानें अपना आर्थिक जीवन
वार्षिक राशिफल कैलकुलेटर आपके द्वारा दी गई जानकारी की गणना के आधार पर आपके पूरे साल के आर्थिक जीवन की भविष्यवाणी करेगा जिसकी मदद से आप साल 2025 में हर महीने की अपनी आर्थिक स्थिति का अंदाजा पहले ही लगा सकते हैं। बहरहाल आपके लिए आर्थिक पक्ष को संतुलित बनाकर चलना काफी आसान हो जाएगा। इसके साथ ही इसकी मदद से आप इस बात की भी जानकारी प्राप्त कर पाएंगे कि आखिर आपके लिए किस क्षेत्र में पैसों का निवेश करना सही रहेगा और कहाँ पैसे खर्च करना आपके लिए नुक़सानदेह होगा। आर्थिक क्षेत्र में होने वाले लाभ और हानि की जानकारी प्राप्त कर आर्थिक पक्ष को मजबूत बनाया जा सकता है और भविष्य में फ़ालतू ख़र्चों से भी बचा जा सकता है।

वार्षिक राशिफल कैलकुलेटर से जानें अपना स्वास्थ्य जीवन
एस्ट्रोसेज इस बात को भली-भांति जनता है कि स्वास्थ्य से बड़ा और कोई धन नहीं होता। एक स्वस्थ्य जीवन के लिए एक स्वस्थ्य शरीर का होना बेहद आवश्यक है। इसी कारण बात साफ़ है कि यदि आप शारीरिक तौर पर स्वस्थ्य रहेंगे तभी आप जीवन में आने वाली हर खराब परिस्थिति का सामना कर सकते हैं। हमारे इस मुफ्त वार्षिक कैलकुलेटर के ज़रिये आप इस बात की भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं कि किस माह में आपका स्वास्थ्य कैसा रहेगा। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार कुंडली में मौजूद ग्रहों की स्थिति का प्रभाव आपके स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। हालाँकि इसकी भी पूर्व जानकारी कैलकुलेटर की मदद से आप प्राप्त कर अपने स्वास्थ्य पर पड़ने वाले हानिकारक प्रभाव से खुद को सुरक्षित रख सकते हैं।

वार्षिक राशिफल कैलकुलेटर से जानें अपना करियर/ व्यवसाय
आजकल एक सुखी जीवन जीने के लिए कार्यक्षेत्र और व्यवसाय में सफल रहना ख़ासा आवश्यक है और यही बात को हमने समझते हुए इस कैलकुलेटर का निर्माण किया है। यदि जीवन के दोनों पक्षों में आपके हाथ असफलता लगती है तो इसका प्रभाव आपके जीवन के अन्य पक्षों पर भी पड़ सकता है। लिहाजा इस वार्षिक कैलकुलेटर की मदद से सभी बारह महीने में आपके कार्यक्षेत्र और व्यवसाय पर ग्रहों एवं नक्षत्रों का कैसा प्रभाव होगा, इसकी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

वार्षिक राशिफल कैलकुलेटर से जानें अपना पारिवारिक जीवन
जिअसे सभी जानते है कि परिवार व्यक्ति के अस्तित्व का एक अभिन्न अंग होता है। जिंदगी तब आसान बन जाती है जब जीवन के विभिन्न मोड़ पर परिवार का साथ मिले। जीवन में सुख शांति के लिए पारिवारिक जीवन का सुखमय होना बेहद अहम है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए एस्ट्रोसेज आपके लिए वार्षिक राशिफल कैलकुलेटर लेकर आया है, जिसकी मदद से आप पारिवारिक जीवन में आने वाली कठिनाईओं और सुखमय पलों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। परिवार में सुख शांति बनाए रखने में हमारा ये अच्छी गुणवत्ता वाला वार्षिक कैलकुलेटर आपकी मदद कर सकता है।

वार्षिक राशिफल कैलकुलेटर से जानें अपना वैवाहिक/प्रेम जीवन
विवाह हर किसी व्यक्ति के जीवन का अहम हिस्सा होता है और एस्ट्रोसेज के इस वार्षिक राशिफल कैलकुलेटर में हमने इस बात का भलीभाति ध्यान रखा है कि सात जन्मों के इस रिश्ते में परस्पर प्रेम और सौहार्द की भावना होना हर जातक के लिए कितना आवश्यक है। ऐसे में एस्ट्रोसेज के इस मुफ्त वार्षिक राशिफल की मदद से आप इस साल के सभी महीनों के वैवाहिक और प्रेम जीवन की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। लिहाजा यदि आपके वैवाहिक जीवन में कोई परेशानी आ रही है या पार्टनर के साथ किसी बात को लेकर मतभेद हो रहे हों तो उसकी जानकारी आप इस वार्षिक राशिफल कैलकुलेटर के जरिये पहले ही बिलकुल मुफ्त प्राप्त कर सकते हैं।

