संभल पुलिस ने संगठित बीमा धोखाधड़ी पर प्रभावी अंकुश लगाने का सराहनीय कार्य किया है : अमिताभ यश
सरकार और उद्योग जगत के बीच इस प्रकार का सहयोग अनुकरणीय मॉडल प्रस्तुत करता है :रमित शर्मा
लखनऊ। मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश योगी आदित्यनाथ द्वारा महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन को और सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से दिये गये निर्देशों के क्रम में पुलिस महानिदेशक उ0प्र0 राजीव कृष्ण के मार्गदर्शन में जनपद सम्भल में 15 पुलिस थानों में मातृत्व एवं शिशु देखभाल कक्षों का उद्घाटन व महिला पुलिसकर्मियों को 15 होंडा एक्टिवा का वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
अपर पुलिस महानिदेशक कानून एवं व्यवस्था उत्तर प्रदेश अमिताभ यश द्वारा आज दिनांक 24-01-206 को उक्त कार्यक्रम का डिजिटल माध्यम से उद्घाटन किया गया । यह कार्यक्रम एडीजी बरेली जोन रमित शर्मा, डीआईजी मुरादाबाद मुनिराज गोबू, पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई, अपर पुलिस अधीक्षक (दक्षिण) सुश्री अनु
कृति शर्मा, टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस लिमिटेड एवं राउंड टेबल इंडिया के वरिष्ठ प्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति में सम्पन्न हुआ। टाटा एआईजी एवं राउंड टेबल इंडिया के प्रतिनिधि विशेष रूप से मुंबई एवं
दिल्ली से कार्यक्रम में शामिल हुए ।
कार्यक्रम का शुभारंभ पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई के स्वागत उद्बोधन से हुआ। इसके पश्चात डीआईजी मुरादाबाद मुनिराज गोबू ने अपने संबोधन में विस्तार से बताया कि किस प्रकार संभल पुलिस द्वारा उजागर की गई संगठित बीमा धोखाधड़ी की जांच ने बीमा कंपनियों को सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के माध्यम से इस नवीन एवं मानवीय पहल से जुड़ने के लिए प्रेरित किया ।
इसके उपरांत देवांग पांड्या, वाइस प्रेसिडेंट एवं लीड – CSR एवं सस्टेनेबिलिटी, टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस लिमिटेड तथा पारस मेहरोत्रा, नेशनल प्रोजेक्ट्स को-कोन्वीनर, राउंड टेबल इंडिया ने अपने संबोधन में दोनों संस्थाओं के मूल्यों, मार्गदर्शक सिद्धांतों एवं संभल जनपद में इस परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी दी।
तत्पश्चात एडीजी बरेली जोन रमित शर्मा ने अपने संबोधन में इस पहल के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सरकार और उद्योग जगत के बीच इस प्रकार का सहयोग महिला सशक्तिकरण एवं संवेदनशील प्रशासन की दिशा में एक अनुकरणीय मॉडल प्रस्तुत करता है। कार्यक्रम के दौरान इस पहल की सामाजिक एवं संस्थागत महत्ता को दर्शाती एक दो मिनट की लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई। इसके पश्चात अपर पुलिस महानिदेशक कानून एवं व्यवस्था अमिताभ यश द्वारा मातृत्व एवं शिशु देखभाल कक्षों का डिजिटल उद्घाटन किया गया ।
अपने संबोधन में एडीजी कानून एवं व्यवस्था अमिताभ यश ने संभल पुलिस की पेशेवर, गहन एवं परिणाम आधिरित जांच की सराहना की, जिसके माध्यम से न केवल संगठित बीमा धोखाधड़ी पर प्रभावी अंकुश लगाया गया, बल्कि इसके सकारात्मक प्रतिफल के रूप में महिला पुलिसकर्मियों के लिए क्रेच एवं दोपहिया वाहन जैसी कल्याणकारी सुविधाएं भी साकार हुईं। उन्होंने कहा कि महिला पुलिसकर्मियों की संख्या निरंतर बढ़ रही है और इस प्रकार की पहल उन्हें पेशेवर दायित्वों एवं पारिवारिक जिम्मेदारियों के संतुलन में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान करेंगी। उन्होंने कहा कि यह उद्योग जगत एवं पुलिस के समन्वय का उतकृष्ट उदहारण है और इस पर विचार करने की आवश्यकता है कि कैसे इस पहल को प्रदेश स्तर पर अपस्केल किया जा सकता है । इस पूरे कार्यक्रम से सभी राज्यों की पुलिस को प्रेरण लेनी चाहिए। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी उद्योग जगत सामाजिक विकास एवं महिला सशक्तिकरण के लिए इसी प्रकार सहयोग करता रहेगा।
रिपोर्ट : बालेन्द्र गुप्ता सम्पादक
यक्ष एप प्रदेश पुलिस को आधुनिक एवं नई पीढ़ी की पुलिसिंग की ओर ले जाएगा : पुलिस महानिदेशक
बीट प्रणाली पुलिसिंग की मूल इकाई है, पर सूचना के अभाव से अपराध नियंत्रण में कठिनाई आती रही
एकीकृत व एआई आधारित ऐप से अपराधी संबंधी सूचना स्वतः सभी संबंधित बीटों तक तुरंत पहुँचेगी
इससे समय की बचत होगी तथा निगरानी, सत्यापन व अभियानों की प्रभावशीलता बढ़ेगी
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध “जीरो टॉलरेंस“ की नीति के क्रम में पुलिस व्यवस्था की रीढ़ मानी जाने वाली बीट पुलिसिंग को अधिक सुदृढ़, प्रभावी एवं जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा विकसित किये गये यक्ष एप के सफल क्रियान्वयन हेतु पुलिस मुख्यालय में दिनांक 24.01.206 से 27.01.2026 तक आयोजित तीन दिवसीय व्यवहारिक प्रशिक्षण एवं कार्यशाला का राजीव कृष्ण पुलिस महानिदेशक उ0प्र0 द्वारा शुभारम्भ किया गया।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस महा
निदेशक, उ0प्र0 ने अपने संबोधन में कहा कि थाना व्यवस्था स्पष्ट एवं सुव्यवस्थित है, परन्तु प्रभावी पुलिसिंग के लिए बीट प्रणाली अत्यंत महत्वपूर्ण इकाई रही है, जो पिछले 100-125 वर्षों से पुलिस की मूल संरचना का आधार रही है। बीट कांस्टेबल की भूमिका ऐतिहासिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। समय के साथ बीट क्षेत्रों का आकार एवं संख्या मैनपावर की उपलब्धता के अनुसार बदलती रही है, जिससे अपराधियों की सही जानकारी संकलन एवं अद्यतन में कठिनाइयाँ आती थीं। ‘फर्द क’ एवं ‘फर्द ख’ जैसी व्यवस्थाएँ होते हुए भी व्यावहारिक रूप से सूचनाओं का आदान-प्रदान प्रभावी नहीं हो पाता था। परिणामस्वरूप अपराधियों की गतिविधियों, उनके निवास स्थान एवं आपराधिक इतिहास की समुचित जानकारी समय पर उपलब्ध नहीं हो पाती थी।
अभियानों के दौरान भी सूचना के अभाव में कार्यवाही अपेक्षाकृत कम प्रभावी रहती थी। इस समस्या के समाधान हेतु पूर्व में ‘त्रिनेत्र’, ‘बीट प्रहरी’, ‘ऑपरेशन पहचान’ जैसे विभिन्न ऐप्स विकसित किए गए, जिनसे आंशिक सुधार हुआ।
इन सभी अनुभवों को समाहित करते हुए बीट कर्मियों, हल्का एवं थाना प्रभारियों की सुविधा के लिए एक एकीकृत ऐप विकसित किया गया है, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भी समावेश किया गया है। इस प्रणाली के माध्यम से किसी अपराध की प्रविष्टि होते ही संबंधित सभी बीटों एवं थाना क्षेत्रों को अपराधी की सूचना स्वतः एवं तुरंत उपलब्ध हो जाएगी। इससे समय की बचत होगी तथा अपराधियों की निगरानी और सत्यापन अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगा।
उन्होंने विशेष रूप से कंप्यूटर ऑपरेटरों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि प्रारंभिक “मास्टर फाइल्स” में बीट क्षेत्र, गाँव, मोहल्ला एवं अन्य मूल सूचनाओं की सही प्रविष्टि अत्यंत आवश्यक है। यदि प्रारंभिक डाटा शुद्ध होगा तो आगे का विश्लेषण एवं कार्यवाही सटीक होगी, अन्यथा त्रुटियाँ लंबे समय तक बनी रहेंगी।
पुलिस महानिदेशक, उ0प्र0 द्वारा अपने संबोधन के अंत में विश्वास व्यक्त किया कि यह ऐप उत्तर प्रदेश पुलिस को आधुनिक एवं नई पीढ़ी की पुलिसिंग की ओर ले जाएगा तथा सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से इसे गंभीरता से समझकर प्रभावी रूप से लागू करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर अमिताभ यश अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था , एस0के0 भगत अपर पुलिस महानिदेशक अपराध , श्री शलभ माथुर पुलिस महानिरीक्षक कार्मिक/पुलिस महानिदेशक के जीएसओ, यक्ष एप निर्माण में सहयोग प्रदान करने वाली कम्पनी के अधिकारी एवं प्रशिक्षण हेतु आये अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
यक्ष ऐप की मुख्य विशेषतायें
प्रदेश की सभी बीटों की Geo&Fencing एवं फ्रीजिंग कर प्रत्येक बीट की स्पष्ट जिम्मेदारी तय की गई है।
पारंपरिक बीट बुक को डिजिटल बीट बुक में परिवर्तित कर रियल टाइम अपडेट एवं सुरक्षित डेटा संरक्षित किया गया है।
AI एवं Big Data आधारित अपराधी प्रोफाइलिंग से अपराधियों की गतिविधियों पर सटीक और सतत निगरानी संभव हुई है।
अपराध की संवेदनशीलता, समय, Modus Operandi एवं प्रयुक्त शस्त्र के आधार पर Criminal Scoring System विकसित किया गया है।
Face] Voice] Text एवं Vehicle Search जैसी AI आधारित सुविधाओं से अज्ञात अपराधों के अनावरण में सहायता मिल रही है।
Advance Gang Analysis एवं CrimeGPT के माध्यम से अपराध पैटर्न और गैंग नेटवर्क का विश्लेषण किया जा रहा है।
बीट स्तर पर Local Intelligence एवं Beat Information System के माध्यम से अपराध-पूर्व सूचनाएँ और संवेदनशील गतिविधियाँ दर्ज की जा रही हैं।
रिपोर्ट / बालेन्द्र गुप्ता सम्पादक
योजना का लाभ अधिकतम संख्या में कृषकों तक पहुँचाया जाए – मुख्य सचिव
एमसीएडीडब्ल्यूएम योजना के चयनित क्लस्टरों की द्वितीय समीक्षा बैठक आयोजित
लखनऊ। मुख्य सचिव एस.पी.गोयल की अध्यक्षता में भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय द्वारा संचालित आधुनिकीकरण कमांड क्षेत्र विकास एवं जल प्रबंधन (Modernization of Command Area Development and Water Management – MCADWM) योजना के अंतर्गत चयनित क्लस्टरों की द्वितीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए तथा किसी भी प्रकार की विलंब की स्थिति में तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि योजना का लाभ अधिकतम संख्या में कृषकों तक समयबद्ध एवं पारदर्शी रूप से पहुँचाया जाए, जिससे जल उपयोग की दक्षता बढ़े, सिंचाई सुविधाओं का बेहतर दोहन हो तथा कृषि उत्पादकता में वृद्धि हो। बैठक में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु विभिन्न कन्वर्जेंस विभागों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी विस्तृत चर्चा की गई। एमसीएडीडब्ल्यूएम योजना प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) की एक उप-योजना है, कमांड क्षेत्रों में आधुनिक सिंचाई प्रणालियों (जैसे भूमिगत दबावयुक्त पाइप्ड सिंचाई, SCADA एवं IoT आधारित जल प्रबंधन) के माध्यम से जल संसाधनों के कुशल उपयोग, जल संरक्षण तथा किसानों की आय वृद्धि पर केंद्रित है। बैठक में सचिव सिंचाई, विशेष सचिव सिंचाई, निदेशक कृषि, नोडल अधिकारी–PDMC; नोडल अधिकारी–MCADWM सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।
रिपोर्ट : बालेन्द्र गुप्ता
पिछड़े ब्लॉकों में योजनाओं का लाभ लाभार्थियों तक समयबद्ध रूप से पहुंचना चाहिए : एस.पी.गोयल
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आकांक्षात्मक विकास खंड कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा बैठक सम्पन्न