प्रदेश समाचार / ज्योतिष टीम

राष्ट्रीय एकता के बेजोड़ शिल्पी थे सरदार वल्लभभाई पटेल

भारत के पहले उप-प्रधानमंत्री और गृह मंत्री बने थे  सरदार वल्लभभाई पटेल
1930 में नमक सत्याग्रह के दौरान पटेल को तीन महीने की जेल हुई थी
जयपुर। सरदार वल्लभभाई पटेल स्वतंत्रता सेनानी और राजनेता थे जो भारत के पहले उप-प्रधानमंत्री और गृह मंत्री बने। उन्होंने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और स्वतंत्र भारत में सभी रियासतों के एकीकरण में महत्वपूर्ण योगदान दिया। जिसके लिए उन्हें ‘लौह पुरुष’ भी कहा जाता है। सरदार वल्लभभाई पटेल ने भारतीय नागरिक सेवाओं आईसीएस का भारतीयकरण कर इन्हें भारतीय प्रशासनिक सेवाएं आईएएस बनाया। अंग्रेजों की सेवा करने वालों में विश्वास भरकर उन्हें देशभक्ति की ओर मोड़ा।
स्वतंत्र भारत के पहले तीन वर्ष सरदार पटेल देश के प्रथम उप-प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, सूचना प्रसारण मंत्री रहे। पटेल ने भारतीय संघ में उन रियासतों का विलय किया जो स्वयं में सम्प्रभुता प्राप्त थीं। उनका अलग झंडा और अलग शासक था। सरदार पटेल ने आजादी के पूर्व ही देशी राज्यों को भारत में मिलाने के लिये कार्य आरम्भ कर दिया था। सरदार पटेल के प्रयास से 15 अगस्त 1947 तक हैदराबाद, कश्मीर और जूनागढ़ को छोडकर शेष भारतीय रियासतें भारत संघ में सम्मिलित हो चुकी थी।
महात्मा गांधी ने सरदार वल्लभभाई पटेल को सरदार की उपाधि दी थी। उन्हें भारत के बिस्मार्क के रूप में भी जाना जाता है क्योंकि उन्होंने भारत को एकजुट करने में एक प्रमुख भूमिका निभाई थी। भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन को वैचारिक एवं क्रियात्मक रूप में एक नई दिशा देने के कारण सरदार पटेल ने राजनीतिक इतिहास में एक गौरवपूर्ण स्थान प्राप्त किया। उनके कठोर व्यक्तित्व में संगठन कुशलता, राजनीति सत्ता तथा राष्ट्रीय एकता के प्रति अटूट निष्ठा थी। भारत के स्वतंत्रता संग्राम मे उनका महत्वपूर्ण योगदान था।
सरदार वल्लभ भाई पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 में गुजरात के नाडियाड में लेवा पट्टीदार जाति के एक जमींदार परिवार में हुआ था। वे अपने पिता झवेरभाई पटेल एवं माता लाड़बाई की चौथी संतान थे। सरदार पटेल ने करमसद में प्राथमिक विद्यालय और पेटलाद स्थित उच्च विद्यालय में शिक्षा प्राप्त की थी। लेकिन उन्होंने अधिकांश ज्ञान स्वाध्याय से ही अर्जित किया। 16 वर्ष की आयु में उनका विवाह हो गया। 22 साल की उम्र में उन्होंने मैट्रिक की परीक्षा पास की और जिला अधिवक्ता की परीक्षा में उत्तीर्ण हुए। जिससे उन्हें वकालत करने की अनुमति मिली। सरदार पटेल के पांच भाई व एक बहन थी। 1908 में पटेल की पत्नी की मृत्यु हो गई। उस समय उनके एक पुत्र और एक पुत्री थी। इसके बाद उन्होंने विधुर जीवन व्यतीत किया। वकालत के पेशे में तरक्की करने के लिए कृतसंकल्प पटेल ने अध्ययन के लिए अगस्त 1910 में लंदन की यात्रा की।
सरदार पटेल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अघ्यक्ष पद के तीन बार उम्मीदवार बने मगर तीनो ही बार महात्मा गांधी ने हस्तक्षेप कर पण्डित जवाहरलाल नेहरू को कांग्रेस का अध्यक्ष बनवा दिया था। 1930 में नमक सत्याग्रह के दौरान पटेल को तीन महीने की जेल हुई। मार्च 1931 में उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के करांची अधिवेशन की अध्यक्षता की। जनवरी 1932 में उन्हें फिर गिरफ्तार कर लिया गया। जुलाई 1934 में वह रिहा हुए और 1937 के चुनावों में उन्होंने कांग्रेस पार्टी के संगठन को व्यवस्थित किया।
अक्टूबर 1940 में कांग्रेस के अन्य नेताओं के साथ पटेल भी गिरफ्तार हुए और अगस्त 1941 में रिहा हुए। 1945-1946 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष पद के लिए सरदार पटेल प्रमुख उम्मीदवार थे। लेकिन महात्मा गांधी ने हस्तक्षेप करके जवाहरलाल नेहरू को अध्यक्ष बनवा दिया। कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में नेहरू को ब्रिटिश वाइसरॉय ने अंतरिम सरकार के गठन के लिए आमंत्रित किया। इस प्रकार यदि घटनाक्रम सामान्य रहता तो सरदार पटेल भारत के पहले प्रधानमंत्री होते।
गृहमंत्री बनने के बाद भारतीय रियासतों के विलय की जिम्मेदारी सरदार पटेल को ही सौंपी गई थी। उन्होंने अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए562 छोटी-बड़ी रियासतों का भारतीय संघ में विलीनीकरण करके भारतीय एकता का निर्माण किया। विश्व के इतिहास में एक भी व्यक्ति ऐसा नहीं हुआ जिसने इतनी बड़ी संख्या में राज्यों का एकीकरण करने का साहस किया हो।देशी रियासतों का विलय स्वतंत्र भारत की पहली उपलब्धि थी और निर्विवाद रूप से पटेल का इसमें विशेष योगदान था। नीतिगत दृढ़ता के लिए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने उन्हें सरदार और लौह पुरुष की उपाधि दी थी। वल्लभ भाई पटेल ने आजाद भारत को एक विशाल राष्ट्र बनाने में उल्लेखनीय योगदान दिया।
जूनागढ़ के नवाब के विरुद्ध जब वहां की प्रजा ने विरोध कर दिया तो वह भागकर पाकिस्तान चला गया और इस प्रकार जूनागढ भी भारत में मिला लिया गया। जब हैदराबाद के निजाम ने भारत में विलय का प्रस्ताव अस्वीकार कर दिया तो सरदार पटेल ने वहां सेना भेजकर निजाम का आत्मसमर्पण करा लिया। निःसंदेह सरदार पटेल द्वारा 562 रियासतों का एकीकरण विश्व इतिहास का एक आश्चर्य था। भारत की यह रक्तहीन क्रांति थी।