लखनऊ। मुख्य सचिव एस.पी.गोयल की अध्यक्षता में आकांक्षात्मक विकास खंड कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन एवं प्रगति की गहन समीक्षा हेतु विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में कार्यक्रम से जुड़े इंडिकेटर्स में पिछड़े विकास खंडों की स्थिति, डेटा की गुणवत्ता तथा सुधारात्मक कदमों पर विस्तृत चर्चा की गई।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सभी संबंधित विभाग आकांक्षात्मक विकास खंडों में स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, पोषण, बुनियादी ढांचा एवं सामाजिक विकास जैसे क्षेत्रों में तेजी से प्रगति सुनिश्चित करें ताकि राज्य के पिछड़े ब्लॉकों में समग्र विकास हो तथा योजनाओं का लाभ अधिकतम लाभार्थियों तक समयबद्ध रूप से पहुंचे। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि पोर्टल पर संबंधित इंडिकेटर्स में त्रुटिरहित डेटा का अंकन कराया जाए। उन इंडिकेटर्स में जहां आकांक्षात्मक विकास खंडों की प्रगति अभी भी राज्य औसत से कम है, सुधार हेतु प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए। साथ ही जिन इंडिकेटर्स में अभी भी विकास खंडों की प्रगति राज्य औसत से कम है, उनके लिए जनपद एवं विकास खंड स्तर से समन्वय स्थापित कर लक्षित प्रयास किए जाएं।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि आकांक्षात्मक विकास खंडों के अनुश्रवण हेतु विभाग अपनी प्राथमिकता अनुसार संबंधित महत्वपूर्ण नवीन इंडिकेटर्स उपलब्ध कराएं तथा इन खंडों में शत-प्रतिशत अधिकारियों व कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित की जाए। इंडिकेटर्स में प्रगति की जनपद/विकास खंड स्तर के अधिकारियों के साथ त्रैमासिक समीक्षा एवं फ्रंट लाइन वर्कर्स हेतु नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं तथा इनकी सूचना एवं कार्यवृत्त नियोजन विभाग को उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि इंडिकेटर्स की वर्तमान प्रगति के अनुसार ब्लॉक डेवलपमेंट स्ट्रैटेजी (BDS) को अद्यतन किया जाए। विभागों द्वारा निर्धारित 50 इंडिकेटर्स का डेटा API के माध्यम से नियोजन विभाग के पोर्टल पर उपलब्ध कराया जाए। बैठक में अपर मुख्य सचिव पशुपालन मुकेश कुमार मेश्राम, प्रमुख सचिव नियोजन आलोक कुमार, प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास सौरभ बाबू सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण आदि उपस्थित थे।
रिपोर्ट : बालेन्द्र गुप्ता
झाँसी में सुधीर सिंह को तो उरई में उर्विजा दीक्षित और हमीरपुर में श्री मती शकुन्तला निषाद को मिली जिम्मेदारी
उत्तर प्रदेश में भाजपा ने चौदह जिलाध्यक्षों की जारी की सूची
महानगर झांसी में अटकलों पर लगा विराम , जातीय समीकरणों पर मिली जिम्मेदारी
लखनऊ। भाजपा ने यूपी में बुधवार देर रात 14 जिलाध्यक्षों को हटाकर नए जिलाध्यक्ष को जिम्मेदारी दे दी है। इसकी घोषणा पूर्व केंद्रीय मंत्री महेंद्र नाथ पांडेय ने की है। इस तरह भाजपा अब तक 98 में 84 जिलाध्यक्षों के नामों की घोषणा कर चुकी है। अब 14 जिलाध्यक्षों के नामों का ऐलान होना ही बाकी रह गया है। पांच जिलों में पुराने जिलाध्यक्षों को फिर मौका दिया गया है। बीजेपी ने इस संबंध में सोशल मीडिया पर भी लिस्ट जारी की है। कुल 84 जिलों के लिए घोषित जिलाध्यक्षों में सात सामान्य, छह पिछड़े वर्ग (ओबीसी) और एक अनुसूचित जाति (एससी) से प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया गया है।
मालुम हो कि इस सूची में बृज क्षेत्र के अलीगढ़ जिले में सामान्य वर्ग से एक नाम शामिल है, जबकि अन्य जिलों में ओबीसी और एससी प्रतिनिधियों को प्राथमिकता दी गई है। कुल मिलाकर 84 जिलाध्यक्षों में सामान्य वर्ग से 45, ओबीसी से 32 और एससी से सात का चयन हुआ है। सभी वर्गों को जोड़ने का प्रयास किया गया है। यह घोषणा मार्च 2025 में 70 जिलाध्यक्षों के चयन के बाद की कड़ी है , जब सूची दिल्ली-लखनऊ में कई दौर की चर्चाओं के बादअंतिम रूप ले चुकी थी। उस समय भी पार्टी ने संगठनात्मक पुनर्गठन पर जोर दिया था, ताकि जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़े और बीजेपी के 98 संगठनात्मक जिलों में अब 14 जिले बचे हुए हैं जिनके अध्यक्षों का चयन किया जाना है। इन जिलों में पुराने चेहरों को जिम्मेदारी दी गयी है। जिनमे अलीगढ़ जिला, अलीगढ़ महानगर, फिरोजाबाद जिला, कौशांबी व फिरोजाबाद में पुराने जिलाध्यक्षों को बीजेपी ने रिपीट किया है। वहीं, फतेहपुर के जिलाध्यक्ष मुखलाल पाल को हटा दिया गया है। उनकी जगह अन्नू श्रीवास्तव को जिम्मेदारी दी गई है।
इनको मिली जिम्मेदारी
भाजपा ने मेरठ जिला हरवीर पाल , फिरोजाबाद उदय प्रताप सिंह ,अलीगढ़ महानगर राजीव शर्मा , हापुड़ कविता माधरे , हाथरस प्रेम सिंह कुशवाहा ,अलीगढ़ कृष्ण पाल सिंह लाला , एटा प्रमोद गुप्ता , झांसी महानगर सुधीर सिंह , फतेहपुर अन्नू श्रीवास्तव , जालौन उर्विजा दीक्षित , हमीरपुर शकुन्तला निषाद , बाराबंकी राम सिंह वर्मा , जौनपुर अजीत प्रजापति , कौशांबी धर्मराज मौर्या को जिम्मेदारी सौंपी है।
स्थानीय मुद्दों पर फोकस करने के निर्देश