लक्षद्वीप समूह को भारत में मिलाने में भी पटेल की महत्त्वपूर्ण भूमिका थी। इस क्षेत्र के लोग देश की मुख्यधारा से कटे हुए थे और उन्हें भारत की आजादी की जानकारी 15 अगस्त 1947 के कई दिनों बाद मिली। हालांकि यह क्षेत्र पाकिस्तान के नजदीक नहीं था लेकिन पटेल को लगता था कि इस पर पाकिस्तान दावा कर सकता है। इसलिए ऐसी किसी भी स्थिति को टालने के लिए पटेल ने लक्षद्वीप में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए भारतीय नौसेना का एक जहाज भेजा। इसके कुछ घंटे बाद ही पाकिस्तानी नौसेना के जहाज लक्षद्वीप के पास मंडराते देखे गए। लेकिन वहां भारत का झंडा लहराते देख उन्हें वापस लौटना पड़ा।
जब चीन के प्रधानमंत्री चाऊ एन लाई ने जवाहरलाल नेहरू को पत्र लिखा कि वे तिब्बत को चीन का अंग मान लें तो पटेल ने नेहरू से आग्रह किया कि वे तिब्बत पर चीन का प्रभुत्व कतई न स्वीकारें अन्यथा चीन भारत के लिए खतरनाक सिद्ध होगा। जवाहरलाल नेहरू नहीं माने बस इसी भूल के कारण हमें चीन से पिटना पड़ा और चीन ने हमारी सीमा की भूमि पर कब्जा कर लिया। सरदार पटेल के ऐतिहासिक कार्यों में सोमनाथ मंदिर का पुनर्निमाण, गांधी स्मारक निधि की स्थापना, कमला नेहरू अस्पताल की रूपरेखा आदि कार्य शामिल हैं।
सरदार पटेल का निधन 15 दिसम्बर 1950 को मुम्बई में हुआ था। सरदार पटेल को उनकी मृत्यु के 41 साल बाद 1991 में मरणोपरांत भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न दिया गया जो उन्हे बहुत पहले मिलना चाहिये था। वर्ष 2014 में केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार ने सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयन्ती (31 अक्टूबर) को देश भर में राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाना शुरू कर उनको सम्मनित किया है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कुछ वर्ष पूर्व गुजरात के नर्मदा जिले में सरदार पटेल के स्मारक का उद्घाटन किया था। इसका नाम एकता की मूर्ति (स्टैच्यू ऑफ यूनिटी) रखा गया है। यह मूर्ति स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी से दुगनी ऊंचाई 182 मीटर ऊंची बनाई गयी है। इस प्रतिमा को केवडिया के निकट साधुबेट नामक एक छोटे चट्टानी द्वीप में सरदार सरोवर बांध के सामने नर्मदा नदी के मध्य में स्थापित किया गया है। सरदार वल्लभ भाई पटेल की यह प्रतिमा दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा है।
सरदार पटेल की इस प्रतिमा को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि उनका व्यक्तित्व कितना विशाल था। सरदार यानि नेतृत्व करने का गुण तो उनमें जन्मजात था ही। संघर्षो में तपकर उनका मनोबल लौहे की तरह दृढ़ हो गया था। अपनी इसी इच्छा शक्ति व दृढ़ मनोबल के दम पर उन्होने देश की आजादी के बाद एक भारत बनाने का ऐसा मुश्किल काम कर दिखाया जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती थी। भारत के राजनीतिक इतिहास में सरदार पटेल के योगदान को कभी नहीं भुलाया जा सकता। देश की आजादी के संघर्ष में उन्होने जितना योगदान दिया उससे ज्यादा योगदान उन्होने स्वतंत्र भारत को एक करने में दिया। पटेल राष्ट्रीय एकता के बेजोड़ शिल्पी व नये भारत के निर्माता थे। देश के विकास में सरदार वल्लभभाई पटेल के महत्व को सैदव याद रखा जायेगा।
प्रदेश समाचार / लखनऊ टीम  

शत-प्रतिशत लंबित प्रकरणों को आगामी 20 नवंबर तक किया जाए निस्तारित – मुख्य सचिव एस.पी. गोयल

मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से सभी मंडलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों दिए दिशा-निर्देश
पीएम किसान योजना की अगली किश्त के लिए फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य
जिलाधिकारी व्यक्तिगत रुचि लेकर फॉर्मर रजिस्ट्री बनाने के कार्य में लाएं गति
लखनऊ। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से सभी मंडलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों के साथ बैठक कर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष से संबंधित लंबित प्रकरणों के त्वरित निस्तारण हेतु जिलाधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारियों द्वारा प्रत्येक सप्ताह बैठक आयोजित कर विभिन्न स्तरों पर लंबित प्रकरणों की समीक्षा की जाए और आगामी 20 नवंबर, 2025 तक शत-प्रतिशत प्रकरणों को अनिवार्य रूप से निस्तारित कराया जाए। इस संबंध में उन्होंने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा गया है कि कोई भी प्रकरण अनावश्यक रूप से किसी भी स्तर पर लंबित न रहे। यदि किसी प्रकरण को अनावश्यक रूप से अधिक समय तक लंबित रखा जाता है, तो संबंधित अधिकारी/कर्मचारी की जिम्मेदारी निर्धारित कर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फार्मर रजिस्ट्री पंजीकरण कराने वाले किसानों को ही मिलेगी किसान सम्मान निधि
पीएम किसान सम्मान निधि योजना के संबंध में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की अगली किश्त केवल उन्हीं किसानों को ही प्राप्त होगी, जिन्होंने फार्मर रजिस्ट्री में अपना पंजीकरण कराया होगा। अतः फार्मर रजिस्ट्री पंजीकरण के कार्य में तेजी लाना जरूरी है। जिलाधिकारी व्यक्तिगत रुचि लेकर इस कार्य को त्वरित गति से पूर्ण कराएं। उन्होंने यह भी कहा कि इस बारे में किसानों को जागरूक एवं फार्मर रजिस्ट्री में लगी टीमों को सक्रिय किया जाए। ग्राम स्तर पर कैंप आयोजित कर रजिस्ट्री प्रक्रिया को गति प्रदान की जाए। इस कार्य में पूर्ण पारदर्शिता एवं सतर्कता बरती जाए। कोई भी पात्र किसान फार्मर रजिस्ट्री के अभाव में पीएम किसान सम्मान निधि के लाभ से वंचित न रहे।
स्थल चयन की कार्यवाही शीघ्र पूर्ण करें
पंचायतीराज विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि जिन जनपदों द्वारा अंत्येष्टि स्थल, पंचायत उत्सव भवन तथा प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन यूनिट के लिए स्थल चयन की कार्यवाही अभी तक पूरी नहीं की गई है, वें स्थल चयन की कार्यवाही शीघ्र पूर्ण कर प्रस्ताव संबंधित विभाग कराएं। स्थल चयन में निर्धारित गाइडलाइन्स का अनुपालन सुनिश्चित करते हुए उपयुक्त स्थल का चयन किया जाए। जिन जनपदों में स्थल चयन एवं अन्य औपचारिकताएं पूर्ण हो चुकी हैं, उनके द्वारा निर्माण कार्य तत्काल प्रारम्भ कराया जाए। उन्होंने चयनित पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना के लिए आवश्यक हार्डवेयर, फर्नीचर, किताबों के लिए तत्काल कार्यादेश जारी करने के निर्देश दिए।
चिन्हित भूमि के क्रय प्रक्रिया में तेजी लायें
इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एण्ड लॉजिस्टिक क्लस्टर (आईएमएलसी) परियोजना के भूमि अधिग्रहण की प्रगति की समीक्षा के करते हुए उन्होंने चिन्हित भूमि के क्रय प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि शत-प्रतिशत भूमि का अधिग्रहण जल्द से जल्द पूरा किया जाए तथा आपसी सहमति से भूमि क्रय पर विशेष फोकस किया जाए। इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एण्ड लॉजिस्टिक क्लस्टर (आईएमएलसी) के लिए 27 जनपदों में 5143.8559 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है, जिसके सापेक्ष 81.35 प्रतिशत भूमि का अधिग्रहण हो चुका है। पूरे प्रदेश में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के 1,34,79,046 (54.28%) लाभार्थियों ने अभी तक फार्मर रजिस्ट्री के लिए पंजीकरण कराया है।
प्रथम चरण में लगभग 11 हजार ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित होगी
इससे पूर्व बैठक में बताया गया कि प्रथम चरण में लगभग 11 हजार ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की जाएगी, जो ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल और आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा देगी। अंत्येष्टि स्थल निर्माण योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1000 अंत्येष्टि स्थल निर्माण का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से 349 स्थलों का चयन जिलाधिकारी के अधीन गठित समित द्रारा किया गया है। इसमें से 213 स्थलों पर कार्य भी प्रारम्भ हो चुका है। इसी प्रकार 71 पंचायत उत्सव भवन के लक्ष्य के सापेक्ष 26 जनपदों से प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
बैठक में अपर मुख्य सचिव महिला कल्याण श्रीमती लीना जोहरी, प्रमुख सचिव पंचायती राज अनिल कुमार, प्रमुख सचिव कृषि रवीन्द्र , निदेशक पंचायतीराज अमित कुमार सिंह, अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी यूपीडा शशांक चौधरी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण आदि उपस्थित थे।
प्रदेश समाचार / लखनऊ टीम

70 वर्ष से अधिक बुजुर्गों का शत-प्रतिशत बनाया जाए आयुष्मान कार्ड : मंडलायुक्त अजीत कुमार

चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, मंडलीय व जनपद स्तरीय अधिकारियों के साथ आयुक्त ने की बैठक
स्वास्थ्य सेवाओं को आमजन तक सरल, सहज एवं प्रभावी रूप में पहुँचाना सरकार की प्राथमिकता
बांदा। चित्रकूटधाम मंडलायुक्त अजीत कुमार ने चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के मण्डलीय एवं जनपद स्तरीय अधिकारियों की बैठक में कहा कि 70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों का शत प्रतिशत आयुष्मान कार्ड बनाया जाए। इसके अलावा उपचार व्यवस्था में लापरवाही न हो।
मंडलायुक्त ने कहा कि जिन संकेतकों पर प्रगति संतोषजनक नहीं है, उनमें आगामी माह तक ठोस सुधार परिलक्षित होना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से निर्देश दिए कि 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों का शत-प्रतिशत आयुष्मान कार्ड बनाया जाए, ताकि उन्हें बेहतर एवं नि:शुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त हो सकें। स्वास्थ्य नारी, सशक्त परिवार अभियान के अंतर्गत सभी पात्र महिलाओं को आच्छादित करने, गर्भवती महिलाओं का समय-समय पर ए.एन.सी. जांच एवं टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। आयुक्त ने बाँदा एवं हमीरपुर के सीएमओ  को आई.पी.एच.एल. को आगामी बैठक से पूर्व हर दशा में क्रियाशील कराने के सख्त निर्देश दिए। आयुक्त ने कहा कि आशा एवं संगनी कार्यकत्रियों का मानदेय तत्काल भुगतान किया जाए तथा सभी संविदा एवं आउटसोर्स कर्मचारियों का ई.पी.एफ. उनके पी.एफ. खातों में जमा कराया जाए। ऐसा न करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने डॉक्टरों को ई-संजीवनी पोर्टल के माध्यम से ई-ओपीडी सेवाएं संचालित करने और आमजन को इसके प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए। मरीजों की सुविधा को सर्वोपरि बताते हुए उन्होंने कहा कि अस्पतालों में पंजीकरण व्यवस्था को डिजिटल व सरल बनाया जाए, ताकि मरीजों को लम्बी लाइनों से राहत मिल सके। इसके लिए ड्राइफकेस एवं आभा आईडी जैसी डिजिटल प्रणालियों को अपनाने और जनता को प्रेरित करने की आवश्यकता बताई। आयुक्त ने यह भी कहा कि जननी सुरक्षा योजना से संबंधित कोई भी आवेदन लंबित न रहे। अस्पतालों में डॉक्टरों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित की जाए और मरीजों के साथ सहजता एवं शालीनता से व्यवहार किया जाए। सभी आवश्यक दवाएं सरकारी अस्पताल से उपलब्ध कराई जाएं, तथा जो दवा अस्पताल में उपलब्ध न हो, उसे प्रधानमंत्री जनऔषधि केन्द्र से प्राप्त करने हेतु मरीजों को प्रेरित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना के तहत अधिकाधिक महिलाओं को लाभ पहुँचाया जाए तथा मिशन शक्ति 5.0 के अंतर्गत महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। आयुक्त ने कहा कि सरकार की मंशा स्वास्थ्य सेवाओं को आमजन तक सरल, सहज एवं प्रभावी रूप में पहुँचाने की है, जिसके लिए सभी अधिकारी निष्ठा, ईमानदारी एवं समर्पण भाव से कार्य करें।
प्रदेश समाचार / बांदा टीम

निर्धारित समय सीमा के अंदर गुणवत्तापूर्ण सड़कों का निर्माण कराया जाए : मनोहर लाल पंथ