नए जिलाध्यक्षों को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्थानीय मुद्दों पर फोकस करें और ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र को लागू करें. पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने कहा यह चयन सामाजिक समावेशिता का प्रतीक है। हम 2027 के चुनावों में और मजबूत होंगे। यह घोषणा देर रात होने से कार्यकर्ताओं में उत्साह का संचार हुआ, लेकिन कुछ आंतरिक गुटबाजी की अटकलें भी लगाई जा रही हैं। कुल मिलाकर, भाजपा की यह रणनीति यूपी की राजनीति में नया मोड़ ला सकती है।
प्रदेश समाचार / लखनऊ टीम
प्रदेश में महिलाओं को सुरक्षा और सम्मान देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
उत्तर प्रदेश आज महिला उद्यमिता के लिए सबसे उभरता हुआ प्रदेश बन चुका है : पूनम शर्मा
फिक्की फ्लो सम्मेलन में छाई राष्ट्रीय अध्यक्ष , महिला उद्यमिता, सुरक्षा और कौशल विकास पर रखा दूरदर्शी रोडमैप
महिला सुरक्षा और उद्यमिता पर पूनम शर्मा ने जताया भरोसा
लखनऊ। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान लखनऊ में आयोजित फिक्की फ्लो (FICCI FLO) के तीन दिवसीय अंतरराज्यीय राष्ट्रीय सम्मेलन में फिक्की फ्लो की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती पूनम शर्मा पूरे आयोजन का मुख्य केंद्र रहीं। देशभर की 21 चैप्टर्स की 500 से अधिक महिला उद्यमियों की उपस्थिति में उन्होंने महिला नेतृत्व, औद्योगिक प्रगति और विकसित भारत के निर्माण में महिलाओं की निर्णायक भूमिका पर विस्तार से अपने विचार रखे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया उद्घाटन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सम्मेलन का उद्घाटन राष्ट्रीय अध्यक्ष पूनम शर्मा के साथ किया और अपने संबोधन में प्रदेश की बदलती कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा और निवेश के उन्नत वातावरण पर विस्तृत विचार रखे। मुख्यमंत्री ने कहा कि “बहन-बेटियों से छेड़खानी करने वालों को मौके पर ही सबक सिखाएँ। उत्तर प्रदेश में महिलाओं को सुरक्षा और सम्मान देना सरकार की
सर्वोच्च प्राथमिकता है।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कुछ वर्ष पहले तक जहाँ महिलाएँ रात में बाहर निकलने से डरती थीं, वहीं आज महिलाएँ देर रात तक काम कर निडर होकर घर लौट पा रही हैं। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश पुलिस में महिलाओं की संख्या 2017 में मात्र 10 प्रतिशत थी, जो आज बढ़कर 44 प्रतिशत हो चुकी है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए 1090, 181, वन स्टॉप सेंटर जैसी योजनाएँ प्रभावी रूप से महिलाओं को सहायता प्रदान कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की मजबूती ने बड़े निवेश को आकर्षित किया है। “जहाँ कभी निवेशक आने से हिचकते थे, आज वही उत्तर प्रदेश में 45 हजार करोड़ से अधिक के प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं और पाँच हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव जल्द ही आने वाले हैं।
उत्तर प्रदेश में महिलाओं के लिए विशेष स्किल डेवलपमेंट सेंटर स्थापित किए जाएँ
पूनम शर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज महिला उद्यमिता के लिए सबसे उभरता हुआ प्रदेश बन चुका है। उन्होंने बताया कि 142 साल के इतिहास में फिक्की फ्लो वह राष्ट्रीय संगठन है जो महिलाओं को कौशल, तकनीक, स्टार्टअप, डिजाइन, फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, आयुष, ऑर्गेनिक फार्मिंग, कॉमिक स्ट्रिप, रिसर्च और इंक्यूबेशन जैसे विविध क्षेत्रों में सशक्त बना रहा है। उन्होंने कहा कि “द पावर टू एम्पावर” की अवधारणा के साथ फिक्की फ्लो जमीनी स्तर पर महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सतत कार्य कर रहा है। पूनम शर्मा ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी दो महत्वपूर्ण माँगें भी रखीं—पहली, उत्तर प्रदेश में महिलाओं के लिए विशेष स्किल डेवलपमेंट सेंटर स्थापित किए जाएँ, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की महिलाएँ रोजगार और उद्यमिता से जुड़ सकें। दूसरी, फिक्की फ्लो को इंडस्ट्रियल पार्क के लिए उत्तर प्रदेश में उपयुक्त स्थान उपलब्ध कराया जाए, ताकि महिला उद्यमिता को उद्योगिक संरचना के साथ एक मजबूत मंच मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि पंचायत स्तर तक महिला नेतृत्व को बढ़ावा देने के लिए फिक्की फ्लो जल्द ही लोकतांत्रिक शिक्षा कार्यक्रम की शुरुआत करेगा, जिससे ग्रामीण महिलाओं को प्रतिनिधित्व और निर्णय-क्षमता दोनों प्राप्त होंगी।
झाँसी और बुंदेलखंड के लिए विशेष संभावनाएँ
मुख्यमंत्री ने झाँसी और बुंदेलखंड क्षेत्र का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि इस क्षेत्र में रेडिएंट गारमेंट उद्योग प्रभावित हुआ है और फिक्की फ्लो यहाँ महिलाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार और उद्यमिता से जोड़कर अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुँच दिला सकता है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए पूनम शर्मा ने कहा कि बुंदेलखंड की महिलाएँ कौशल और उद्यमिता में अत्यधिक संभावनाएँ रखती हैं। फिक्की फ्लो झाँसी और आसपास के क्षेत्रों में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाएगा, ताकि महिलाएँ उद्योग, टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग और डिज़ाइन जैसे क्षेत्रों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा सकें।
महिला नेतृत्व को दी नई दिशा—पूनम शर्मा का विज़न विकसित भारत 2047 से जुड़ा