कार्यों को सही तरीके से पूरा नहीं कराया जा रहा है
गलती करने वाले विभागों पर कार्यवाही के लिए सीएम को भेजा जाएगा पत्र
चित्रकूट। श्रम एवं सेवायोजन विभाग राज्य मंत्री व जनपद के प्रभारी मंत्री मनोहर लाल (मन्नू कोरी) की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्टरेट सभागार में कानून व्यवस्था एवं विकास प्राथमिकता कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में मंत्री ने विकास कार्यों, सरकारी योजनाओं की प्रगति सहित अन्य बिन्दुओं की समीक्षा करते हुए समस्त जिला स्तरीय अधिकारियों से कहा कि समीक्षा बैठक के दौरान जो कमियां सामने आती है, उनमें कार्यों को सही तरीके से पूरा नहीं कराया जाता। कहा कि सभी विभाग सही से कार्यों का कराते हुए रिपोर्ट शासन को भेजें। अगली बैठक में गलती पाई जाने पर मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर कार्यवाही कराई जाएगी। सभी विभाग सरकार की मंशानुसार कार्य करें तथा जनप्रतिनिधियों द्वारा विकास कार्यों के लिए दिए गए पत्रों के कार्यों को प्राथमिकता से कराए। कहा कि सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ जनपद के पात्र व गरीब लोगों को मिलना चाहिए। इसमें लापरवाही करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी। विकास कार्यों की गति में कमी नहीं आना चाहिए, जनपद के विकास के उद्देश्य से सभी अधिकारी कार्य करें। अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग  से कहा कि जो निर्धारित समय सीमा के अंदर गुणवत्तापूर्ण सड़कों का निर्माण कराया जाए। श्रम प्रवर्तन अधिकारी से कहा कि कैंप लगाकर पंजीकरण कर श्रमिकों को विभागीय योजनाओं का लाभ दिलाए। अधिशासी अभियंता सिंचाई से कहा कि नहरों की सिल्ट सफाई सही तरीके से कराया जाए। उपनिदेशक कृषि से कहा कि किसानों को खाद की समस्या नहीं होना चाहिए। समय से किसानों को खाद-बीज उपलब्ध कराए। ग्रामीण अभियंत्रण सेवा से कहा कि सड़कों के कार्यों की सूची सभी जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराए। मुख्य चिकित्साधिकारी से सभी शासकीय चिकित्सालय संचालित रहे तथा दवाओं की समस्या नहीं होनी चाहिए। जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी को दिव्यांगों को सहायक उपकरण वितरित करने के निर्देश दिए।
अधिशासी अभियंता जल निगम  से कहा कि जल जीवन मिशन के अधूरे कार्यों को समय से पूरा करें तथा इसमें खराब हुई सड़कों को भी ठीक कराए। जिला पंचायत राज अधिकारी से कहा कि राज्य वित्त व 15वां वित्त आयोग की धनराशि से गांवों में कराए गए विकास कार्यों की जांच कराकर कार्यवाही से अवगत कराए। पर्यटन विकास द्वारा निर्माण कार्य में स्टोन पत्थर सही से न लगाने पर मुख्य विकास अधिकारी को जांच कराकर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी से कहा कि शासकीय गौशालाओं का संचालन सही तरीके से कराए। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही न की जाए। प्रभारी मंत्री ने सीडीओ को अटल भूजल योजना के अंतर्गत कराई गई तालाबों की खुदाई की समिति गठित कराकर जांच कराने के निर्देश दिए।
बैठक में मानिकपुर विधायक अविनाशचन्द्र द्विवेदी, जिला पंचायत अध्यक्ष अशोक जाटव, भाजपा जिलाध्यक्ष महेंद्र कोटार्य, जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष पंकज अग्रवाल, मुख्य विकास अधिकारी अमृतपाल कौर, पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व उमेश चन्द्र निगम, अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे स्वप्निल कुमार, प्रभागीय वनाधिकारी प्रत्युष कुमार कटियार, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ भूपेश द्विवेदी, एआईजी स्टांप राजेश कुमार सिंह, जिला विकास अधिकारी सत्यराम यादव, डीसी एनआरएलएम ओमप्रकाश मिश्र, डीसी मनरेगा डीएन पांडेय, जिला पंचायत राज अधिकारी रमेश चन्द्र गुप्ता, जिला समाज कल्याण अधिकारी डॉ वैभव त्रिपाठी, जिला कार्यक्रम अधिकारी पीड़ी विश्वकर्मा सहित सबंधित अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
प्रदेश समाचार / चित्रकूट टीम

शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को लाभार्थियों तक पहुँचाना ही उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी

नवागंतुक जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने संभाला कार्यभार
चित्रकूट। नवागन्तुक जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने कोषागार पहुंच कर कार्यभार ग्रहण किया। कार्यभार ग्रहण करने के बाद नवागन्तुक जिलाधिकारी ने जिला स्तरीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों से परिचय प्राप्त किया तथा शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप जनहित के कार्यों को तत्परता एवं पारदर्शिता से संपादित करने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पहुँचाना ही उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। साथ ही जनसुनवाई, कानून व्यवस्था एवं विकास कार्यों की नियमित समीक्षा की जाएगी। कहा कि सभी अधिकारी एवं कर्मचारी टीम भावना से कार्य करें ताकि जनपद के सर्वांगीण विकास में तेजी लाई जा सके। इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी अमृतपाल कौर, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व उमेश चंद्र निगम, अपर जिलाधिकारी न्यायिक अरुण कुमार, अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे स्वप्निल कुमार यादव, उप जिलाधिकारी पूजा साहू सहित सम्बन्धित अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।

बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय को कुलाधिपति ने दिया सात विषयों को प्रारम्भ करने का अनुमोदन

प्रवेश प्रक्रिया शैक्षणिक योग्यता और व्यक्तिगत साक्षात्कार के आधार पर होगी
झॉंसी। उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति एवं राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय में संचालित विभिन्न सात पाठ्यक्रमों को 4 नवीन विषयों सहित बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय की प्रथम परिनियमावली में कला एवं विज्ञान संज्ञान के अंतर्गत समाविष्ट करने के प्रस्ताव पर स्वीकृति प्रदान की गई है। इनमें 4 नवीन विषयों बिजिनेस एनालिटिक्स, ई0 विजिनेस, योग विज्ञान एवं यंत्र विन्यास पाठ्यक्रम आगामी सत्र से प्रारम्भ किये जाने हेतु विश्वविद्यालय की विद्या परिषद् एवं कार्य परिषद् के अनुमोदन के पश्चात राज्यपाल कुलाधिपति को प्रथम परिनियमावली में समाहित करने हेतु विश्वविद्यालय से प्रस्ताव प्रेषित किया गया था। जो कि कला संकाय एवं विज्ञान संकाय के अन्तर्गत समाविष्ट होगा। इसी प्रस्ताव को कुलाधिपति ने  स्वीकृति प्रदान कर दी है। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के मेजर ध्यानचंद शारीरिक शिक्षा विभाग द्वारा योगिक विज्ञान में एक वर्षीय स्नातकोत्तर डिप्लोमा ;पी.जी.डी.वाई.एस. कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति एनईपी 2020 की भावना के अनुरूप है,जो समग्र और बहु.विषयक शिक्षा पर बल देती है। इस नए पाठ्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को योग के दार्शनिक आधार से लेकर आधुनिक वैज्ञानिक पहलुओं तक का व्यापक ज्ञान प्रदान करना है। इस डिप्लोमा कोर्स के माध्यम से छात्र न केवल योग की गहन समझ हासिल करेंगेए बल्कि उन्हें विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। पाठ्यक्रम में योग के इतिहास, दर्शन, आसन, प्राणायाम,मुद्रा,बंध,शत्कर्मों के साथ. साथ योगिक अभ्यासों की शारीरिक रचना विज्ञान और शरीर क्रिया विज्ञान को भी शामिल किया जाएगा। इस कार्यक्रम मे प्रवेश के लिए योग्यता किसी भी विषय में स्नातक की डिग्री निर्धारित की गई है। प्रवेश प्रक्रिया शैक्षणिक योग्यता और व्यक्तिगत साक्षात्कार के आधार पर होगी। इस डिप्लोमा के पूरा होने पर विद्यार्थी स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, अस्पतालों, वेलनेस सेंटर, कॉर्पाेरेट हाउसों के साथ.साथ खेल संस्थानों में योग प्रशिक्षक के रूप में कार्य कर सकेंगे। बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.मुकेश पांडे ने बताया कि वर्तमान परिवेश में इन नवीन विषयों जैसे बिजिनेस एनालिटिक्स, ई0 विजिनेस के माध्यम से छात्रों को रोजगार स्वरोजगार और उद्यमिता के सुनहरे अवसर प्राप्त होंगे।
प्रदेश समाचार / झाँसी टीम

हमें अपने कर्तव्यों को निष्ठा, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ पूर्ण करना हैः डीआरएम

सतर्कता जागरूकता सप्ताह के अंतर्गत किया गया सतर्कता सेमिनार -2025 का आयोजन
झांसी। मंडल रेल प्रबंधक ने कहा कि पूरे भारतीय रेल में विस्तृत रूप से चलाये जा रहे सतर्कता जागरूकता सप्ताह के अन्तर्गत आज हम सभी के समक्ष एक संदेश के संचार हेतु उपस्थित हुए हैं कि देश के निरंतर विकास और प्रगति हेतु सतर्कता किसी एक व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं है बल्कि यह एक सम्मिलित प्रयास है, सभी नागरिकों की एक साझा जिम्मेदारी है। यह एक सोच है, एक जीवनशैली है जो हमें अपने कर्तव्यों को निष्ठा, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ पूर्ण करना है। यह बात उन्होंने सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2025 के तहत आयोजित जागरुकता सेमिनार में कही है।
मुख्य सतर्कता आयुक्त इंद्रजीत सिंह कटियार  ने कहा की हमें सरकारी धन सदैव इस रूप में व्यय करना चाहिए, जैसे वह हमारा निजी धन हो और उसका व्यय विवरण भी नियमानुसार तैयार रखना चाहिए। वहीं, उप मुख्य सतर्कता अधिकारी डॉ. जितेन्द्र कुमार ने सेमिनार में प्रेजेंटेशन देते हुए झांसी मंडल के समस्त अधिकारियों को सतर्कता से सम्बंधित विषयों पर जानकारी दी। उक्त संगोष्ठी में रेलवे की कार्य प्रणाली में पारदर्शिता, जिम्मेदारी एवं उत्तरदायित्व के महत्व पर बल दिया गया। सेमिनार में विभिन्न अधिकारियों द्वारा सतर्कता जागरूकता से सम्बंधित समस्याओं एंव उनके निवारण की जानकारी को केस स्टडी के माध्यम से प्रस्तुत किया गया एवं रेल अधिकारियों की सतर्कता सम्बंधी जिज्ञासाओं का भी समाधान किया गया।
सेमिनार में अपर मंडल रेल प्रबंधक (परिचालन) नन्दीश शुक्ल, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कुलदीप स्वरुप मिश्र, मुख्य कारखाना प्रबंधक (वर्कशॉप) अजय श्रीवास्तव, मुख्य कारखाना प्रबंधक (RCNK) अतुल कनोजिया, मुख्य कारखाना प्रबंधक (CMLR) सहित अन्य सभी शाखा अधिकारियों ने सेमिनार में भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी राजेश कुमार शर्मा द्वारा किया गया।
नुक्कड़ नाटक का किया आयोजन
इस दौरान सतर्कता जागरूकता सप्ताह के अंतर्गत मंडल में इससे सम्बंधित विभिन्न कार्यक्रम एवं प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही है, जिसमें आज वीरांगना लक्ष्मीबाई झाँसी रेलवे स्टेशन पर नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया, जिसकी थीम “न तो रिश्वत लेंगे, और न रिश्वत देंगे, कुछ गलत हो रहा है देखकर चुप नहीं रहेंगे” रही। इसी क्रम में बांदा स्टेशन पर मुख्य क्रू नियंत्रक कार्यालय में भी सेमिनार का आयोजन किया गया। जिसमें स्टेशन प्रबंधक, वरिष्ठ लिपिक एवं कार्यालय अधीक्षक/ झांसी सहित बांदा स्टेशन के लगभग 50 कर्मचारी उपस्थित रहे। इसके अलावा कर्मचारियों की एचआरएमएस व उम्मीद से संबंधी परेशानियां का भी निवारण मौके पर किया गया। एवं उन्हें रेलवे सैलरी पैकेज के तहत मिलने वाले लाभों के बारे में तथा यूनिफाइड पेंशन स्कीम के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी गई।
प्रदेश समाचार / झाँसी टीम