अपने विस्तृत संबोधन में पूनम शर्मा ने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए महिलाओं का आर्थिक रूप से सशक्त होना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि फिक्की फ्लो न केवल बड़े शहरों में बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी महिलाओं के साथ कार्य कर रहा है ताकि हर वर्ग की महिला उद्यमिता से जुड़ सके। उन्होंने कहा कि “आज वह सपना साकार हो रहा है जहाँ पुरुष और महिला एक साथ खड़े होकर व्यवसाय चला रहे हैं। हमारा उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक, तकनीकी और सामाजिक रूप से इतना सशक्त बनाना है कि वे आने वाली पीढ़ियों के लिए रोल मॉडल बन सकें।
सीएम का पूनम शर्मा को विशेष सम्मान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम के दौरान फिक्की फ्लो की राष्ट्रीय अध्यक्ष पूनम शर्मा और उनकी टीम की सराहना करते हुए कहा कि देशभर में महिला उद्यमियों के कौशल विकास के लिए किया जा रहा यह कार्य अभूतपूर्व और प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार फिक्की फ्लो की हर रचनात्मक पहल में सहयोग देगी और महिलाओं के कौशल व सुरक्षा को और मजबूत बनाया जाएगा। यह सम्मेलन न सिर्फ उत्तर प्रदेश की बढ़ती महिला शक्ति का प्रदर्शन था, बल्कि यह इस बात का प्रमाण भी है कि राज्य महिलाओं के नेतृत्व, सुरक्षा और उद्यमिता को प्राथमिकता देते हुए एक नए अध्याय की ओर बढ़ रहा है।
प्रदेश समाचार / लखनऊ टीम
शत-प्रतिशत लंबित प्रकरणों को आगामी 20 नवंबर तक किया जाए निस्तारित – मुख्य सचिव एस.पी. गोयल
मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से सभी मंडलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों दिए दिशा-निर्देश
पीएम किसान योजना की अगली किश्त के लिए फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य
जिलाधिकारी व्यक्तिगत रुचि लेकर फॉर्मर रजिस्ट्री बनाने के कार्य में लाएं गति
लखनऊ। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से सभी मंडलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों के साथ बैठक कर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष से संबंधित लंबित प्रकरणों के त्वरित निस्तारण हेतु जिलाधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारियों द्वारा प्रत्येक सप्ताह बैठक आयोजित कर विभिन्न स्तरों पर लंबित प्रकरणों की समीक्षा की जाए और आगामी 20 नवंबर, 2025 तक शत-प्रतिशत प्रकरणों को अनिवार्य रूप से निस्तारित कराया जाए। इस संबंध में उन्होंने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा गया है कि कोई भी प्रकरण अनावश्यक रूप से किसी भी स्तर पर लंबित न रहे। यदि किसी प्रकरण को अनावश्यक रूप से अधिक समय तक लंबित रखा जाता है, तो संबंधित अधिकारी/कर्मचारी की जिम्मेदारी निर्धारित कर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फार्मर रजिस्ट्री पंजीकरण कराने वाले किसानों को ही मिलेगी किसान सम्मान निधि
पीएम किसान सम्मान निधि योजना के संबंध में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की अगली किश्त केवल उन्हीं किसानों को ही प्राप्त होगी, जिन्होंने फार्मर रजिस्ट्री में अपना पंजीकरण कराया होगा। अतः फार्मर रजिस्ट्री पंजीकरण के कार्य में तेजी लाना जरूरी है। जिलाधिकारी व्यक्तिगत रुचि लेकर इस कार्य को त्वरित गति से पूर्ण कराएं। उन्होंने यह भी कहा कि इस बारे में किसानों को जागरूक एवं फार्मर रजिस्ट्री में लगी टीमों को सक्रिय किया जाए। ग्राम स्तर पर कैंप आयोजित कर रजिस्ट्री प्रक्रिया को गति प्रदान की जाए। इस कार्य में पूर्ण पारदर्शिता एवं सतर्कता बरती जाए। कोई भी पात्र किसान फार्मर रजिस्ट्री के अभाव में पीएम किसान सम्मान निधि के लाभ से वंचित न रहे।
स्थल चयन की कार्यवाही शीघ्र पूर्ण करें
पंचायतीराज विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि जिन जनपदों द्वारा अंत्येष्टि स्थल, पंचायत उत्सव भवन तथा प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन यूनिट के लिए स्थल चयन की कार्यवाही अभी तक पूरी नहीं की गई है, वें स्थल चयन की कार्यवाही शीघ्र पूर्ण कर प्रस्ताव संबंधित विभाग कराएं। स्थल चयन में निर्धारित गाइडलाइन्स का अनुपालन सुनिश्चित करते हुए उपयुक्त स्थल का चयन किया जाए। जिन जनपदों में स्थल चयन एवं अन्य औपचारिकताएं पूर्ण हो चुकी हैं, उनके द्वारा निर्माण कार्य तत्काल प्रारम्भ कराया जाए। उन्होंने चयनित पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना के लिए आवश्यक हार्डवेयर, फर्नीचर, किताबों के लिए तत्काल कार्यादेश जारी करने के निर्देश दिए।
चिन्हित भूमि के क्रय प्रक्रिया में तेजी लायें
इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एण्ड लॉजिस्टिक क्लस्टर (आईएमएलसी) परियोजना के भूमि अधिग्रहण की प्रगति की समीक्षा के करते हुए उन्होंने चिन्हित भूमि के क्रय प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि शत-प्रतिशत भूमि का अधिग्रहण जल्द से जल्द पूरा किया जाए तथा आपसी सहमति से भूमि क्रय पर विशेष फोकस किया जाए। इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एण्ड लॉजिस्टिक क्लस्टर (आईएमएलसी) के लिए 27 जनपदों में 5143.8559 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है, जिसके सापेक्ष 81.35 प्रतिशत भूमि का अधिग्रहण हो चुका है। पूरे प्रदेश में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के 1,34,79,046 (54.28%) लाभार्थियों ने अभी तक फार्मर रजिस्ट्री के लिए पंजीकरण कराया है।
प्रथम चरण में लगभग 11 हजार ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित होगी
इससे पूर्व बैठक में बताया गया कि प्रथम चरण में लगभग 11 हजार ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की जाएगी, जो ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल और आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा देगी। अंत्येष्टि स्थल निर्माण योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1000 अंत्येष्टि स्थल निर्माण का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से 349 स्थलों का चयन जिलाधिकारी के अधीन गठित समित द्रारा किया गया है। इसमें से 213 स्थलों पर कार्य भी प्रारम्भ हो चुका है। इसी प्रकार 71 पंचायत उत्सव भवन के लक्ष्य के सापेक्ष 26 जनपदों से प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
बैठक में अपर मुख्य सचिव महिला कल्याण श्रीमती लीना जोहरी, प्रमुख सचिव पंचायती राज अनिल कुमार, प्रमुख सचिव कृषि रवीन्द्र , निदेशक पंचायतीराज अमित कुमार सिंह, अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी यूपीडा शशांक चौधरी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण आदि उपस्थित थे।
प्रदेश समाचार / लखनऊ टीम
उत्तर प्रदेश : सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारियों के निधन पर उनकी स्मृति में पुलिस मुख्यालय में शोक सभा आयोजित
पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश राजीव कृष्णा सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारीगण द्वारा दिवंगत पुलिस अधिकारियों को अर्पित की गयी श्रद्धांजलि
लखनऊ। दिनांक 28.10.2025 को पुलिस मुख्यालय, गोमतीनगर विस्तार, लखनऊ स्थित सभागार में विक्रमजीत सिंह सियाल सेवानिवृत्त पुलिस महानिदेशक के दिनांक : 07.10.2025 को, हरभजन सिंह सेवानिवृत्त पुलिस महानिरीक्षक के दिनॉकः 08.10.2025 को एवं ज्ञान सिंह सेवानिवृत्त पुलिस उपमहानिरीक्षक के दिनॉकः 25.10.2025 को हुये निधन के परिपेक्ष्य में शोक-सभा का आयोजन किया गया। जिसमे राजीव कृष्णा, पुलिस महानिदेशक, उ0प्र0 सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारीगण द्वारा दिवंगत पुलिस अधिकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की गयी। तत्पश्चात पुलिस महानिदेशक उ0प्र0 द्वारा दिवंगत पुलिस अधिकारियों का संक्षिप्त जीवन परिचय दिया गया।
दिवंगत विक्रमजीत सिंह सियाल मलिक का संक्षिप्त जीवन परिचय :-
दिवंगत बिक्रमजीत सिंह सियाल जी का जन्म 07 जुलाई 1935 को इलाहाबाद में हुआ था। दिवंगत बिक्रमजीत सिंह सियाल वर्ष 1959 में ‘‘भारतीय पुलिस सेवा में चयनित हुए थे । प्रशिक्षण के उपरान्त श्री सियाल, सहायक पुलिस अधीक्षक, पीटीसी मुरादाबाद, देहरादून, आगरा, अपर पुलिस अधीक्षक आगरा, अपर पुलिस अधीक्षक, प्रशिक्षण पीटीसी, माउन्ट आबू, सेनानायक, 26वीं वाहिनी पीएसी गोरखपुर, पुलिस अधीक्षक, आजमगढ़, रायबरेली, बरेली, सेनानायक, 36 सीआरपी नागालैण्ड, सेनानायक, 11वीं वाहिनी पीएसी सीतापुर, 12वीं वाहिनी पीएसी फतेहपुर, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वाराणसी के पदों पर नियुक्त रहे। वर्ष 1977 में ‘‘पुलिस उप महानिरीक्षक के पद पर प्रोन्नत होने के उपरान्त पुलिस उप महानिरीक्षक, रेलवे इलाहाबाद के पद पर नियुक्त रहते हुये वर्ष 1978 में केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति पर प्रस्थान कर गये। वर्ष 1984 में प्रतिनियुक्ति से वापस आने के फलस्वरूप पुलिस उप महानिरीक्षक, वाराणसी परिक्षेत्र के पद पर नियुक्त हुये तथा वहीं से पुनः वर्ष 1985 में केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति पर प्रस्थान कर गये। श्री सियाल केन्द्रीय प्रनियुक्ति पर पुलिस महानिदेशक एनएसजी के पद पर नियुक्त रहते हुये अपनी अधिवर्षता आयु पूर्ण कर 31 जुलाई 1993 को सेवानिवृत्त हुये। उनका दिनांकः 07.10.2025 को दुःखद निधन हो गया है। उन्होंने सेवाकाल में पूर्ण निष्ठा व लगन से कार्य सम्पादित कर पुलिस विभाग को गौरवान्वित किया है। श्री बिक्रमजीत सिंह सियाल जी का 34 वर्षां से अधिक का सेवाकाल उपलब्धियों से भरा रहा है। श्री बिक्रमजीत सिंह सियाल जी अपने पीछे पत्नी एवं एक पुत्र व दो पुत्री एवं भरापूरा परिवार छोड़ गये हैं। श्री सियाल जी को सेवाकाल के दौरान 15 अगस्त 1978 को दीर्घ एवं सराहनीय सेवाओं के लिये पुलिस पदक एवं 15 अगस्त 1986 को विशिष्ट सेवाओं के लिये राष्ट्रपति का पुलिस पदक प्रदान किया गया है। श्री बिक्रमजीत सिंह सियाल जी अपनी उक्त उपलब्धियों के लिये सदैव हमारी स्मृति में बने रहेंगे।
दिवगंत हरभजन सिंह जी का संक्षिप्त जीवन परिचय :-