सभी पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में सम्मिलित होना चाहिए : जिला निर्वाचन अधिकारी

जिला निर्वाचन अधिकारी ने विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR) की तैयारियों की राजनैतिक दलों को दी जानकारी
1601 बूथों पर एक साथ चलेगा विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्य
बीएलओ अपने बूथ पर घर-घर जाकर गढ़ना फॉर्म वितरित और प्राप्त करेंगे l
झांसी। जिला निर्वाचन अधिकारी / जिलाधिकारी मृदुल चौधरी ने प्रदेश में हो रहे विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण को लेकर सभी राजनैतिक दलों के पदाधिकारियों के साथ कलेक्ट्रेट नवीन सभागार में बैठक कर तैयारियों की जानकारी दी।
उन्होंने भारत निर्वाचन आयोग द्वारा SIR को लेकर दिए गए दिशा-निर्देशों, कार्यक्रमों और इसकी प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कोई भी अपात्र व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल न होने पाए। सभी पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में सम्मिलित हो, उन्होंने राजनैतिक दलों के साथ बैठक कर SIR की प्रक्रिया और आयोग के निर्देशों की जानकारी देते हुए उपस्थित सभी राजनैतिक दलों से बूथ लेबल एजेंट (BLA) नियुक्त करने का अनुरोध किया, जो पुनरीक्षण कार्यों में बीएलओ का सहायोग करेंगे।
उन्होंने कहा कि विशेष प्रगाढ पुनरीक्षण अभियान में डुप्लीकेट, शिफ्टेड एवं मृत मतदाताओं को लेकर पूरी सावधानी रखी जाए। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि इसके पहले विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण वर्ष 2003 में हुआ था। लगभग 22 वर्ष के अंतराल के बाद पुनः भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार की जा रही है। जनपद में मतदाता सूची को शुद्ध और समावेशी बनाने के लिए विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण SIR का कार्य 28 अक्टूबर 2025 दिन मंगलवार से शुरू हो गया है। जिला निर्वाचन अधिकारी ने ड्राफ्ट सूची में शामिल न होने वाले सभी मतदाताओं के दस्तावेज सुरक्षित रखने और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही न हो, इसके निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 01 जनवरी, 2026 को अर्हता तिथि मानते हुए SIR की प्रक्रिया पूरी करें तथा अर्हता तिथि 01 अप्रैल, 01 जुलाई व 01 अक्टूबर, 2026 के लिए भी अग्रिम आवेदन स्वीकार किये जाएं। उन्होंने वृद्ध, बीमार, दिव्यांग (पीडब्ल्यूडी), निर्धन एवं अन्य अशक्त व्यक्तियों को यथासंभव सुविधा प्रदान करने के लिए स्वयं सेवकों की तैनाती करने को भी निर्देशित किया।
जिला निर्वाचन अधिकारी/ जिलाधिकारी मृदुल चौधरी  ने बताया कि 04 नवम्बर से 04 दिसम्बर 2025 तक बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर गणना प्रपत्रों का मतदाताओं को वितरण किया जायेगा एवं प्रपत्रों को भरवाकर प्राप्त किया जायेगा। 09 दिसम्बर, 2025 को आलेख्य मतदाता सूची का प्रकाशन होगा। दावे और आपत्तियां दाखिल किये जाने की अवधि 09 दिसम्बर, 2025 से 08 जनवरी, 2026 तक होगी। नोटिस जारी किये जाने, सुनवाई एवं सत्यापन व दावे और आपत्तियों का निस्तारण एवं गणना प्रपत्रों पर निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा निर्णय किये जाने की अवधि 09 दिसम्बर, 2025 से 31 जनवरी, 2026 तक होगी। 07 फरवरी, 2026 को अन्तिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। उन्होंने सभी राजनैतिक दलों और मतदाताओं से विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान में सहयोग करने की अपील की है।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन शिव प्रताप शुक्ल, महानगर अध्यक्ष हेमंत परिहार भारतीय जनता पार्टी, जिलाध्यक्ष ब्रजेन्द्र सिंह भोजला समाजवादी पार्टी, गिरजा शंकर राय जिला उपाध्यक्ष भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, अभिषेक जैन, एड0 संतोष राज वर्मा बीएसपी, सत्येंद्र खरे, रिजवान खान आम आदमी पार्टी सहित अन्य राजनैतिक दलों के प्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रदेश समाचार / झाँसी टीम