दिवगंत हरभजन सिंह जी का जन्म 01 अपै्रल 1945 को जांलधर(पंजाब) में हुआ था। हरभजन सिंह जी वर्ष 1976 में ‘‘भारतीय पुलिस सेवा में चयनित हुए। प्रशिक्षण के उपरान्त श्री हरभजन सिंह, सहायक पुलिस अधीक्षक, जनपद आगरा, अपर पुलिस अधीक्षक सहारनपुर, पुलिस अधीक्षक, एण्टी डकैती ऑपरेशन, आगरा, पुलिस अधीक्षक, एस0ई0बी0 लखनऊ, पुलिस अधीक्षक, बहराइच, देवरिया, गाजीपुर, बस्ती, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, फैजाबाद, सहारनपुर, मैनपुरी, मेरठ, पुलिस अधीक्षक, सीबीसीआईडी लखनऊ, सेनानायक, 27वीं वाहिनी पीएसी सीतापुर, 32वीं वाहिनी पीएसी लखनऊ एवं पीटीएस मुरादाबाद के पद पर नियुक्त रहे। वर्ष 1994 में ‘‘पुलिस उप महानिरीक्षक के पद पर प्रोन्नत होने के उपरान्त पुलिस उप महानिरीक्षक, एसपीएफ मुरादाबाद, पीएसी सेक्टर आगरा, मेरठ, पुलिस उप महानिरीक्षक(कार्मिक), उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय इलाहाबाद, पुलिस उप महानिरीक्षक, फैजाबाद परिक्षेत्र, सहारनुपर परिक्षेत्र, कुमायूँ परिक्षेत्र नैनीताल के पद पर नियुक्त रहे। वर्ष 1998 में ‘‘पुलिस महानिरीक्षक के पद पर प्रोन्नत होने के उपरान्त पुलिस महानिरीक्षक, अभिसूचना मुख्यालय लखनऊ, पुलिस महानिरीक्षक इलाहाबाद जोन, वाराणसी जोन, लखनऊ जोन, बरेली जोन, पुलिस महानिरीक्षक तकनीकी सेवायें लखनऊ, पीएसी मुख्यालय लखनऊ, मानवाधिकार लखनऊ, पीएसी पश्चिमी जोन मुरादाबाद, पुलिस महानिरीक्षक(प्रशासन) उ0प्र0, पुलिस महानिरीक्षक, भवन एवं कल्याण उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय इलाहाबाद, पुलिस महानिरीक्षक, होमगार्डस मुख्यालय लखनऊ के पद पर नियुक्त रहे। दिसम्बर 2004 में पुलिस महानिरीक्षक, मेरठ जोन के पद पर नियुक्त रहते हुये 31 मार्च 2005 में अपनी अधिवर्षता आयु पूर्णकर सेवानिवृत्त हुये। श्री हरभजन सिंह जी का दिनांकः 08.10.2025 को दुःखद निधन हो गया है। उन्होंने सेवाकाल में पूर्ण निष्ठा व लगन से कार्य सम्पादित कर पुलिस विभाग को गौरवान्वित किया है। श्री हरभजन सिंह जी का 28 वर्षां से अधिक का सेवाकाल उपलब्धियों से भरा रहा है। श्री हरभजन सिंह जी अपने पीछे दो पुत्र एवं एक पुत्री व भरापूरा परिवार छोड़ गये हैं। श्री हरभजन सिंह जी को सेवाकाल के दौरान गणतन्त्र दिवस 1999 के अवसर पर दीर्घ एवं सराहनीय सेवाओं के लिये पुलिस पदक प्रदान किया गया है। श्री हरभजन सिंह जी अपनी उक्त उपलब्धियों के लिये सदैव हमारी स्मृति में बने रहेंगे।
दिवगंत ज्ञान सिंह जी का संक्षिप्त जीवन परिचय :-
दिवगंत ज्ञान सिंह जी का जन्म 01 जुलाई 1953 को इलाहाबाद में हुआ था। दिवगंत ज्ञान सिंह जी वर्ष 1980 में ‘‘प्रान्तीय पुलिस सेवा में चयनित हुए। प्रशिक्षण के उपरान्त श्री ज्ञान सिंह, पुलिस उपाधीक्षक, जनपद मैनपुरी, एसपीएफ मुरादाबाद, झांसी, देवरिया, अभिसूचना लखनऊ, अभिसूचना वाराणसी के पदों पर नियुक्त रहे। वर्ष 1992 में ‘‘अपर पुलिस अधीक्षक के पद पर प्रोन्नत होने के उपरान्त अपर पुलिस अधीक्षक, जनपद आगरा, गोरखपुर, अम्बेडकरनगर, बदायूँ, चन्दौली, पीलीभीत, इटावा, सहारनपुर, अपर पुलिस अधीक्षक(क्षेत्रीय) अभिसूचना बरेली, अपर पुलिस अधीक्षक, ग्रामीण मुरादाबाद, ग्रामीण सहारनपुर, अपर पुलिस अधीक्षक सतर्कता अधिष्ठान लखनऊ, उप सेनानायक, 23वीं वाहिनी पीएसी मुरादाबाद के पदों पर नियुक्त रहे। वर्ष 2004 में ‘‘भारतीय पुलिस सेवा में प्रोन्नत होने के उपरान्त पुलिस अधीक्षक, उ0प्र0 पुलिस इण्टर स्टेट बार्डर फोर्स सब सेक्टर झांसी, पुलिस अधीक्षक, अम्बेडकरनगर, देवरिया, महोबा, बिजनौर, कुशीनगर, मऊ, बस्ती, हरदोई, पुलिस अधीक्षक/उप प्रधानाचार्य एटीसी सीतापुर एवं पीटीसी सीतापुर, पुलिस अधीक्षक अभिसूचना मुख्यालय लखनऊ एवं सेनानायक, 43वीं वाहिनी पीएसी एटा के पद पर नियुक्त रहे। वर्ष 2010 में ‘‘पुलिस उप महानिरीक्षक के पद पर प्रोन्नत होने के उपरान्त पुलिस उप महानिरीक्षक, बस्ती परिक्षेत्र, पुलिस उप महानिरीक्षक, रेलवे लखनऊ, पुलिस उप महानिरीक्षक, होमगार्डस के पद पर नियुक्त रहे, जहाँ से अपनी अधिवर्षता आयु पूर्णकर 30 जून 2013 को सेवानिवृत्त हुये। श्री ज्ञान सिंह जी का दिनांकः 25.10.2025 को दुःखद निधन हो गया है। श्री ज्ञान सिंह जी अपने पीछे एक पुत्र एवं एक पुत्री व भरापूरा परिवार छोड़ गये हैं।श्री ज्ञान सिंह जी को सेवाकाल के दौरान स्वतन्त्रता दिवस 2011 के अवसर पर दीर्घ एवं सराहनीय सेवाओं के लिये पुलिस पदक प्रदान किया गया है। श्री ज्ञान सिंह जी अपनी उक्त उपलब्धियों के लिये सदैव हमारी स्मृति में बने रहेंगे।
प्रदेश समाचार / लखनऊ टीम
सरकार ने किया बड़ा फेरबदल ,उत्तर प्रदेश में 46 IAS अफसरों के तबादले
ललितपुर , कौशांबी-श्रावस्ती-रामपुर, बस्ती और बलरामपुर के DM बदले, राजेश कुमार होंगे मिर्जापुर के नए कमिश्नर , झांसी नगरआयुक्त होंगी आकांक्षा राणा ,
वाराणसी के सीडीओ होंगे प्रखर सिंह, अश्विनी कुमार बने श्रावस्ती के डीएम, कृत्तिका ज्योत्सना होंगी बस्ती की नई जिलाधिकारी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के मकसद से 46 आईएएस अफसरों का तबादला कर दिया है। कई प्रमुख पदों पर बदलाव किया गया है. इनमें मंडलायुक्त, जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी जैसे पद शामिल हैं. राजेश कुमार को मिर्जापुर का कमिश्नर बनाया गया है. जबकि प्रखर सिंह को बनारस का सीडीओ बनाया गया है. कौशांबी, श्रावस्ती-रामपुर, बस्ती और बलरामपुर के DM भी बदल दिए गए हैं. सूची के अनुसार राजेश कुमार को मिर्जापुर का नया मंडलायुक्त नियुक्त किया गया है. वे पूर्व में भी कई महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं. उनकी नियुक्ति से मिर्जापुर मंडल में विकास परियोजनाओं को गति मिलने की उम्मीद है. वहीं, मौजूदा मिर्जापुर कमिश्नर आईएएस बालकृष्ण त्रिपाठी का तबादला कर उन्हें सचिवालय सामान्य प्रशासन विभाग का सचिव बनाया गया है. उनकी जगह राजेश कुमार की नियुक्ति की गई है. जिलाधिकारियों के स्तर पर भी बड़े बदलाव हुए हैं. इसके अलावा प्रखर सिंह को वाराणसी का मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) बनाया गया है. वाराणसी जैसे धार्मिक और पर्यटन महत्व के शहर में उनकी नियुक्ति से स्मार्ट सिटी परियोजनाओं, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और गंगा सफाई जैसे कार्यों में तेजी आएगी।
वंदिता श्रीवास्तव होंगी कुशीनगर की नई सीडीओ : धनलक्ष्मी को डीजी मत्स्य बनाया गया है. IAS वन्दिता श्रीवास्तव को CDO कुशीनगर बनाया गया है. IAS पूर्ण वोहरा वाराणसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बनाए गए हैं. प्रमुख सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक एम देवराज ने बताया कि यह तबादला सूची राज्य सरकार की नियमित समीक्षा का हिस्सा है, जिसमें अधिकारियों की कार्यक्षमता, अनुभव और जरूरतों को ध्यान में रखा जाता है. कुल 46 अधिकारियों का तबादला किया गया है।
डॉ. रूपेश कुमार बने सहारनपुर के कमिश्नर : सार्वजनिक उद्यम महानिदेशक संजय कुमार को मौजूदा पद के साथ यूपी मानवाधिकार आयोग का सचिव भी बनाया गया है. डॉ. रूपेश कुमार को मंडलायुक्त सहारनपुर बनाया गया है. इसी कड़ी में अटल कुमार राय को गृह विभाग का सचिव बनाया गया है. भानु चंद्र गोस्वामी को मेरठ का कमिश्नर बनाया गया है।
अतुल वत्स होंगे हाथरस के डीएम : अतुल वत्स को हाथरस का जिलाधिकारी बनाया गया है. हिमांशु नागपाल को वाराणसी का नगर आयुक्त बनाया गया है. योगेंद्र कुमार को अलीगढ़ का मुख्य विकास अधिकारी बनाया गया है. राजा गणपति आर को सीतापुर का डीएम बनाया गया है. कृत्तिका ज्योत्सना को बस्ती का डीएम बनाया गया है।
शिव शरण अप्पा जीएन बने सिद्धार्थनगर के डीएम : शिव शरण अप्पा जीएन को सिद्धार्थनगर का डीएम बनाया गया है. पुलकित गर्ग को चित्रकूट का डीएम बनाया गया है. पूर्ण बोहरा को वाराणसी विकास प्राधिकर का उपाध्यक्ष बनाया गया है. रणविजय सिंह को बिजनौर का सीडीओ बनाया गया है. गुंजन द्विवेदी को फिरोजाबाद का नगर आयुक्त बनाया गया है।
अमित पाल बने कौशांबी के जिलाधिकारी : इसी कड़ी में अमित पाल को कौशांबी का डीएम बनाया गया है. महेंद्र कुमार सिंह को रामपुर का सीडीओ बनाया गया है. विपिन कुमार जैन को बलरामपुर का डीएम बनाया गया है।
झाँसी की नगर आयुक्त बनी आकांक्षा राणा तो सत्यप्रकाश होंगे ललितपुर डी एम
आकांक्षा राणा को झांसी का नगर आयुक्त बनाया गया है। सत्य प्रकाश को ललितपुर का डीएम बनाया गया है।अश्विनी कुमार को श्रावस्ती का डीएम बनाया गया है. अजय कुमार द्विवेदी को रामपुर का डीएम बनाया गया है. गुलाब चंद्र को महराजगंज का सीडीओ बनाया गया है. सचिन कुमार सिंह को अमेठी का सीडीओ बनाया गया है.
प्रदेश समाचार / लखनऊ टीम
झाँसी के नये खनिज अधिकारी होंगे शैलेंद्र सिंह पटेल, आखिर भर त्यौहार क्यों किया गया तबादला ?
खनिकर्म विभाग ने किया फेरबदल , झांसी के खनिज अधिकारी का तबादला
सोनभद्र में खनन पट्टा और परमिट संबन्धी मामला गरमाया
लखनऊ । उत्तर प्रदेश के भू तत्व एवं खनिकर्म विभाग ने प्रशासनिक फेरबदल किया है। सोनभद्र में तैनात खनन अधिकारी शैलेंद्र सिंह पटेल को झांसी तबादला कर दिया गया है। उनकी जगह पर मुख्यालय से कमल कश्यप को सोनभद्र का नया खान अधिकारी नियुक्त किया गया है। यह तैनाती ऐसे समय में हुई है जब अवकाश और दीपावली का त्यौहार चल रहा है। इस फेरबदल से ऐसा महसूस किया जा रहा है जैसे जनपद सोनभद्र में कुछ विवाद गहराया हो। हालांकि जनपद सौभद्र में काफी दिनों से खनन पट्टा और परमिट से संबंधित मामला गरमाया हुआ था जिसमे बालू खनन भी शामिल है। बताया गया कि नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट में जनपद सोनभद्र में खनन कार्यों को लेकर कई खुलासे किए गए थे।
जानकारी के मुताविक खनन अधिकारी शैलेंद्र कुमार पटेल पर कई आरोप लगे थे। सोनभद्र के कई मीडिया संस्थानों में उनसे जुड़ी खबरें सामने आई थीं, जिनमें ओवरलोडिंग और बिना एमएम-11 के वाहनों का संचालन शामिल था। उन पर पत्थर खनन पट्टों में एक वर्ष के बजाय एक महीने का एमएम-11 जारी कर पूरे वर्ष बिना परमिट के खनन की अनुमति देने के भी आरोप थे। शिकायतों के बावजूद, शैलेंद्र कुमार पटेल ने ऐसे खननकर्ताओं पर कोई कार्रवाई नहीं की, जो परमिट निकालकर एक महीने में ही बेच दिया करते थे। मालूम हो कि जेष्ठ खान अधिकारी शैलेंद्र सिंह के खिलाफ कई मामले चल रहे थे, मिर्जापुर में तैनाती के दौरान 16 लाख घन मीटर इमारती पत्थर का खनन करवाया था जिसकी जाँच चल रही है और इन्हें सोनभद्र की पोस्टिंग दे दी गई थी। लगभग 1 साल से सोनभद्र में पोस्टिंग के दौरान काफी मामले हुए है जिनकी शिकायत शासन से हुयी है। फिलहाल इन्हें झांसी का जेष्ठ खान अधिकारी बनाया गया है। क्योकिं शैलेन्द्र सिंह काफी गैटिंग सैटिंग वाले अधिकारी है।हालांकि सूत्रों का कहना है कि शासन ने यह कार्रवाई शासकीय कार्यहित में तात्कालिक प्रभाव से की है। मंगलवार 21 अक्टूबर 2025 को जारी इस आदेश पर सचिव माला श्रीवास्तव और उप सचिव दिलीप कुमार शुक्ला के डिजिटल हस्ताक्षर अंकित हैं।शासनादेश में कहा गया है कि शैलेन्द्र सिंह तत्काल अपने नये तैनाती स्थल झांसी में कार्यभार ग्रहण करें और उसका विवरण शासन व भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय, लखनऊ को उपलब्ध कराएं। आदेश की प्रतिलिपि निदेशक, मण्डलायुक्त मिर्जापुर-झांसी, जिलाधिकारी सोनभद्र-झांसी और संबंधित कोषाधिकारी को भी भेजी गई है।
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